Last Updated:January 02, 2026, 20:06 IST
प्रियंका चतुर्वेदी की शिकायत के बाद भारत सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X को नोटिस जारी किया है. आईटी मंत्रालय ने Grok AI टूल के जरिए महिलाओं और बच्चों के अश्लील कंटेंट पर गहरी नाराजगी जताई है. सरकार ने X को 72 घंटे के भीतर सख्त कार्रवाई कर रिपोर्ट सौंपने का अल्टीमेटम दिया है. आदेश न मानने पर कंपनी के खिलाफ आईटी एक्ट और आपराधिक कानूनों के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
भारत सरकार ने सख्त रुख अख्तियार किया. नई दिल्ली. डिजिटल दुनिया के अंधेरे गलियारों में जब किसी महिला की गरिमा को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए तार-तार करने की कोशिश की जाती है, तो वह केवल एक तकनीकी अपराध नहीं बल्कि मानवीय मर्यादा पर सबसे बड़ा हमला होता है. शिवसेना यूबीटी की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी की एक साहसी शिकायत के बाद आज केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया के दिग्गज प्लेटफॉर्म X के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. ‘Grok AI’ टूल से महिलाओं और बच्चों की अश्लील और अपमानजनक तस्वीरें बनाकर इंटरनेट पर डालने के मामले में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने एक्स को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है. टेक कंपनियों के लिए चेतावनी दी गई है कि महिलाओं की गरिमा से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
क्या है पूरा विवाद?
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने X प्लेटफॉर्म को एक औपचारिक नोटिस जारी किया है. सरकार ने IT एक्ट और IT नियमों के तहत वैधानिक उचित सावधानी में गंभीर खामियों को उजागर किया है. यह कार्रवाई प्रियंका द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद हुई है, जिसमें X के AI टूल ‘Grok’ के जरिए आपत्तिजनक और अश्लील सामग्री प्रसारित करने का आरोप लगाया गया था. सरकार ने गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि Grok का इस्तेमाल महिलाओं और बच्चों को निशाना बनाने, उनकी अश्लील और अपमानजनक सामग्री बनाने के लिए किया जा रहा है. इसे निजता और डिजिटल सुरक्षा का गंभीर उल्लंघन माना गया है.
सरकार ने क्या दिए निर्देश?
· समीक्षा करें: Grok के तकनीकी और शासन ढांचे (Governance Framework) की तुरंत समीक्षा की जाए.
· हटाएं सामग्री: सभी गैर-कानूनी और अश्लील सामग्री को तुरंत प्लेटफॉर्म से हटाया जाए.
· एक्शन लें: उन यूजर्स के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए जो इस तरह के आपत्तिजनक कंटेंट फैला रहे हैं.
· 72 घंटे का समय: X को 72 घंटों के भीतर ‘एक्शन टेकन रिपोर्ट’ (ATR) सौंपने को कहा गया है.
जा सकती है कानूनी सुरक्षा
सरकार ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि X इन निर्देशों का पालन करने में विफल रहता है तो वह IT एक्ट के तहत मिलने वाली सेफ हार्बर सुरक्षा (Legal Protection) खो सकता है. इसका मतलब है कि प्लेटफॉर्म पर मौजूद किसी भी कंटेंट के लिए सीधे कंपनी पर मुकदमा चलाया जा सकेगा. इसके अलावा साइबर कानून, आपराधिक कानूनों और बाल संरक्षण कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी.
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पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और...और पढ़ें
First Published :
January 02, 2026, 20:00 IST

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