CJI Suryakant News: लोग कहेंगे कि मैंने अपने राज्य का पक्ष लिया, वकीलों की दलील पर CJI सूर्यकांत ने ऐसा क्यों कहा?

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Last Updated:January 16, 2026, 12:07 IST

Supreme Court News: पंजाब और हरियाणा बार काउंसिल चुनावों में महिला आरक्षण पर सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने कहा कि वे भेदभाव नहीं कर सकते और लोग कहेंगे कि उन्होंने अपने राज्य का पक्ष लिया. CJI सूर्यकांत ने आगे आपने अभी तक चुनाव की अधिसूचना जारी नहीं की है इसलिए नामांकन भी नहीं हुआ है, हम ऐसा भेद नहीं कर सकते हैं. सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि 8 दिसंबर 2025 को पारित हमारे निर्देशों में पंजाब और हरियाणा को हटा दिया जाए. सुप्रीम कोर्ट ने 30% महिला आरक्षण लागू करने का आदेश दिया.

लोग कहेंगे कि मैंने अपने राज्य का पक्ष लिया, CJI सूर्यकांत ने ऐसा क्यों कहा?बार काउंसिल चुनावों में महिलाओं के लिए आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई

नई दिल्ली. पंजाब और हरियाणा बार काउंसिल चुनावों में महिलाओं के लिए आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने अहम टिप्पणी की.उन्होंने कहा कि वे किसी तरह का भेदभाव नहीं करना चाहते क्योंकि लोग कहेंगे कि मैंने अपने राज्य का पक्ष लिया.

दरअसल, पंजाब और हरियाणा बार काउंसिल के वकील ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष यह दलील रखी कि वे महिलाओं के आरक्षण के सिद्धांत से सहमत हैं, लेकिन आगामी चुनाव बेहद नजदीक हैं. इसलिए इस बार इसे लागू न किया जाए. वकील ने कहा कि अगली चुनाव प्रक्रिया में महिला आरक्षण को स्वीकार किया जा सकता है.

CJI सूर्यकांत ने क्या कहा?
इस पर CJI सूर्यकांत ने स्पष्ट किया कि अभी तक बार काउंसिल चुनावों की अधिसूचना जारी नहीं हुई है और न ही नामांकन प्रक्रिया शुरू हुई है. ऐसे में यह नहीं कहा जा सकता कि चुनाव प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। CJI ने कहा कि मैं भेदभाव नहीं करना चाहता. लोग कहेंगे कि मैंने अपने राज्य का पक्ष लिया.

क्या है मामला?
मुख्य न्यायाधीश ने आगे कहा कि जब चुनाव प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू ही नहीं हुई है, तो पंजाब और हरियाणा को अलग मानने का कोई आधार नहीं बनता. सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि 8 दिसंबर 2025 को पारित निर्देशों से पंजाब और हरियाणा को बाहर करने की मांग स्वीकार नहीं की जा सकती. अदालत ने कहा कि चूंकि केवल मतदाता सूची को अंतिम रूप दिया गया है और चुनाव की अधिसूचना अभी जारी नहीं हुई है, इसलिए चुनाव प्रक्रिया शुरू नहीं मानी जा सकती.

अदालत ने साफ किया कि इस स्थिति में पंजाब और हरियाणा बार काउंसिल चुनावों में महिला सदस्यों के लिए 30 प्रतिशत आरक्षण अनिवार्य रूप से लागू होगा. CJI सूर्यकांत ने कहा कि समानता और संवैधानिक सिद्धांतों के तहत सभी राज्यों पर समान नियम लागू होंगे. यह फैसला बार काउंसिल चुनावों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

Location :

Delhi,Delhi,Delhi

First Published :

January 16, 2026, 12:07 IST

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