Rafale Deal: राफेल तो ट्रेलर... भारत की झोली में हर साल 40 फाइटर जेट, एयरफोर्स की दशकों पुरानी मुराद पूरी

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राफेल तो ट्रेलर.. भारत की झोली में हर साल 40 फाइटर जेट, एयरफोर्स की मुराद पूरी

Last Updated:February 18, 2026, 08:52 IST

Rafale Deal: इंडियन एयरफोर्स अगले दशक में सुपर एयर पावर बनने वाली है. उसकी झोली में हर साल करीब 40 फाइटर जेट्स डिलिवर किए जाएंगे. एयरफोर्स लंबे समय से कहती रही है कि वह घटते फाइटर जेट्स की कमी को पूरा करने के लिए उसे हर साल कम से कम 40 जेट चाहिए. ऐसे में अब उसकी यह मुराद पूरी होने जा रही है.

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अगले दशक में एयरफोर्स की झोली में फाइटर जेट्स की बारिश होने वाली है. फोटो- रायटर

Rafale Deal: चीन और पाकिस्तान जैसे दुश्मन देशों से घिरे भारत की एयरफोर्स अब सुपर एयर पावर बनने जा रही है. यह हम नहीं बल्कि आंकड़े कह रहे हैं. दरअसल, फ्रांस के साथ 114 राफेल लड़ाकू विमानों के सौदे के साथ एयरफोर्स कई अन्य डील में जुटी है और ये सभी डील्स या तो पूरे हो गए हैं या अगले कुछ सालों में पूरे होने वाले हैं. इससे एयरफोर्स की एक दशकों पुरानी मांग पूरी होने वाली है. एयरफोर्स कहती है कि उसके स्क्वाड्रन की घटती संख्या को थामने के लिए उसे हर साल कम से कम 40 फाइटर जेट्स चाहिए. यह डिलिवरी अगले कम से कम एक दशक तक लगातार बनी रहनी चाहिए. ऐसे में अब यह तय हो गया है कि एयरफोर्स के अगले दशक में हर साल करीब 40 फाइटर जेट्स मिलेंगे.

ऐसे में इंडियन एयरफोर्स को केवल एक डील पर निर्भर नहीं है. भारत मात्र 114 राफेल खरीद रहा है. लेकिन अगले दशक में देश को कम के कम 400 से 500 फाइटर जेट्स की जरूरत है. ऐसे में राफेल मात्र से इसकी भरपाई नहीं हो सकती है.

भारी संख्या में फाइटर जेट्स की जरूरत

दरअसल, भारत के पास इस वक्त केवल 29 एक्टिव फाइटर जेट्स स्क्वाड्रन हैं. जबकि मंजूर क्षमता 42 की है. इतना ही नहीं चीन की एयरफोर्स की ताकत को देखते हुए यह संख्या बढ़कर 60 स्क्वाड्रन की भी हो सकती है. 60 स्क्वावड्रन का मतलब 1080 फाइटर जेट्स है. एक स्क्वाड्रन में 18 जेट्स होते हैं. मौजूदा वक्त में देश के पास करीब 500 फाइटर जेट्स हैं. इसमें से भी करीब 200 जेट्स अगले दशक में रिटायर हो जाएंगे. मिग, जैगुआर और मिराज-2000 विमान फेज वाइज रिटायर होंगे. ऐसे में एयरफोर्स के बेड़े में मुख्य रूप से केवल सुखोई-30एमकेआई और 36 राफेल विमान बच जाएंगे.

भारत फ्रांस से 114 राफेल फाइटर जेट्स का सौदा कर रहा है. फोटो- रायटर

तेजस मार्क-1ए डिलिवरी के लिए तैयार

इसी संकट या फिर कमी को दूर करने के लिए भारत व्यापक स्तर पर फाइटर जेट्स में निवेश कर रहा है. देसी 4.5 पीढ़ी के हल्के लड़ाकू विमान तेजस मार्क-1ए एयरफोर्स को डिलिवरी के लिए तैयार हैं. एयरफोर्स ने इसके 180 यूनिट्स खरीदे हैं. फिर एयरफोर्स की योजना 120 तेजस-मार्क2 खरीदने की है. इसके अलावा भारत देसी 5वीं पीढ़ी के फाइटर जेट एम्का पर भी तेजी से बढ़ रहा है. इसके बीच में ही फ्रांस से 114 राफेल का सौदा हो रहा है. यानी ये सभी चीजें एक साथ चल रही हैं. ऐसे में 2030 का दशक देखें तो भारत की एयरफोर्स को सुपर एयर पावर बनने से कोई नहीं रोक सकता.

अगले दशक में फाइटर जेट्स की बारिश

180 तेजस मार्क-1ए- इसकी डिलिवरी शुरू होने वाली है. एचएएल की योजना हर साल कम से कम 24 से 30 फाइटर जेट्स डिलिवर करने की है. यानी अगले 6 से 7 साल में एयरफोर्स को सभी जेट डिलिवर कर दिए जाएंगे. तेजस मार्क-2- एयरफोर्स इस 4.5 जेन के मीडियम साइज फाइटर जेट्स की 120 यूनिट खरीदने वाली है. इसका प्रोटोटाइप करीब-करीब तैयार है. सब कुछ ठीक रहा तो 2029-30 से इसकी भी डिलिवरी शुरू हो जाएगी. इसे भी एचएएल बना रही है. एचएएल इसकी भी हर साल करीब 24 यूनिट डिलिवर करने की योजना पर काम कर रही है. राफेल- भारत फ्रांस से 114 राफेल की डील करने जा रहा है. राफेल 4.5+ जेन की मल्टीरोल हैवी फाइटर जेट है. यह करीब 3.25 लाख करोड़ की डील है. प्राइस और निर्माण की तमाम शर्तों पर निगोशिएशन में करीब एक साल का समय लगेगा. यानी 2027 के शुरू में इस डील पर दस्तखत किए जाएंगे. इसके बाद इस जेट की डिलिवरी भी 2029-30 में शुरू हो जाएगी. एयरफोर्स को हर साल करीब 24 फाइटर जेट्स की डिलिवरी की जाएगी. एम्का- भारत तेजी से अपने देसी फिफ्थ जेन फाइटर जेट एम्का पर काम कर रहा है. इसका भी प्रोटोइप उड़ान 2029-30 शुरू होने की उम्मीद है. सब कुछ ठीक रहा तो 2034-35 में इसको एयरफोर्स में शामिल किया जाएगा. रिपोर्ट के मुताबिक भारत इस पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट्स का कम से कम सात स्क्वाड्रन बनाएगा. यानी 120 से 126 एम्का विमान खरीदे जाएंगे. इसकी डिलिवरी भी हर साल करीब 24 जेट की होगी. यानी 2030 के दशक में हर साल एयरफोर्स को 40 से 50 फाइटर जेट्स मिल सकते हैं.

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संतोष कुमार

न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स...और पढ़ें

First Published :

February 18, 2026, 08:47 IST

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