Last Updated:February 18, 2026, 10:13 IST
India AI Impact Summit 2026 live: इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 का बुधवार को तीसरा दिन है. इस सम्मेलन में दुनिया के 20 देशों के नेता शामिल हो रहे हैं. आज फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों इसमें शामिल होंगे.

India AI Impact Summit 2026 live: इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026: इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट का बुधवार को तीसरा दिन है. इस बीच इस सम्मेलन में शामिल होने आए कई देशों के शासनाध्यक्षों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्विपक्षीय मुलाकातें करेंगे. यह शिखर सम्मेलन ग्लोबल साउथ में आयोजित होने वाला पहला बड़ा एआई सम्मेलन है. नई दिल्ली के भारत मंडपम में 16 से 20 फरवरी तक चल रहा है. फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों आज सम्मेलन में शामिल होने वाले प्रमुख अतिथियों में शामिल हैं.
India AI Impact Summit 2026 live….
प्रधानमंत्री का कार्यक्रम
प्रधानमंत्री मोदी का व्यस्त कार्यक्रम सुबह से शुरू होने वाला है. सुबह 11:00 बजे उन्हें स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ से मुलाकात करनी है. इसके बाद 11:40 बजे फिनलैंड के प्रधानमंत्री एंटी पेटेरी ओर्पो , दोपहर 12:20 बजे सर्बिया के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिक, दोपहर 1:00 बजे क्रोएशिया के प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेनकोविक, दोपहर 2:45 बजे एस्टोनिया के राष्ट्रपति अलार कारिस, दोपहर 3:25 बजे भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे और शाम 4:40 बजे कजाकिस्तान के प्रधानमंत्री ओल्ज़हास बेक्टेनोव के साथ वार्ता होगी.
ये मुलाकातें एआई इम्पैक्ट समिट के समानांतर चल रही हैं, जहां वैश्विक एआई गवर्नेंस, नवाचार, सहयोग और जिम्मेदार उपयोग पर चर्चा हो रही है. सम्मेलन में फ्रांस, ब्राजील, स्पेन, स्विट्जरलैंड सहित 20 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्ष/प्रधानमंत्री शामिल हैं. मैक्रों की यात्रा भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने और इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन से जुड़ी है.
स्वदेशी एआई मॉडल पर जोर
इस बीच, भारत सरकार ने स्वदेशी एआई मॉडल विकसित करने पर जोर दिया है. इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने बताया कि सरकार भारतीय डेटा पर आधारित एआई प्रणालियों में निवेश कर रही है ताकि पूर्वाग्रह की चिंताओं को दूर किया जा सके. कृष्णन ने कहा, “स्वायत्तता बहुत महत्वपूर्ण है. भारत को ऐसे एआई मॉडल चाहिए जिनका नियंत्रण पूरी तरह हमारे पास हो, किसी अन्य देश के पास ‘किल स्विच’ न हो.” उन्होंने बताया कि शुरुआत में बहस थी कि विदेशी ओपन-सोर्स मॉडल इस्तेमाल किए जाएं या अपना मॉडल बनाया जाए, क्योंकि अपना मॉडल बनाना महंगा और समय लेने वाला था.
About the Author
न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स...और पढ़ें
First Published :
February 18, 2026, 10:13 IST

1 hour ago
