Nepal Elections: नेपाल के झापा जिले में होने वाले आम चुनाव से पहले सियासी माहौल गरमा गया है. पांच मार्च को प्रस्तावित चुनाव से कुछ ही हफ्ते पहले झापा-5 संसदीय सीट पर मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है. जानकारी के अनुसार, इस सीट से अपदस्थ प्रधानमंत्री और सीपीएन-यूएमएल अध्यक्ष केपी शर्मा ओली के सामने काठमांडू के पूर्व महापौर बालेंद्र शाह उर्फ ‘बालेन’ चुनावी मैदान में उतर चुके हैं. बालेन के मैदान में आने से ओली के लिए यह चुनाव अब तक के सबसे कड़े मुकाबलों में से एक माना जा रहा है.
झापा-5 सीट को माना जाता है ओली का गढ़
इस बीच आपको बता दें कि झापा-5 को लंबे समय से ओली का गढ़ माना जाता रहा है. ओली अब तक झापा जिले से 7 में से 6 संसदीय चुनाव जीत चुके हैं और उनकी मजबूत पकड़ इस क्षेत्र में रही है. हालांकि, इस बार राजनीतिक समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं. राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) से जुड़े बालेन ने झापा पहुंचते ही आक्रामक चुनाव प्रचार शुरू कर दिया है. उन्होंने 12 अलग-अलग स्थानों का दौरा किया और घर-घर जाकर मतदाताओं से सीधे संवाद किया.
बता दें, बालेन इससे पहले काठमांडू महानगरपालिका के महापौर के रूप में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं. वे पारंपरिक राजनीति और स्थापित दलों के खिलाफ मुखर रुख के लिए जाने जाते हैं. बालेन पहले ही ऐलान कर चुके हैं कि वे देश की पारंपरिक राजनीतिक व्यवस्था को चुनौती देंगे और भविष्य में प्रधानमंत्री पद की दौड़ में भी उतरने की तैयारी में हैं. इसी रणनीति के तहत उन्होंने ओली के प्रभाव वाले झापा-5 निर्वाचन क्षेत्र को चुना है.
दोनों नेताओं ने प्रचार में झोंकी पूरी ताकत
वहीं, ओली ने भी इस चुनौती को गंभीरता से लेते हुए चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी है. उन्होंने झापा में घर-घर जाकर जनसंपर्क अभियान शुरू किया है और अपने पुराने समर्थक आधार को फिर से मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं. ओली अपने अनुभव, विकास कार्यों और राजनीतिक पकड़ को चुनावी हथियार के तौर पर पेश कर रहे हैं.
झापा सीट दोनों नेताओं के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई बन चुकी है. जहां ओली के लिए अपने गढ़ को बचाए रखना चुनौती है, वहीं बालेन के लिए यह पारंपरिक राजनीति के खिलाफ अपनी लोकप्रियता को साबित करने का बड़ा मौका है. इस बीच, झापा जिले में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है. नेपाल पुलिस के अनुसार, जैसे-जैसे चुनाव प्रचार तेज हो रहा है, वैसे-वैसे कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं. अधिकारियों का कहना है कि चुनाव शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराना उनकी प्राथमिकता है.
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हालांकि, इस सीट से अन्य राजनीतिक दलों के उम्मीदवार भी मैदान में हैं. नेपाली कांग्रेस से मंधारा पौडेल, नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी से रणजीत तमांग और राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी से लक्ष्मी संगरौला भी चुनाव लड़ रहे हैं. इसके बावजूद, मुख्य मुकाबला केपी शर्मा ओली और बालेंद्र शाह के बीच ही माना जा रहा है.

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