इमरान खान के सलाहकार का बड़ा आरोप- भारत के साथ मिलकर चीन के CPEC को बर्बाद करना चाहता है अमेरिका

1 month ago

सीपीईसी पाकिस्तान और चीन की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है. (फाइल फोटो)

सीपीईसी पाकिस्तान और चीन की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है. (फाइल फोटो)

Pakistan : सीपीईसी मामलों पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के विशेष सहायक खालिद मंसूर ने कराची में सीपीईसी शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, 'उभरती हुई भू-रणनीतिक स्थिति के दृष्टिकोण से एक बात साफ है कि भारत द्वारा समर्थित अमेरिका सीपीईसी का विरोधी है.'

News18HindiLast Updated : October 24, 2021, 18:44 IST

इस्लामाबाद. चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) प्राधिकरण के प्रमुख खालिद मंसूर ने अरबों डॉलर की परियोजना के खिलाफ साजिश के आरोप में अमेरिका पर निशाना साधा. इंस्टीट्यूट ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में सीपीईसी शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए सीपीईसी मामलों पर प्रधानमंत्री के विशेष सहायक ने अमेरिका पर भारत के साथ मिलकर सीपीईसी के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया. सीपीईसी पाकिस्तान और चीन की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है जिसके तहत चीन से पाकिस्तान तक कई अहम प्रोजेक्ट्स का निर्माण किया जा रहा है.

सीपीईसी चीन की बेल्ट एंड रोड पहल (बीआरआई) का हिस्सा है. बीआरआई के तहत चीन सरकार करीब 70 देशों में भारी निवेश कर रही है. खालिद मंसूर ने कहा कि अमेरिका और भारत द्वारा पाकिस्तान को चीन के बीआरआई सेबाहर रखने के लिए चालें चली जा रही हैं. जानकारी के लिए बता दें कि इस परियोजना को पाकिस्तान की आर्थिक जीवनरेखा करार दिया गया है. महत्वाकांक्षी सीपीईसी परियोजना 2015 में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग की पाकिस्तान यात्रा के दौरान शुरू की गई थी.

क्या है चीन पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर?
जानकारी के लिए बता दें कि चीन पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर या सीपीईसी चीन का महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट है. ये प्रोजेक्ट पाकिस्तान द्वारा अधिकृत कश्मीर और अक्साई चीन के विवादित इलाकों से होकर गुजराता है. पाकिस्तान, चीन जहां इस प्रोजेक्ट को महत्वपूर्ण मानता है, वहीं भारत इसका विरोध करता हुआ है.

मुख्य तौर पर यह एक हाइवे और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है जो चीन के काशगर प्रांत को पाकिस्तान के ग्वारदर पोर्ट से जोड़ेगा.

(इनपुटः भाषा)

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