मुंबई से आई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की तस्वीरों ने दोनों देशों के बीच की गहरी केमिस्ट्री को साफ बयां कर दिया है. तस्वीरों में दोनों नेता बेहद गर्मजोशी के साथ हाथ मिलाते और एक-दूसरे का अभिवादन करते नजर आ रहे हैं, जो केवल कूटनीति नहीं बल्कि एक मजबूत व्यक्तिगत तालमेल का भी प्रतीक है. प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों की मुलाकात के दौरान दोनों के चेहरों पर बड़ी मुस्कान और एक-दूसरे के प्रति सम्मान साफ दिखाई दिया, जो द्विपक्षीय वार्ता के सकारात्मक माहौल को दर्शाता है. इसके कुछ देर बाद प्रधानमंत्री मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति के बीच द्विपक्षीय बातचीत हुई. पीएम मोदी ने कहा, भारत और फ्रांस के बीच कोई बाउंड्री नहीं है. हमारे रिश्ते समंदर से गहरे और पहाड़ से ऊंचे हैं. हमारे बीच हो रहा फ्री ट्रेड एग्रीमेंट ऐतिहासिक है.
मैक्रों के साथ मुलाकात के बाद पीएम मोदी ने कहा, वर्ष 2026 भारत और यूरोप के संबंधों में एक टर्निंग पॉइंट है. कुछ ही दिन पहले हमने यूरोपियन यूनियन के साथ भारत के इतिहास का सबसे बड़ा और महत्वाकांक्षी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट किया. यह फ्री ट्रेड एग्रीमेंट भारत और फ्रांस संबंधों में भी अभूतपूर्व गति लाएगा. आपसी निवेश को बढ़ावा देने के लिए आज हम एग्रीमेंट कर रहे हैं, जिससे हमारे लोगों और हमारी कंपनीज़ को डबल टैक्स न देना पड़े. इन सभी पहलुओं से आपसी ट्रेड, इन्वेस्टमेंट और मोबिलिटी को नई ऊर्जा मिलेगी. और यही शेयर्ड प्रॉस्पेरिटी का रोडमैप है. इंडिया फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन के लॉन्च से अब हम अपनी स्ट्रेटेजिक साझेदारी को पार्टनरशिप ऑफ द पीपल बनाने जा रहे हैं. क्योंकि इनोवेशन आइसोलेशन में नहीं, कोलबोरेशन से होता है. इसलिए इंडिया फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन में हमारा लक्ष्य लोगों के बीच संपर्क को मजबूत करने का है.
हम भविष्य बनाने वाले प्लेटफॉर्म बना रहे
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, आज हम महत्वपूर्ण खनिजों, जैव प्रौद्योगिकी और एडवांस मैटेरियल्स में अपना सहयोग मजबूत कर रहे हैं. हम स्वास्थ्य के लिए ‘इंडो-फ्रेंच सेंटर फॉर एआई’, ‘इंडो-फ्रेंच सेंटर फॉर डिजिटल साइंस एंड टेक्नोलॉजी’ और ‘नेशनल सेंटर ऑफ एलायंस फॉर स्किलिंग इन एयरोनॉटिक्स’ की शुरुआत कर रहे हैं. ये केवल संस्थान नहीं हैं, बल्कि भविष्य बनाने वाले प्लेटफॉर्म हैं. दुनिया अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है. ऐसे माहौल में, भारत-फ्रांस की साझेदारी वैश्विक स्थिरता के लिए एक बड़ी ताकत है. हम फ्रांस की विशेषज्ञता और भारत के बड़े पैमाने (scale) को एक साथ जोड़ रहे हैं. हम भरोसेमंद तकनीकें विकसित कर रहे हैं. हम अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA), भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे और संयुक्त विकास परियोजनाओं के माध्यम से मानव विकास सुनिश्चित करेंगे. हम बहुपक्षवाद, संवाद और कूटनीति के जरिए स्थिरता और समृद्धि के प्रयासों को मजबूत करना जारी रखेंगे.
