Last Updated:January 30, 2026, 19:36 IST
Congress BJP Alliance in Malegaon: मालेगांव नगर निगम में बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला है. AIMIM को सत्ता से दूर रखने के लिए कांग्रेस और बीजेपी ने अप्रत्याशित गठबंधन कर ‘भारत विकास आघाड़ी’ बनाई है. महापौर पद को लेकर इस्लाम पार्टी निर्णायक भूमिका में है, जबकि उपमहापौर को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है.
मालेगांव नगर निगम में बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला है.मालेगांव. महाराष्ट्र की राजनीति एक बार फिर चौंकाने वाले मोड़ पर आ खड़ी हुई है. जहां आमतौर पर कांग्रेस और बीजेपी एक-दूसरे के सबसे बड़े राजनीतिक विरोधी माने जाते हैं. वहीं मालेगांव नगर निगम में दोनों दलों ने ओवैसी की एआईएमआईएम को सत्ता से दूर रखने के लिए अप्रत्याशित रूप से हाथ मिला लिया है. इस गठजोड़ ने स्थानीय राजनीति में बड़ा उलटफेर पैदा कर दिया है.
न्यूज 18 मराठी की रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में मालेगांव नगर निगम चुनाव के नतीजे घोषित हुए हैं, लेकिन अब तक महापौर और उपमहापौर का चुनाव नहीं हुआ है. इसी बीच सत्ता की जोड़-तोड़ तेज हो गई है. कांग्रेस के 3 और बीजेपी के 2 पार्षदों ने मिलकर 5 सदस्यों का एक औपचारिक समूह बनाया है, जिसे ‘भारत विकास आघाड़ी’ नाम दिया गया है. इस नए राजनीतिक मोर्चे के नेता के तौर पर कांग्रेस पार्षद एजाज बेग को चुना गया है.
क्या हो रहा कांग्रेस-बीजेपी का गठबंधन?
इस गठबंधन का मुख्य उद्देश्य नगर निगम की सत्ता संरचना में निर्णायक भूमिका निभाना और एआईएमआईएम की राजनीतिक पकड़ को सीमित करना बताया जा रहा है. दिलचस्प बात यह है कि कुछ दिन पहले अकोट में बीजेपी और एआईएमआईएम के बीच हुए अल्पकालिक गठबंधन को लेकर राज्यभर में विवाद हुआ था, जिसके बाद बीजेपी को अपना समर्थन वापस लेना पड़ा था. अब मालेगांव में बीजेपी का कांग्रेस के साथ आना राजनीतिक समीकरणों की बदलती तस्वीर को साफ दिखाता है.
मालेगांव नगर निगम की मौजूदा संख्या बल
इस्लाम पार्टी – 35
एआईएमआईएम – 21
शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) – 18
समाजवादी पार्टी – 05
कांग्रेस – 03
बीजेपी – 02
कुल पार्षद – 84
कौन बनेगी मालेगांव का मेयर?
संख्या बल के लिहाज से इस्लाम पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. ऐसे में महापौर पद को लेकर अंतिम फैसला पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व विधायक आसिफ शेख के हाथ में माना जा रहा है. चूंकि इस बार महापौर पद सामान्य महिला वर्ग के लिए आरक्षित है, इसलिए लगभग तय माना जा रहा है कि आसिफ शेख के भाई की पत्नी नसरीन शेख को महापौर या मेयर बनाया जा सकता है.
नियमों के अनुसार, महापौर के आरक्षण की घोषणा के 8 से 12 दिनों के भीतर महापौर और उपमहापौर का चुनाव कराया जाना जरूरी है. इसके लिए नगर निगम की एक विशेष बैठक बुलाई जाएगी, जिसका एजेंडा बैठक से तीन दिन पहले सभी पार्षदों को भेजा जाएगा.
First Published :
January 30, 2026, 19:34 IST
AIMIM को हटाने के लिए कांग्रेस-बीजेपी ने मिलाया 'हाथ', ये बड़ा उलटफेर कहां?

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