विकराल हुआ चक्रवात 'गुलाब' आंध्र में तूफान से दो मछुआरों की मौत, एक लापता

3 weeks ago

गुलाब तूफान की वजह से आंध्र प्रदेश के कई जिलों में लगातार मध्यम से भारी बारिश हो रही है. (फाइल फोटो)

गुलाब तूफान की वजह से आंध्र प्रदेश के कई जिलों में लगातार मध्यम से भारी बारिश हो रही है. (फाइल फोटो)

Cyclone Gulab Landfall Update: चक्रवाती तूफान गुलाब ने ओडिशा और आंध्र के तट पर दस्तक दे दी है. तूफान के प्रभाव के कारण तेज हवाएं चल रही हैं. तूफान के कारण हजारों लोगों को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया है. एनडीआरएफ की टीम भी तैनात की गई है.

भाषाLast Updated : September 26, 2021, 21:08 IST

अमरावती: आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले के रहने वाले दो मछुआरों की रविवार शाम को बंगाल की खाड़ी में उठे ‘गुलाब’ तूफान (Cyclone Gulab) की चपेट में आने से मौत हो गई जबकि एक अब भी लापता है. वहीं, तीन अन्य मछुआरे सुरक्षित तट पर आने में सफल रहे और उन्होंने अक्कुपल्ली गांव से राज्य के मत्स्यपालन मंत्री एस अप्पाला राजू को फोन कर स्वयं के सुरक्षित होने की जानकारी दी.

इस बीच, भारत के मौसम विभाग (IMD) ने सूचित किया कि तूफान ने तट पर दस्तक देना शुरू कर दिया है और यह अगले तीन घंटे में कलिंगपटनम से 25 किलोमीटर उत्तर में तट से गुजरेगा. जानकारी के मुताबिक पलासा के छह मछुआरे ओडिशा से दो दिन पहले नई नाव खरीद कर अपने पैतृक गांव लौट रहे थे कि तभी वे तूफान से घिर गए. नाव में सवार छह मछुआरों में से एक ने गांव में फोन कर बताया कि नाव संतुलन खो चुकी है और पांच लोग समुद्र में लापता हो गए हैं. बाद में उसका फोन भी बंद आने लगा जिससे आशंका पैदा हुई कि वह भी लापता हो गया है.

हालांकि, तीन मछुआरे तैरकर सुरक्षित तट पर आ गए जबकि दो मछुआरों की मौत हो गई. गांव में फोन कर सूचित करने वाला मछुआरा अब भी लापता है और उसके साथियों को आशंका है कि वह नाव में फंस गया होगा. राज्य के मत्स्यपालन मंत्री एस अप्पाला राजू के संज्ञान में जब मामला आया तो उन्होंने तत्काल नौसेना के अधिकरियों को मछुआरों की तलाश और बचाव कार्य में मदद करने को कहा.

गौरतलब है कि गुलाब तूफान की वजह से आंध्र प्रदेश के तीन तटीय जिलों विशाखापत्तनम, विजयनगरम और श्रीकाकुलम में मध्यम से भारी बारिश हो रही है. आंध्र प्रदेश के राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के आयुक्त के कन्ना बाबू ने बताया कि गुलाब तूफान श्रीकाकुलम जिले के कलिंगपटनम से करीब 85 किलोमीटर दूर अवस्थित है और इसके कलिंगपटनम और ओडिशा के गोपालपुर के बीच मध्य रात्रि में तट से टकराने की संभावना है. उन्होंने विशाखापत्तनम में जिलाधिकारियों और अन्य अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और उन्हें हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया.

बाबू ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीम पहले ही तीनों तटीय जिलों में बचाव एवं राहत कार्य के लिए तैनात है. श्रीकाकुलम जिले के जिलाधिकारी एल श्रीकेश बालाजी राव के मुताबिक वज्रपुकोतुरु मंडल के 182 लोगों को राहत शिविरों में भेजा गया है.

इस बीच, दक्षिण मध्य रेलवे ने एक विज्ञप्ति जारी कर सूचित किया कि तूफान की वजह से विजयवाड़ा-हावड़ा मार्ग की आठ रेल गाड़ियों का रास्ता बदलकर खडगपुर-झारसुगुडा, बिलासपुर और बल्लारशाह के रास्ते चलाने का फैसला किया गया है. वहीं, दो रेल गाड़ियां जो रविवार को रवाना होने वाली थीं उनके समय में परिवर्तन किया गया है और अब वे सोमवार को रवाना होंगी.

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