कर्नल सोफिया कुरैशी को गणतंत्र दिवस पर बड़ा सम्मान, 'ऑपरेशन सिंदूर' का बनी थीं चेहरा

1 hour ago

Last Updated:January 25, 2026, 22:33 IST

Colonel Sophia Quraishi News: ऑपरेशन सिंदूर की नायिका कर्नल सोफिया कुरैशी को विशिष्ट सेवा मेडल से सम्‍मान‍ित क‍िया गया है. वे पहली महिला कमांडर हैं जिन्होंने एक्सरसाइज फोर्स 18 में भारतीय दल का नेतृत्व किया था.

कर्नल सोफिया कुरैशी को बड़ा सम्मान, 'ऑपरेशन सिंदूर' का बनी थीं चेहराकर्नल सोफ‍िया कुरैशी. (File Photo)

नई दिल्ली/वडोदरा. ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का चेहरा बनीं कर्नल सोफिया कुरैशी को इस गणतंत्र दिवस पर विशेष सम्मान मिलने जा रहा है. 77वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर जारी वीरता पुरस्कारों की सूची में कर्नल सोफिया कुरैशी को ‘विशिष्ट सेवा मेडल’ (VSM) देने की घोषणा की गई है. यह सम्मान उन्हें उच्च कोटि की विशिष्ट सेवा के लिए दिया जा रहा है.

जब ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अंजाम दिया गया, तो विदेश सचिव विक्रम मिस्री के शुरुआती बयान के बाद, कर्नल कुरैशी ही वो अधिकारी थीं जिन्होंने दुनिया के सामने इस ऑपरेशन की बारीकियों को रखा. उन्होंने भारतीय वायुसेना की विंग कमांडर व्योमिसिंह के साथ मिलकर प्रेस ब्रीफिंग की थी. उस दौरान अपनी नपी-तुली भाषा, सटीक संचार शैली और गंभीर व्यक्तित्व (Stoic Demeanor) के कारण उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मीडिया का ध्यान अपनी ओर खींचा था.

कौन हैं कर्नल सोफिया कुरैशी?

कर्नल सोफिया का जीवन उपलब्धियों से भरा रहा है. उनका जन्म 1974 में गुजरात के वडोदरा में एक सैन्य परिवार में हुआ था. उनके दादा सेना में एक धार्मिक शिक्षक थे. 1997 में उन्होंने महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी से बायोकेमिस्ट्री में मास्टर्स की डिग्री हासिल की. उन्होंने ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (OTA), चेन्नई से कमीशन प्राप्त किया. ट्रेनिंग के दौरान ही वे टैक्टिकल स्ट्रैटेजी (रणनीति) और सिग्नल इंटेलिजेंस में अपने प्रदर्शन के लिए जानी जाती थीं.

करियर के सुनहरे पन्ने: जब रचा इतिहास

पहली महिला कमांडर (2016): कर्नल कुरैशी भारतीय सेना की पहली महिला अधिकारी थीं, जिन्होंने किसी बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास में भारतीय दल का नेतृत्व किया. 2016 में ‘एक्सरसाइज फोर्स 18’ (जिसमें आसियान देश शामिल थे) में उन्होंने 40 सदस्यीय दल की कमान संभाली थी.

ऑपरेशन पराक्रम (2001): दिसंबर 2001 में संसद हमले के बाद जब भारत-पाक सीमा पर तनाव बढ़ा, तो पंजाब बॉर्डर पर चलाए गए ‘ऑपरेशन पराक्रम’ में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उनकी सेवा के लिए उन्हें जीओसी-इन-चीफ से कमेंडेशन कार्ड मिला था.

बाढ़ राहत और यूएन मिशन: पूर्वोत्तर भारत में बाढ़ राहत कार्यों के दौरान संचार व्यवस्था संभालने के लिए उन्हें सराहा गया. इसके अलावा, 2006 से उन्होंने कांगो में संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन में 6 साल तक सेवा दी. उनका कहना है, “संघर्ष क्षेत्रों में शांति लाने के प्रयास मेरे लिए गर्व का क्षण रहे हैं.

गणतंत्र दिवस 2026: अन्य पुरस्कार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 77वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर सशस्त्र बलों के लिए कुल 301 सैन्य अलंकरणों को मंजूरी दी है. इनमें शामिल हैं:

30 परम विशिष्ट सेवा मेडल (PVSM)

4 उत्तम युद्ध सेवा मेडल (UYSM)

56 अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM)

135 विशिष्ट सेवा मेडल (VSM) – (जिसमें कर्नल कुरैशी शामिल हैं)

कर्नल सोफिया कुरैशी को मिला यह सम्मान न केवल उनकी व्यक्तिगत वीरता का प्रतीक है, बल्कि यह भारतीय सेना में महिला अधिकारियों के बढ़ते कद और नेतृत्व क्षमता की भी एक मिसाल है.

About the Author

Gyanendra Mishra

Mr. Gyanendra Kumar Mishra is associated with hindi.news18.com. working on home page. He has 20 yrs of rich experience in journalism. He Started his career with Amar Ujala then worked for 'Hindustan Times Group...और पढ़ें

Location :

Delhi,Delhi,Delhi

First Published :

January 25, 2026, 22:33 IST

homenation

कर्नल सोफिया कुरैशी को बड़ा सम्मान, 'ऑपरेशन सिंदूर' का बनी थीं चेहरा

Read Full Article at Source