भारत-फ्रांस का रिश्ता असाधारण और अद्वितीय… पीएम मोदी से मुलाकात में बोले इमैनुएल मैक्रों
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा, मैं अपनी चौथी आधिकारिक भारत यात्रा पर आपके गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए धन्यवाद देता हूं… भारत और फ्रांस के बीच द्विपक्षीय संबंध वास्तव में असाधारण और अद्वितीय हैं. यह रिश्ता भरोसे, खुलेपन और महत्वाकांक्षा का है. हमने आज इस साझेदारी को ‘विशेष रणनीतिक साझेदारी’ (Special Strategic Partnership) के स्तर पर ले जाने का निर्णय लिया है, जिससे इसे एक नया दर्जा मिला है. इसमें कोई संदेह नहीं है, क्योंकि हमें इस रिश्ते पर पूरा भरोसा है और हम पिछले आठ वर्षों से ऐसा कर रहे हैं. हर साल, अलग-अलग चीजों पर काम करके हमने कई नए रास्ते बनाए हैं. उदाहरण के लिए, चाहे वह भारत-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र हो या तकनीक, जहाँ कोई वर्चस्व (hegemony) न हो. हम कानून के शासन में दृढ़ विश्वास रखते हैं और हमने पिछले कुछ वर्षों में इसे साबित भी किया है. चाहे वह IMEC (भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा) हो जिसे हमने संयुक्त रूप से लॉन्च किया, या फिर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन हो, हमने पिछले आठ वर्षों में मिलकर कई पहल की हैं…
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प्रधानमंत्री मोदी ने अपने X पोस्ट में कहा, मुंबई में अपने मित्र, राष्ट्रपति मैक्रों से मिलकर बहुत खुशी हुई! उन्होंने मुझे बताया कि उन्हें यह शहर वाकई बहुत पसंद आया और उन्होंने दिन की शुरुआत में मॉर्निंग वॉक का भी भरपूर आनंद लिया!भारत और फ्रांस हर मौके पर एक दूसरे के साथ डटकर खड़े रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फ्रांस के राष्ट्रपति के साथ एक खास केमेस्ट्री रही है. मैक्रों खुलकर इस बात को स्वीकार करते हैं. इस बार भी एआई और डिफेंस डील पर दोनों देशों का फोकस रहने वाला है. इंडो पैसिफिक में रिजनल सिक्योरिटी की बात होगी. खास तौर पर द्विपक्षीय बातचीत के बाद जब दोनों देशों के बिजनेस लीडर्स के साथ इन नेताओं की मुलाकात होगी, तब काफी कुछ ऐसा निकल सकता है, जो दोनों देशों के लिए फायदेमंद हो.
3.25 लाख करोड़ की डील संभव
यूरोपीय यूनियन, अमेरिका के साथ डील के बाद पूरी दुनिया की नजर भारत की फ्रांस के साथ होने वाली डील पर है. ऐसे में द्विपक्षीय मुलाकात बेहद अहम रहने वाली है. सूत्रों के मुताबिक, भारत-फ्रांस के बीच 3.25 लाख करोड़ की डील हो सकती है. कीमत के हिसाब से यह भारत की अब तक की सबसे बड़ी सैन्य डील मानी जा रही है. भारत को फ्रांस से 114 राफेल फाइटर जेट मिलने वाले हैं.
‘इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन 2026’ का आगाज
अब से थोड़ी देर बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ‘इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन 2026’ की शुरुआत भी करेंगे. इसके अलावा वे दोनों देशों के उद्योगपतियों, स्टार्ट-अप्स, शोधकर्ताओं और अन्य नवाचार से जुड़े लोगों को संबोधित करेंगे. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब फ्रांस गए थे तो उन्होंने भी वहां के उद्योगपतियों, वहां रह रहे भारतीयों से सीधी बात की थी.

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