Werewolf Syndrome: अननेचुरल जगहों पर घने बालवालों से डरें नहीं, समस्‍या की वजह है ये बीमारी!

1 month ago

लंदन: आपने कई सारे ऐसे महिला-पुरुष देखे होंगे, जिनके चेहरे पर जरूरत से बाल होते हैं. ऐसे लोग 'वेयरवोल्फ सिंड्रोम' (Werewolf Syndrome) का शिकार कहा जाता है. यह सिंड्रोम इंसान का चेहरा बिगाड़कर रख देता है, जिससे उसका आत्मसम्मान खत्म होकर रह जाता है.

वंशानुगत हो सकती है बीमारी?

डेली स्टार यूके की रिपोर्ट के मुताबिक कुछ लोगों में यह दुर्लभ सिंड्रोम क्यों हो जाता है. इसके बारे में अभी कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है. हालांकि कुछ एक्सपर्ट का कहना है कि इस बीमारी का आनुवंशिकी से कुछ लेना-देना हो सकता है. यानी अगर आपके परिवार में किसी को यह बीमारी पहले हुई हो तो आपको भी हो सकती है. जिसके चलते आपके चेहरे पर घने बाल उग आते हैं और चेहरा भेड़िये की तरह दिखने लगता है.

चेहरे पर बढ़ जाते हैं बाल

विशेषज्ञों का मानना ​​​​है कि एक विशेष जीन की वजह से चेहरे के बाल बहुत तेजी से बढ़ डाते हैं, जिससे वह इंसान 'वेयरवोल्स की तरह 'दिखने' लगता है. वर्ष 2011 में अमेरिका और चीन के वैज्ञानिकों ने इस बीमारी पर एक स्टडी की थी, जिसमें पाया गया कि इस बीमारी का आनुवंशिकता के साथ कोई कनेक्शन जरूर है. जिस इंसान को यह बीमारी होती है. उसका आत्मविश्वास खत्म हो जाता है और पूरा जीवन शर्मिंदगी में कटता है. 

कई लोग सलाह देते हैं कि चेहरे पर लेजर थेरेपी, शेविंग, वैक्सिंग और प्लकिंग से भी चेहरे के बाल साफ किए जा सकते हैं. इसके बावजूद यह बीमारी बनी रहती है और बाल लगातार आते रहते हैं. 

वेयरवोल्फ सिंड्रोम को 'हाइपरट्रिचोसिस' के रूप में भी जाना जाता है. यह दो प्रकार का होता है:

जन्मजात हाइपरट्रिचोसिस लैनुगिनोसा- जन्म लेने वाले बच्चे के शरीर पर कुछ समय बाद महीन बाल दिखाई देते हैं. बाद के सप्ताह में शरीर के विभिन्न हिस्सों में इनकी लंबाई बढ़ती है लेकिन यह एक लिमिट के बाद रुक जाते हैं. 
जन्मजात हाइपरट्रिचोसिस टर्मिनलिस- इस बीमारी में जन्म लेने वाले बच्चों के चेहरे पर कुछ अजीब से बाल दिखाई देते हैं. जैसे-जैसे बच्चे की उम्र बढ़ती जाती है, उन बालों की लंबाई भी बढ़ती जाती है और फिर धीरे-धीरे वे पूरे चेहरे को ढंक लेते हैं. 

इस स्थिति के कारण बाल भी तीन प्रकार के होते हैं:

टर्मिनल: घने और लंबे बाल.
वेल्लस: ये बाल आम तौर पर बहुत छोटे होते हैं और किसी व्यक्ति के शरीर पर उनके पैरों के तलवों, होंठों और कानों के पिछले हिस्से को छोड़कर कहीं भी स्थित हो सकते हैं.
लैनुगो: यह नवजात शिशु पर होते हैं जो आमतौर पर जन्म के कुछ दिनों बाद खत्म हो जाते हैं.

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अभी नहीं निकल पाया है फाइनल निष्कर्ष

स्टडी में भाग लेने वाली Pragna Patel कहती हैं कि यह बीमारी क्यों होती है और इसे कैसे रोका जा सकता है. इसके बारे में अभी तक कोई सटीक निष्कर्ष नहीं निकल पाया है. हालांकि उम्मीद है कि फाइनल स्टडी के बाद जो आउटपुट निकलेगा, उससे सिर के गंजेपन की दूर करने में भी काफी मदद मिलेगी. 

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