कतर में हिरासत में लिए गए 8 भारतीयों के मुद्दों को भारत ने उठाया, विदेश मंत्रालय ने दी जानकारी

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कतर में पूर्व नौसैनिक अधिकारियों की गिरफ्तारी को लेकर विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी. (Photo-twitter ANI)

कतर में पूर्व नौसैनिक अधिकारियों की गिरफ्तारी को लेकर विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी. (Photo-twitter ANI)

गुरुवार को विदेश मंत्रालय ने जानकारी देते हुए बताया कि नौसेना के 8 पूर्व अधिकारियों को हिरासत में लिए जाने के मुद्दे को ...अधिक पढ़ें

भाषाLast Updated : November 24, 2022, 21:32 ISTEditor default picture

नई दिल्ली. भारत ने बृहस्पतिवार को कहा कि कतर में भारतीय नौसेना के आठ पूर्व कर्मियों को हिरासत में लिए जाने के मामले को वहां के प्रशासन के समक्ष लगातार उठाया गया है और हिरासत में बंद भारतीयों को अधिक राजनयिक पहुंच उपलब्ध कराने के लिये प्रयास जारी है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता में कहा, ‘‘ हम इस मामले पर ‘बहुत करीब से’ नजर रखे हुए हैं। दोहा में हमारा दूतावास स्थानीय अधिकारियों के नियमित संपर्क में है।’’

इन भारतीय नागरिकों को हिरासत में लेने के कारणों के बारे में पूछे जाने पर प्रवक्ता ने कहा कि इन्हें हिरासत में लेने या गिरफ्तार किये जाने के कारणों के बारे में कतर प्रशासन से पूछा जाए. उन्होंने कहा कि मंत्रालय नियमित रूप से इस मुद्दे को कतर प्रशासन के समक्ष उठा रहा है तथा इनके परिवार के कुछ लोगों को मिलने के लिये आने की अनुमति दी गई.

बागची ने कहा कि मंत्रालय और राजनयिक पहुंच उपलब्ध कराने की मांग कर रहा है और इस बारे में अधिक जानकारी मिलने पर बतायेंगे. इस विषय को उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के हाल की कतर यात्रा के दौरान उठाये जाने को लेकर एक सवाल के जवाब में प्रवक्ता ने कहा कि उन्होंने कभी यह नहीं कहा कि उपराष्ट्रपति ने इसे उठाया. उन्होंने कहा कि जहां तक उपराष्ट्रपति धनखड़ की यात्रा का सवाल है, वे कतर के अमीर शेख तामीम बिन हमाद अल थानी के निमंत्रण पर फीफा विश्वकप फुटबॉल प्रतियोगिता समारोह में हिस्सा लेने गए थे.

प्रवक्ता ने कहा कि उपराष्ट्रपति ने इस दौरान भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात की। उनकी यात्रा का कार्यक्रम छोटा था और इस दौरान अमीर से उनकी संक्षिप्त मुलाकात हुई. ज्ञात हो कि कतर में हिरासत में लिये गये लोग दाहरा ग्लोबल टेक्नॉलोजी एंड कंसलटेंसी के लिए काम कर रहे थे. यह एक निजी कंपनी है.

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Tags: Foreign Ministry, Qatar

FIRST PUBLISHED :

November 24, 2022, 21:30 IST

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