Last Updated:January 14, 2026, 13:09 IST
Investment Tips : शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में निवेश करने वालों के लिए आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल ने साल 2019 में एक स्कीम शुरू की थी. इसमें शुरुआत में 10 लाख का निवेश करने वाले को आज करीब 38 लाख रुपये का रिटर्न मिल रहा है.
आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के फंड ने सालाना 21 फीसदी का रिटर्न दिया है.नई दिल्ली. निवेशकों की तलाश हमेशा ऐसे विकल्प की रहती है, जो उनके पैसों पर सोच से भी ज्यादा अच्छा रिटर्न दिलाएं. अगर आप भी ऐसे ही किसी फंड की तलाश में हैं तो आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल का इंडिया ऑपर्च्युनिटीज फंड बेहतर ऑप्शन हो सकता है. एक ओपन-एंडेड इक्विटी स्कीम है, जो स्पेशल सिचुएशन थीम पर काम करती है. इस स्कीम ने निवेशकों को बेहतर निवेश अनुभव देते हुए लॉन्च के बाद से अपने 7 साल पूरे कर लिए हैं.
आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल ने जनवरी 2019 में इस स्कीम को लॉन्च किया था. इस स्कीम का मकसद उन कंपनियों में निवेश करके लंबी अवधि में पूंजी बढ़ाना है, जो कॉर्पोरेट पुनर्गठन, सरकारी नीतियों या नियमों में बदलाव, किसी सेक्टर में उथल-पुथल या ऐसी ही दूसरी खास लेकिन अस्थायी चुनौतियों से गुजर रही होती हैं. यह स्कीम नीचे से ऊपर की यानी बॉटम-अप स्टॉक चुनने की रणनीति अपनाती है और इसमें मार्केट-कैप या सेक्टर की कोई पाबंदी नहीं होती.
हर साल कितना दिया रिटर्न
अगर किसी ने स्कीम की शुरुआत यानी 15 जनवरी 2019 को इसमें 10 लाख रुपये लगाए होते तो 31 दिसंबर, 2025 तक बढ़कर 37.76 लाख रुपये हो गए होते. इसका मतलब है कि स्कीमत ने हर साल करीब 21.02% की दर से ताबड़तोड़ रिटर्न दिया है. अगर यही रकम स्कीम के बेंचमार्क निफ्टी 500 TRI में लगाई जाती, तो वह 28.05 लाख रुपये होती यानी 15.97% की सालाना बढ़त. आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल की इस स्कीम ने एक साल में 13 फीसदी, तीन साल में 23 फीसदी और पांच साल में 27 फीसदी का सालाना रिटर्न दिया है.
क्या है स्कीम की खासियत
इस स्कीम की निवेश सोच इस विचार पर टिकी है कि अनिश्चितता के दौर में अक्सर कीमतों में गड़बड़ी यानी मिसप्राइसिंग के मौके पैदा करते हैं. ये अनिश्चितताएं किसी कंपनी, किसी सेक्टर या पूरे अर्थव्यवस्था के स्तर पर हो सकती हैं, जैसे आर्थिक सुस्ती, नियमों में बदलाव, भू-राजनीतिक घटनाएं या कारोबार में अस्थायी रुकावटें. यह स्कीम उन कंपनियों में निवेश करना चाहती है, जहां ऐसी परेशानियां अस्थायी हों और लंबे समय की बुनियादी मजबूती बनी हुई हो.
कंपनी कैसे बनानी है रणनीति
ICICI प्रूडेंशियल एएमसी के ईडी और सीआईओ व ICICI प्रूडेंशियल इंडिया ऑपर्च्युनिटीज फंड के फंड मैनेजर शंकरन नरेन का कहना है कि स्पेशल सिचुएशंस ऐसे खास मौके होते हैं, जिनका सामना कंपनियों को समय-समय पर करना पड़ता है. ये अचानक बाजार में उथल-पुथल, इंडस्ट्री में विलय, नियमों में बदलाव जैसी स्थितियां हो सकती हैं. ऐसी कंपनियों में निवेश करने का मकसद इन पलों को लंबे समय के निवेशकों के लिए मौके में बदलना होता है. अगर इन्हें समय रहते पहचान लिया जाए, तो भविष्य में अच्छा खासा फायदा मिल सकता है. इस तरह के निवेश में गहरी रिसर्च की जरूरत होती है, ताकि कंपनी की असली क्षमता और उससे जुड़े जोखिम दोनों को समझा जा सके.
किस तरह के शेयरों पर लगाते हैं दांव
नरेन के मुताबिक, यह स्कीम सीमित लेकिन चुनी हुई कंपनियों में निवेश करती है और इसमें एक्टिव शेयर ऊंचा रहता है. इसका फोकस उन मौकों पर होता है, जहां किसी कंपनी में सुधार या वैल्यू बढ़ने की संभावना को बाजार अभी ठीक से नहीं पहचान पाया होता. 31 दिसंबर 2025 तक, इस पोर्टफोलियो में बड़ी कंपनियों यानी लार्ज-कैप शेयरों की हिस्सेदारी ज्यादा थी. इसमें फाइनेंशियल्स, आईटी, फार्मा, कंस्ट्रक्शन और दूसरे सेक्टर शामिल थे, जो दिखाता है कि यह स्कीम मौके पर आधारित होने के साथ-साथ अच्छी तरह डाइवर्सिफाइड भी है.
एसआईपी से भी कर सकते हैं निवेश
इस स्कीम में सिस्टमैटिक इन्वेस्टिंग यानी SIP के जरिये भी निवेश किया जा सकता है. चूंकि, स्पेशल सिचुएशंस कभी भी सामने आ सकती हैं, ऐसे में SIP के जरिये निवेशक अलग-अलग बाजार दौर में अनुशासन के साथ निवेश कर सकते हैं, जिससे लंबे समय में बेहतर नतीजे मिलने की संभावना रहती है. ICICI प्रूडेंशियल इंडिया ऑपर्च्युनिटीज फंड उन निवेशकों के लिए मुफीद है जो लंबे समय में वेल्थ बनाना चाहते हैं और जो स्पेशल सिचुएशंस पर आधारित इक्विटी निवेश से जुड़ी ज्यादा उतार-चढ़ाव वाली स्थिति को झेलने में सहज हैं.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि...और पढ़ें
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New Delhi,Delhi
First Published :
January 14, 2026, 13:09 IST

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