DNA: चीन की ताइवान पर कब्जे की धमकी को सीधे अमेरिका से दो दो हाथ करने की तैयारी से जोड़ा जा रहा है. आज आपको जानना चाहिए चीन के राष्ट्रपति ने साल की शुरूआत दुनिया में तनाव बढ़ाने वाले जिस बयान से की उससे अमेरिका और ताइवान कैसे निपटेंगे. सबसे पहले आपको शी जिनपिंग के उस बयान के बारे में जानना चाहिए जिसमें उन्होंने ताइवान पर कब्जे की धमकी दी है. शी जिनपिंग ने कहा ताइवान का चीन में विलय रोका नहीं जा सकता. ताइवान जलडमरूमध्य के दोनों ओर के लोग खून और रिश्तों से जुड़े हैं और एकीकरण समय की मांग है.
शी जिनपिंग अगर कह रहे हैं ताइवान का चीन में विलय रोका नहीं जा सकता. तो से सीधे सीधे उस देश को चैलेंज है, जो इसे रोकने की कोशिश कर रहा है. यानी जिनपिंग अमेरिका को चैलेंज कर रहे हैं. चीन ने इस हफ्ते ताइवान के पास दो बड़े सैन्य अभ्यास किए, जिनमें मिसाइल लॉन्च, फाइटर जेट, नौसैनिक जहाज और कोस्टगार्ड शामिल थे. चीन ने इस अभ्यास को जस्टिस मिशन 2025 का नाम दिया. अभ्यास के बाद चीन ने इसे ताइवान की घेराबंदी और अहम बंदरगाहों को ब्लॉक करने की प्रैक्टिस बताया. सोचिए चीन खुलकर कह रहा है कि वो ताइवान पर कब्जे की प्रैक्टिस कर रहा है. अमेरिका ने चीन की सैन्य ड्रिल को ताइवान स्ट्रेट के हालात को अस्थिर करने वाला बताया है. लेकिन चीन इसे गंभीरता से नहीं ले रहा. आपको जानना चाहिए चीन ने ताइवान पर कब्जे के लिए कौन कौन सी तैयारियां कर ली हैं और जिनपिंग ने साल के पहले दिन जो धमकी दी है. वो उसको कैसे पूरा कर सकते हैं. चीन ने ताइवान पर कब्जे के लिए पीपुल्स लिबरेशन आर्मी यानी PLA के आधुनिकीकरण पर पैसा पानी की तरह बहाया है. अमेरिका के बाद चीन अपनी सेना को आधुनिक बनाने के लिए सबसे ज्यादा पैसा खर्च कर रहा है. चीन का घोषित सैन्य बजट 245 बिलियन डॉलर है. लेकिन अमेरिका इसे 426 बिलियन डॉलर से ऊपर बताता है और इस बजट का बड़ा हिस्सा चीन ताइवान पर कब्जे की तैयारी पर खर्च कर रहा है.
ताइवान पर हमले की तैयारी?
चीन ने 2000 से ज्यादा बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों का एक विशेष जखीरा तैयार किया है. जो ताइवान के एयरबेस, रडार, बंदरगाह को जंग के पहले ही घंटे में निष्क्रिय करने की क्षमता रखता है. ये चीन की रॉकेट फोर्स से अलग सिर्फ ताइवान के लिए की गई तैयारी है. ताइवान चारों तरफ से पानी से घिरा हुआ है. इसलिए चीन की सेना Amphibious हमले का अभ्यास कर रही है. यानि खुद को ऐसे अटैक के लिए तैयार कर रही है जो समुद्र से जमीन पर किया जाए. यानी सैनिक, टैंक और हथियार जहाजों से उतरकर सीधे तट पर लड़ाई शुरू कर दें. इसके लिए चीन ने खासतौर पर Type-071 और Type-075 जैसे लैंडिंग युद्धपोत तैयार किए हैं. जिनसे तेजी से युद्ध के साजोसामान और सैनिकों को ताइवान तक पहुंचाया जाएगा. चीन के फाइटर जेट्स और युद्धपोत भी लगातार ताइवान के हवाई और जल क्षेत्र में एंट्री का अभ्यास कर रहे हैं. इसे ताइवान की वायुसेना और नौसेना को थकाने की रणनीति माना जा रहा है. राष्ट्रपति Xi Jinping ने ताइवान के “Reunification” को ऐतिहासिक लक्ष्य बताया. इसके जरिए वो चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी को युद्ध के लिए मानसिक रूप से तैयार कर रहे हैं. लेकिन उसके रास्ते का सबसे बड़ा रोड़ा अमेरिका बना हुआ है.
