Noida: इस फसल पर कीटनाशकों का इस्तेमाल हुआ प्रतिबंधित, विदेशों से शिकायत आने पर फैसला

1 month ago

कृषि रक्षा अधिकारी विनोद कुमार 

कृषि रक्षा अधिकारी विनोद कुमार 

उपजाऊ मिट्टी से अधिक पैदावार के लिए खेतों और फसलों पर पिछले कई वर्षों से जमकर कीटनाशक दवाओं को छिड़काव और मिट्टी में डाला जा रहा था. शुरू में इसका काफी फायदा हो रहा था, लेकिन अब वही फायदेमंद कीटनाशक दवाएं नुकसान करने लगी हैं. इसलिए इसके इस्तेमाल को रोकने की कोशिश की जा रही है

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News18HindiLast Updated : October 05, 2022, 17:47 IST

आदित्य कुमार

नोएडा. हरित क्रांति जब देश में आई तो अधिक फसल पैदावार के लिए कीटनाशकों को इस्तेमाल में लाया गया, लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया और नए शोध के साथ घरूली और देसी खाद खेतों से खत्म होते गए उनकी जगह शोध और अधिक पैदावार बढ़ाने वावी दवाओं ने ले लिया. कुछ समय बाद कई तरह के कीटनाशक बाजारों में उपलब्ध होने लगे. हालांकि तब लोगों ने उससे हो रहे नुकसान को नजरअंदाज कर दिया था, लेकिन अब उसका असर बढ़ी मात्रा में दिखाई देने लगा है.

दरअसल उपजाऊ मिट्टी से अधिक पैदावार के लिए खेतों और फसलों पर पिछले कई वर्षों से जमकर कीटनाशक दवाओं को छिड़काव और मिट्टी में डाला जा रहा था. शुरू में इसका काफी फायदा हो रहा था, लेकिन अब वही फायदेमंद कीटनाशक दवाएं नुकसान करने लगी हैं. इसलिए इसके इस्तेमाल को रोकने की कोशिश की जा रही है. गौतमबुद्ध नगर जनपद (नोएडा) में कृषि रक्षा अधिकारी ने एक आदेश जारी कर कीटनाशकों के इस्तेमाल को प्रतिबंधित कर दिया है.

विदेशों में एक्सपोर्ट में हो रही है समस्या
न्यूज़ 18 लोकल से बात करते हुए जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार ने कहा कि जिले के सभी किसानों और कीटनाशक विक्रेता को आदेश दिया गया है कि वो बासमती चावल में कोई कीटनाशक इस्तेमाल नहीं करें. साथ ही सभी विक्रेता के पास कितने स्टॉक में पड़े हैं, इसका उन्हें ब्योरा देना होगा. उन्होंने बताया कि कीटनाशक रसायनों के प्रयोग से बासमती चावल का निर्यात विदेशों में नहीं हो पा रहा है. कीटनाशकों के अवशेष बासमती में पाये जा रहे है. इसकी शिकायत आ रही थी जिसका नुकसान प्रदेश के किसानों को भी हो रहा है. इस कारण अगर कोई भी व्यक्ति कीटनाशक बेचता है तो उसपर कानूनी कार्रवाई की जाएगी. यह आदेश पूरे उत्तर प्रदेश के लिए जारी किया गया है.

कौन-कौन सी दवाइयां हैं शामिल
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि ट्राईसाईक्लाजोल, बूप्रोफेजिन, एसीफेट, क्लोरोपाईरीफॉस, मेथामिडोफॉस, प्रोपिकोनाजोल, थायोमेथाक्साम, प्रोफेनोफॉस, आइसोप्रोथियोलेन, कार्बेन्डाजिम वो दवाइयां हैं जिन्हें प्रतिबंधित किया गया है. उन्होंने कहा कि विदेशों में जब यह चावल निर्यात किये जा रहे थे तो लगातार शिकायत आ रही थी. इन दवाओं से सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है.

नियो हॉस्पिटल के चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉक्टर सगारदीप बावा ने बताया कि खाद से उगाया गया चावल काफी बीमारी लेकर आता है, जैसे बाल झड़ना, बीमारी से लड़ने की ताकत कम हो जाना.

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Tags: Delhi-NCR News, Export, Noida news, Rice, Up news in hindi

FIRST PUBLISHED :

October 05, 2022, 17:47 IST

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