500 से ज्‍यादा घर क्‍यों हुए खाली? जानें हल्‍द्वानी ह‍िंसा के 5 बड़े अपडेट

3 weeks ago

उत्तराखंड के हल्‍द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में 8 फरवरी को भड़की ह‍िंसा के पांच द‍िन बाद हालात समान्‍य होने लगे हैं.

उत्तराखंड के हल्‍द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में 8 फरवरी को भड़की ह‍िंसा के पांच द‍िन बाद हालात समान्‍य होने लगे हैं.

उत्तराखंड के हल्‍द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में 8 फरवरी को भड़की ह‍िंसा के पांच द‍िन बाद हालात समान्‍य होने लगे हैं. अधिकारियों ने बताया कि बनभूलपुरा क्षेत्र को छोड़कर शेष हल्द्वानी से कर्फ्यू हटा लिया गया है, जिसके बाद प्रशासन ने आवश्यक सेवाओं को सुव्यवस्थित करना शुरू कर दिया है. डीएम ने कहा है क‍ि हल्द्वानी में बसें, ट्रेनें और अन्य आवश्यक सेवाएं शुरू कर दी गई हैं. स्कूल और बाजार खुल गए हैं. प्रतिबंध बनभूलपुरा तक सीमित हैं. एसएसपी मीना ने कहा कि कर्फ्यू प्रभावित क्षेत्र के निवासियों को आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति की जा रही है और जल्द ही उन्हें और सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी. मीना ने कहा, बनभूलपुरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और क्षेत्र में मेडिकल स्टोर खोल दिए गए हैं और निवासियों को गैस सिलेंडर की आपूर्ति भी की जा रही है. कुमाऊं मंडल विकास निगम के महाप्रबंधक एपी वाजपेयी ने कहा कि किदवई नगर, इंदिरा नगर और नई बस्ती जैसे अन्य कर्फ्यू प्रभावित क्षेत्रों में भी गैस सिलेंडर वितरित किए जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि इसके साथ ही बनभूलपुरा क्षेत्र में सब्जी, दूध और अन्य आवश्यक वस्तुओं के विक्रेताओं को अनुमति दी जा रही है.

मुख्यमंत्री पुष्‍कर स‍िंह धामी ने कहा है क‍ि सोमवार को बनभूलपुरा क्षेत्र में अतिरिक्त अर्धसैनिक बल तैनात किए गए और स्थिति ‘सामान्य और नियंत्रण में’ है. उन्होंने कहा कि कर्फ्यू प्रतिबंध अब हलद्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र तक ही सीमित हैं. 8 फरवरी के दंगे में पुलिस कर्मियों और नगर निगम कर्मियों पर हमला किया गया और एक पुलिस स्टेशन में आग लगा दी गई. नारी शक्ति महोत्सव में हिस्सा लेने आए मुख्यमंत्री ने हलद्वानी हिंसा का जिक्र करते हुए कहा कि जिस तरह से पुलिस कर्मियों और पत्रकारों पर ‘अनियंत्रित तत्वों ने हमला किया’, उसकी जितनी निंदा की जाए कम है. मदरसे और प्रार्थना के लिए इस्तेमाल की जाने वाली निकटवर्ती संरचना के विध्वंस के दौरान हुई हिंसा में पांच कथित दंगाइयों सहित छह लोगों की मौत हो गई, जबकि 60 लोग घायल हो गए.

बनभूलपुरा ह‍िंसा के पांच बड़े अपडेट

सीएम धामी ने कहा कि बनभूलपुरा के 'मलिक का बगीचा' क्षेत्र में विध्वंस अभियान के दौरान कई एकड़ भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया. उन्‍होंने कहा क‍ि मैं आज मां गंगा के पवित्र तट से घोषणा करता हूं कि उस स्थान पर एक पुलिस स्टेशन बनाया जाएगा. मुख्यमंत्री ने दोहराया कि सरकार हिंसा के ऐसे कृत्यों को बर्दाश्त नहीं करेगी और पुलिस घटना में शामिल लोगों को गिरफ्तार करने के लिए लगातार काम कर रही है. उन्होंने कहा है क‍ि कानून अपना काम कर रहा है. जो कोई भी इस साजिश के पीछे था, उसे जल्द ही जनता के सामने लाया जाएगा.

हल्द्वानी हिंसा मामले के मास्टरमाइंड कहे जाने वाले अब्दुल मलिक को हल्द्वानी नगर निगम के नगर आयुक्त ने 2.44 करोड़ के नुकसान की वसूली का नोटिस भेजा है. अब्दुल मलिक को 15 फरवरी तक नुकसान की भरपाई का समय दिया गया है. इस नुकसान में हिंसा में क्षतिग्रस्त हुए सरकारी वाहन और अन्य सामान शामिल है जिसका ब्यौरा नोटिस में शामिल है. नगर निगम के अधिकारी को कहना है कि यह नोटिस सिर्फ नगर निगम की नुकसान की भरपाई का है बाकी नुकसान हल्द्वानी प्रशासन की तरफ बताया जाएगा.

बनभूलपुरा हिंसा के बाद प्रशासन का एक्शन जारी है और DM वंदना ने बनभूलपुरा गन लाइसेंस निरस्त किए हैं. बनभूलपुरा थाना इलाके के 120 गन लाइसेंस निरस्त किए गए हैं. 8 फरवरी की हिंसा के बाद DM ने फैसला लिया.

हल्द्वानी हिंसा के कई आरोपी अब भी फरार हैं. ह‍िंसा के आरोपी बनभूलपुरा में घरों को छोड़ फरार हो गए हैं. तलाशी के दौरान पुलिस को घर खाली मिल रहे हैं. 500 से ज्यादा दंगाई घरों को छोड़ फरार हो गए हैं. मलिक का बगीचा, इंदिरा नगर, छोटी लाइन, बड़ी लाइन इलाके में कई घर खाली हैं. ताला बंद कर परिवार समेत आरोपी फरार हो गए हैं. ज्यादातर आरोपियों के हल्द्वानी छोड़ यूपी भागने की खबर है. पुलिस की 12 टीमें अलग-अलग शहरों में दब‍िश दे रही है. यूपी के बरेली में सबसे ज्यादा दंगाइयों के छिपे होने की सूचना है.

हल्द्वानी के बनभूलपुरा हिंसा अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष मजहर नईम नवाब ने बड़ा बयान द‍िया है. उन्‍होंने कहा है क‍ि मलिक के बगीचे में बनी बिल्डिंग मस्जिद नहीं थी. मस्जिद में जुमा नहीं कायम किया गया था. बिना जुमा कायम किए जुमा नहीं हो सकती. मदरसे का नहीं था कोई रजिस्ट्रेशन और धार्मिक आड़ में लोगों को भड़काने का काम किया गया. अल्पसंख्यक आयोग ने दस्तावेजों की जांच कराई है.

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FIRST PUBLISHED :

February 12, 2024, 20:52 IST

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