कहां कराया गया मुस्कान-साहिल का दाखिला, सुबह उठकर जेल में करते हैं ये काम

4 days ago

Last Updated:March 24, 2025, 16:26 IST

Meerut Saurabh Murder Case: सौरभ हत्याकांड के आरोपी साहिल शुक्ला और मुस्कान रस्तोगी का की जेल में क्या है डेली रूटीन. नशा मुक्ति केंद्र में कराया गया है दोनों का दाखिला और सुबह 6 बजे बैरक से बाहर निकलते हैं, य...और पढ़ें

कहां कराया गया मुस्कान-साहिल का दाखिला, सुबह उठकर जेल में करते हैं ये काम

मुस्कान रस्तोगी आखिर जेल में कर क्या रही है जान लें

हाइलाइट्स

मुस्कान ने सरकारी वकील की मांग करते हुए जेल अधीक्षक को प्रार्थना पत्र सौंपा है.मुस्कान को जेल के भीतर मौजूद नशा मुक्ति केंद्र में दाखिल कराया गया है.दोनों को योग और ध्यान की गतिविधियां भी कराई जा रही हैं.

Meerut Saurabh Hatyakand: सौरभ हत्याकांड के बाद मेरठ जिला जेल में बंद साहिल और मुस्कान की जिंदगी अब जेल के सख्त नियमों और रूटीन के इर्द-गिर्द सिमट गई है. दोनों ने अपने मुकदमे की पैरवी के लिए सरकारी वकील की मांग करते हुए जेल अधीक्षक को प्रार्थना पत्र सौंपा है. इस बीच, जेल अधीक्षक ने उनकी दिनचर्या और जेल में चल रहे इलाज के बारे में ताजा जानकारी साझा की है.

कहां कराया गया साहिल-मुस्कान का दाखिल?
साहिल और मुस्कान को जेल के भीतर मौजूद नशा मुक्ति केंद्र में दाखिल कराया गया है. जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बताया कि दोनों नशे की लत से जूझ रहे हैं, जिसके चलते उनकी हालत को देखते हुए यह कदम उठाया गया. नशा मुक्ति केंद्र में उनकी काउंसलिंग के साथ-साथ योग और ध्यान की गतिविधियां भी कराई जा रही हैं. साइकोलॉजिस्ट नियमित रूप से जेल में आकर दोनों की काउंसलिंग कर रहे हैं, ताकि उन्हें नशे की लत से छुटकारा दिलाया जा सके. अधीक्षक ने उम्मीद जताई कि 10 से 15 दिनों में दोनों की स्थिति में सुधार हो सकता है.

सुबह उठकर जेल में करते हैं ये काम
जेल अधीक्षक ने साहिल और मुस्कान की दिनचर्या के बारे में विस्तार से बताया. सुबह 6 बजे जेल के कैदियों को नाश्ते के लिए बैरक से बाहर निकाला जाता है. साहिल और मुस्कान भी इसी समय अपने बैरक से बाहर आते हैं. जेल मैनुअल के अनुसार, उन्हें नाश्ता और खाना समय पर दिया जाता है. इसके अलावा, दिन में जेल के भीतर लगे टीवी पर वे समाचार और अन्य कार्यक्रम देखते हैं. अधीक्षक ने बताया कि हर बैरक में टीवी लगे हुए हैं, जिसे समय-समय पर चलाया जाता है. साहिल और मुस्कान भी अपनी बैरक में टीवी पर टकटकी लगाए देखते हैं.

कब निकलते हैं बैरक से बाहर?
साहिल और मुस्कान को जेल के नियमों के अनुसार, दिन में दो बार बैरक से बाहर निकलने की अनुमति है सुबह 6 बजे नाश्ते के समय और दोपहर में खाने के समय. इसके अलावा, उनकी सुरक्षा और जेल मैनुअल के नियमों को ध्यान में रखते हुए उन्हें ज्यादातर समय बैरक के अंदर ही रखा जाता है. जेल अधीक्षक ने यह भी साफ किया कि दोनों को अलग-अलग बैरक में रखा गया है, और उनके बीच कोई संपर्क नहीं है.

परिवार ने तोड़ा नाता, सरकारी वकील की मांग
साहिल और मुस्कान से अब तक उनके परिवार का कोई सदस्य मिलने नहीं आया है. मुस्कान के माता-पिता ने साफ तौर पर उसकी किसी भी तरह की पैरवी से इनकार कर दिया है. इस वजह से मुस्कान ने पहले सरकारी वकील की मांग की थी और अब साहिल ने भी जेल अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर सरकारी वकील की मांग की है. अधीक्षक ने बताया कि यह प्रार्थना पत्र कोर्ट में भेजा जा चुका है, और जल्द ही इस पर कार्रवाई होगी.

प्रेगनेंसी टेस्ट की खबरों पर अधीक्षक का बयान
जेल अधीक्षक ने मुस्कान के प्रेगनेंसी टेस्ट की अफवाहों को खारिज करते हुए कहा कि इसकी कोई आवश्यकता नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी खबरें निराधार हैं, और जेल प्रशासन दोनों की सेहत और मानसिक स्थिति पर पूरा ध्यान दे रहा है.

जेल में चल रहा है सख्त रूटीन
जेल में साहिल और मुस्कान की दिनचर्या को सख्ती से नियंत्रित किया जा रहा है. नशा मुक्ति केंद्र में उनकी काउंसलिंग और योग-ध्यान के सत्रों के अलावा, उन्हें जेल के नियमित रूटीन का पालन करना पड़ रहा है. अधीक्षक ने बताया कि उनकी सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है, और आम कैदियों को उनसे ज्यादा बातचीत न करने की हिदायत दी गई है.

आगे क्या होगा?
साहिल और मुस्कान की नशे की लत से उबरने की प्रक्रिया जारी है. पुलिस ने बताया कि उनकी 14 दिन की न्यायिक हिरासत के बाद आगे की पूछताछ की जाएगी. इस मामले को फास्ट-ट्रैक कोर्ट में ले जाने की भी योजना है, ताकि जल्द से जल्द इंसाफ सुनिश्चित किया जा सके। यह देखना होगा कि आने वाले दिनों में इस हत्याकांड में और क्या खुलासे सामने आते हैं.

Location :

Delhi,Delhi,Delhi

First Published :

March 24, 2025, 16:07 IST

homecrime

कहां कराया गया मुस्कान-साहिल का दाखिला, सुबह उठकर जेल में करते हैं ये काम

Read Full Article at Source