Last Updated:February 17, 2026, 11:22 IST
Assam News: असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने राज्य में बांग्लादेश से अवैध घुसपैठ और मुस्लिम आबादी वृद्धि पर चिंता जताई हैं. उन्होंने कहा है कि राज्य में इस वक्त 40 फीसदी के करीब मुस्लिम आबादी है जबकि 2011 में यह 34 फीसदी थी. उन्होंने इसके लिए कांग्रेस पर तुष्टिकरण का आरोप लगाया हैं. हालांकि विपक्ष ने उनके बयान की निंदा की है.

Assam News: असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मंगलवार को राज्य में डेमोग्राफिक स्थिति को लेकर गहरी चिंता जताई और दावा किया कि पिछले कांग्रेस शासन के दौरान बांग्लादेश से बड़े पैमाने पर अवैध घुसपैठ के कारण मुस्लिम आबादी में तेजी से वृद्धि हुई है. मीडिया से बातचीत में सीएम सरमा ने कहा कि असम की समग्र स्थिति बहुत अच्छी नहीं है और कई सामाजिक-राजनीतिक चुनौतियां जनसांख्यिकीय बदलाव से जुड़ी हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की मुस्लिम आबादी का एक बड़ा हिस्सा बांग्लादेश से अवैध रूप से आए लोगों का है. उन्होंने कहा कि असम में मुस्लिम समुदाय की आबादी करीब 40 फीसदी हो गई है. इसमें से अधिकतर लोग मूल रूप से बांग्लादेश से आए थे.
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि असम में केवल छोटा प्रतिशत मुस्लिम ही देश हित में सोचते हैं, जबकि अधिकांश अंतरराष्ट्रीय सीमा पार से आए हैं. उन्होंने कहा कि यह घुसपैठ मुख्य रूप से कांग्रेस के शासनकाल में हुई. वह सीमाओं की सुरक्षा और जनसांख्यिकीय संतुलन बनाए रखने में विफलता रही. सरमा ने आगे कहा कि ऐसे प्रवासी भविष्य में किसी संघर्ष की स्थिति में बांग्लादेश का समर्थन कर सकते हैं, जिससे सुरक्षा को खतरा है.
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उन्होंने अवैध प्रवास को असम और पूरे पूर्वोत्तर के लिए सबसे गंभीर चुनौती बताया. बीजेपी सरकार की ओर इशारा करते हुए सीएम ने कहा कि उनकी सरकार असम की पहचान, भूमि और संसाधनों की रक्षा के लिए दृढ़ कदम उठा रही है. इसमें अतिक्रमण के खिलाफ बेदखली अभियान, सीमा निगरानी मजबूत करना और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) अपडेट करना शामिल है. उन्होंने कांग्रेस पर दशकों से तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया, जिससे बड़े पैमाने पर प्रवास को बढ़ावा मिला और राज्य की जनसांख्यिकीय संरचना बदल गई. सरमा ने कहा कि वर्तमान सरकार ऐतिहासिक गलतियों को सुधारने और राज्य की दीर्घकालिक सुरक्षा व स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है.
विपक्ष ने बयान की निंदा की
इस बीच, विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री के बयानों की कड़ी निंदा की है. कांग्रेस नेताओं ने इन्हें विभाजनकारी और तथ्यात्मक रूप से गलत बताया, आरोप लगाया कि सरमा मतदाताओं को ध्रुवीकृत करने और शासन की कमियों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं. असम में बांग्लादेश से अवैध प्रवास का मुद्दा दशकों से राजनीतिक रूप से संवेदनशील रहा है. 1985 के असम समझौते और असम आंदोलन के बाद से यह चुनावी बहस और नीतियों का केंद्र रहा है. 2011 की जनगणना में मुस्लिम आबादी 34.22 फीसदी थी, जबकि मुख्यमंत्री ने हाल में दावा किया है कि यह अब 40 फीसदी के आसपास पहुंच गई है और 2027 की जनगणना में बांग्लादेश मूल के मुस्लिम 40 फीसदी तक हो सकते हैं.
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न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स...और पढ़ें
First Published :
February 17, 2026, 11:20 IST

1 hour ago