अमेरिका करेगा ताइवान की मदद?
अब अमेरिकी एक्सपर्ट ने इस बात का खुलासा किया है अगर चीन ताइवान पर आक्रमण करता है तो अमेरिका उसकी कैसे मदद करेगा. अमेरिका में रक्षा और चीन/ताइवान मामलों के विशेषज्ञ टोनी हू ने बताया अगर चीन ताइवान पर हमला करता भी है, तो अमेरिका ताइवान पर सीधे अपने सैनिक नहीं उतारेगा. बल्कि अमेरिकी सेना ताइवान के चारों ओर के क्षेत्र यानी ताइवान स्ट्रेट से चीन के हमले को रोकेगा. अमेरिका से सिर्फ 20-30 लोगों की टीम ताइवान जाएगी जो युद्ध के संचालन में मदद करेगी. अमेरिकी एक्सपर्ट ने माना है ताइवान का डिफेंस पहले से काफी मजबूत है. आज आपको चीन के खिलाफ ताइवान की तैयारी के बारे में भी जानना चाहिए. जिनपिंग ने PLA को 2027 तक युद्ध के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है. लेकिन चीन की तैयारी बता रही है ये हमला पहले भी किया जा सकता है. इसीलिए ताइवान ने भी चीन के हमले को नाकाम करने के लिए विशेष रणनीति बनाई है.
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ताइवान का प्लान
आपको ताइवान के राष्ट्रपति की बात बहुत ध्यान से समझनी चाहिए. ताइवान की रणनीति है चीन के संभावित हमले को बहुत महंगा बना दिया जाए. जिससे दुश्मन ताइवान पर कब्जे की हिम्मत ना कर पाए. इसीलिए ताइवान ने छोटे, सस्ते लेकिन घातक हथियारों पर जोर दिया है. ताइवान के चीन के खिलाफ एंटी-शिप मिसाइलों का विशाल जाल तैयार किया है. क्योंकि बड़ा हमला युद्धपोतों से होगा. ताइवान ने अमेरिका से 1200 हॉरपून मिसाइलें खरीदी हैं. जो आवाज से चार गुना तेज रफ्तार से हमला करती हैं. ताइवान ने अपने तट के चारों तरफ समुद्री बारूदी सुरंगे लगाई हैं. जिससे तट तक पहुंचना चीन की सेना के लिए मुश्किल होगा. पानी में युद्ध के लिए ताइवान ने स्वदेशी पनडुब्बी कार्यक्रम हाई कुन लॉन्च किया है. जिसके तहत 8 पनडुब्बियां बनाई जानी है. ताइवान ने चीन के खिलाफ शहरी युद्ध की तैयारी की है. 25 लाख लोगों को शहरी युद्ध के लिए तैयार किया गया है. यानी चीन के हमले के वक्त ताइवान के शहर किले बन जाएंगे और नागरिक चीन के खिलाफ लड़ने वाले सैनिक ताइवान ने हजारों सर्विलांस और अटैक ड्रोन अपनी सेना में शामिल किए हैं. जो चीन के बड़े जहाज़ों के लिए गंभीर खतरा हैं. इसके अलावा ताइवान के पास अमेरिका और जापान जैसे देशों का समर्थन है. जिसकी वजह से चीन ताइवान पर हमला करने की हिम्मत नहीं कर पाता. लेकिन चीन की आक्रामकता 2026 में ताइवान के लिए बड़ा खतरा बन सकती है. जिसकी आशंका ताईवान ने भी जाहिर की है.

1 month ago
