KGMU News: 20 साल से MBBS में फेल हो रहे स्टूडेंट्स के लिए अंतिम मौका, इस बार चूके तो...

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King George's Medical University in Lucknow: लखनऊ की किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी ने पिछले 20-22 साल से लगातार एमबीबीएस में फेल हो रहे 37 छात्र- छात्राओं को अब बाहर निकालने का फैसला लिया है. जानें क्‍यों लिया गया है यह फैसला?

News18 Uttar PradeshLast Updated : August 18, 2022, 13:01 ISTEditor picture

रिपोर्ट- अंजलि सिंह राजपूत

लखनऊ. किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी ने पिछले 20-22 साल से लगातार एमबीबीएस में फेल हो रहे 37 छात्र-छात्राओं को अब बाहर निकालने का फैसला लिया है. यह फैसला नेशनल मेडिकल कमीशन के 2019 के नियम के अनुसार लिया गया है, जिसमें यह आदेश दिया है कि मेडिकल के छात्र-छात्राएं अगर 4 साल तक लगातार एमबीबीएस के पहले चरण में ही फेल हो जाते हैं तो उन्हें बाहर किया जा सकता है. इसी फैसले के तहत केजीएमयू अब कठोर कदम उठाने जा रहा है.

हालांकि केजीएमयू की ओर से जो छात्र-छात्राएं 2009 से लेकर 2019 के बीच के हैं उन्हें लखनऊ विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार 5 साल दिए जाएंगे, लेकिन जो छात्र-छात्राएं 2009 के पहले के हैं उन्हें दो मर्सी अटेम्प्ट यानी दया के प्रयास के तहत उन्हें परीक्षाएं देने का मौका मिलेगा. हालांकि इससे पहले उन्हें 6 महीने तक लगातार कक्षाओं में उपस्थित होना होगा. 6 महीने तक उनकी अटेंडेंस फुल होनी चाहिए. उन्हें अपनी ट्यूशन फीस और एग्जाम फीस पूरी भरनी होगी. अगर इन दो अवसर दिए जाने के बाद भी ऐसे छात्र-छात्राएं फेल हो जाते हैं तो उनको कोई और अपना विकल्प करियर के तौर पर चुनना होगा, क्योंकि इसके बाद केजीएमयू की ओर से ऐसे छात्र-छात्राओं को किसी भी प्रकार का कोई भी अवसर नहीं दिया जाएगा.

शादी हो चुकी है ऐसे कई छात्र-छात्राओं की
केजीएमयू में लगातार 20-22 सालों से फेल हो रहे छात्र-छात्राओं की शादी भी हो चुकी है. उनके बच्चे भी हैं, जो कि स्कूल जाते हैं, लेकिन उनके माता-पिता अभी तक मेडिकल की पढ़ाई पास नहीं कर पा रहे हैं. ऐसे छात्र-छात्राओं को केजीएमयू की ओर से कई मौके दिए गए. उनके लिए अतिरिक्त कक्षाएं लगाई गई. इतना ही नहीं एक समिति का गठन कर उनकी काउंसलिंग की गई.उन्हें हर संभव सुविधाएं दी गई. इन सब के बावजूद छात्र-छात्राएं डिग्री हासिल नहीं कर सके.

नियमों के अनुसार उठाए जा रहे हैं कदम
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. बिपिन पुरी ने बताया कि पिछले 20-22 साल से ऐसे छात्र-छात्राएं हैं जो लगातार एमबीबीएस की डिग्री पूरी नहीं कर पाए हैं. ऐसे छात्र छात्राओं को नेशनल मेडिकल कमीशन 2019 के नियम के अनुसार उन्हें अब और कोई मौका नहीं देंगे. हालांकि केजीएमयू 2009 से लेकर 2019 तक के छात्र छात्राओं को लखनऊ यूनिवर्सिटी नियम के अनुसार 5 साल देगा ताकि वह एमबीबीएस की परीक्षा उत्तीर्ण कर डॉक्टर बन जाएं, लेकिन जो 2009 के पहले के छात्र-छात्राएं हैं और जो लगातार फेल हो रहे हैं उन्हें दो मर्सी अटेम्प्ट दिए जायेंगे. दया के प्रयास के तहत परीक्षा देने का अवसर दिया जाएगा जिसके तहत इनको 6 महीने तक कक्षा में लगातार उपस्थित होना होगा. इन 2 मौकों के बाद अगर यह छात्र-छात्राएं फेल हो जाते हैं तो इनको कोई भी अवसर नहीं दिया जाएगा. मजबूरन इन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा.

King Georges Medical University in Lucknow

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Tags: KGMU Student, Lucknow city, MBBS student

FIRST PUBLISHED :

August 18, 2022, 13:01 IST

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