काबुल की मेडिकल शॉप से उठा भरोसे का तूफान! अफगानिस्तान में भारतीय दवाइयों की बढ़ रही मांग?

1 hour ago

Indian Medicines Dominate Afghanistan Market: अफगानिस्तान के लोगों का भारत के प्रति लगाव कोई नई बात नहीं है. अब यही भरोसा भारतीय दवाइयों पर भी साफ दिखाई दे रहा है. हाल के दिनों में अफगानिस्तान में भारतीय दवाइयों ने पाकिस्तानी दवाइयों को पीछे छोड़ना शुरू कर दिया है. यह दावा खुद अफगानिस्तान के एक ब्लॉगर ने किया है. जिसके बाद सोशल मीडिया पोस्ट अब चर्चा में है.

अफगान ब्लॉगर ने अपने पोस्ट में बताया
अफगान ब्लॉगर फजल अफगान ने अपने पोस्ट में बताया कि जब वह सिरदर्द की दवा लेने एक मेडिकल स्टोर पहुंचे तो वहां आमतौर पर पाकिस्तान और तुर्किए में बनी पेरोल टैबलेट मिल रही थी. इसी दौरान मेडिकल स्टोर के दुकानदार ने उन्हें भारत में बनी पैरासिटामोल टैबलेट भी दिखाई. दुकानदार का कहना था कि यह दवा ज्यादा असरदार है और कीमत भी कम है.

ब्लॉगर के मुताबिक उन्होंने दुकानदार की बात मानकर भारतीय पैरासिटामोल टैबलेट खरीद ली. दवा खाने के करीब दस मिनट के अंदर ही उनके सिरदर्द में काफी राहत मिल गई. इस अनुभव के बाद उन्होंने यह बात सोशल मीडिया पर साझा की और भारतीय दवाइयों की तारीफ की है.

Add Zee News as a Preferred Source

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के रिश्तों में तनाव
आमतौर पर अफगानिस्तान में रोजमर्रा का ज्यादातर सामान पाकिस्तान से आता रहा है. इसकी वजह यह है कि दोनों देशों की सीमाएं जुड़ी हुई हैं. व्यापार करना आसान रहा है. अब बीते कुछ सालों में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के रिश्तों में काफी तनाव बढ़ा है.

दोनों देशों के बीच बिगड़े हालात
तालिबान के सत्ता में आने के बाद दोनों देशों के बीच हालात और बिगड़ गए हैं. अफगानिस्तान ने पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा को मानने से इनकार कर दिया है. इसे विवादित बता दिया है. वहीं तालिबान से जुड़े संगठन द्वारा पाकिस्तान में कई आतंकी हमले भी हुए. इसके बाद पाकिस्तान ने बड़ी संख्या में अफगान नागरिकों को अपने देश से बाहर निकाल दिया. कुछ समय पहले सीमा पर दोनों देशों के बीच झड़प भी हुई थी, जिसका असर व्यापार पर साफ दिखा.

बता दें कि इन हालातों के चलते अब अफगान व्यापारी पाकिस्तान के अलावा दूसरे देशों से व्यापार के रास्ते तलाश रहे हैं. इसी कड़ी में भारत का सामान, खासकर दवाइयां, ईरान के रास्ते अफगान बाजार तक पहुंच रही हैं.

भारत पहले भी कर चुका मदद
भारत पहले भी अफगानिस्तान में विकास के कई काम कर चुका है. सड़कों से लेकर अस्पताल और दूसरी मदद के कारण अफगान लोगों के दिल में भारत के लिए अच्छा भाव रहा है. अब जब भारतीय दवाइयां बाजार में पहुंच रही हैं तो लोग उन्हें पसंद कर रहे हैं. गुणवत्ता और कीमत दोनों के मामले में भारतीय दवाइयां अफगानिस्तान में पाकिस्तानी दवाइयों से आगे निकलती दिख रही हैं. यही वजह है कि अब अफगान बाजार में भारतीय दवाइयों की पकड़ लगातार मजबूत होती जा रही है.

यह भी पढ़ें: 150 साल बाद स्पेन में होने जा रही अनोखी बात, कौन है वो राजकुमारी जिसने 20 साल की उम्र में रच दिया इतिहास

Read Full Article at Source