काशी से रामेश्वरम तक... पोंगल पर PM मोदी ने याद दिलायी तमिल विरासत, किसानों के लिए कही भावुक बात

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Last Updated:January 14, 2026, 11:39 IST

PM Modi on Pongal: पोंगल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु और दुनिया भर के तमिल समुदाय को शुभकामनाएं देते हुए तमिल विरासत और किसानों की मेहनत को याद किया. उन्होंने काशी से रामेश्वरम तक के सांस्कृतिक जुड़ाव का जिक्र किया और कहा कि पोंगल प्रकृति, परिश्रम और समाज के संतुलन का पर्व है, जो अब वैश्विक उत्सव बन चुका है.

काशी से रामेश्वरम तक… पोंगल पर PM मोदी ने याद दिलाई तमिल विरासतपोंगल के मौके पर PM मोदी ने तमिल संस्कृति, किसानों की मेहनत और काशी-रामेश्वरम के सांस्कृतिक रिश्ते को याद किया. (फोटो X/@BJP4India)

नई दिल्ली: काशी से रामेश्वरम तक भारत की सांस्कृतिक एकता की जिस डोर की बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बार-बार करते हैं. इसकी झलक पोंगल के मौके पर एक बार फिर साफ दिखी. पोंगल को ‘दिल को गर्म करने वाला पर्व’बताते हुए PM मोदी ने सिर्फ शुभकामनाएं. साथ ही उन्होंने इस पर्व को तमिल संस्कृति, परंपरा और किसानों की मेहनत को राष्ट्रीय चेतना से जोड़ दिया. उन्होंने याद दिलाया कि पोंगल केवल तमिलनाडु का त्योहार नहीं, बल्कि प्रकृति, परिवार और समाज के संतुलन का संदेश देने वाला उत्सव है, जिसकी गूंज आज पूरी दुनिया में सुनाई देती है.

पीएम मोदी का यह संदेश ऐसे समय आया है, जब तमिल परंपरा, भाषा और विरासत पर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज है. काशी तमिल संगम से लेकर रामेश्वरम में पंबन ब्रिज के उद्घाटन तक पीए मोदी ने अपने हालिया दौरों का जिक्र कर यह दिखाया कि तमिल सभ्यता भारत की आत्मा का अभिन्न हिस्सा है. पोंगल के बहाने उन्होंने किसानों के परिश्रम, धरती और सूर्य के प्रति कृतज्ञता को भारतीय संस्कृति का मूल बताया. यही वजह है कि उनका यह संदेश भावनात्मक भी रहा और सांस्कृतिक रूप से गहराई भरा भी.

#WATCH | Delhi: Prime Minister Narendra Modi says, “Almost all civilisations in the world celebrate some festival related to crops. In Tamil culture, the farmer is considered the foundation of life… Our farmers are strong partners in nation-building. The Atmanirbhar Bharat… pic.twitter.com/2WCgBUyEBD

प्रकृति और परिश्रम का पर्व: PM मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पोंगल हमें प्रकृति के साथ सामंजस्य में जीने की सीख देता है. यह त्योहार किसानों की मेहनत का उत्सव है. खेतों में पसीना बहाने वाले अन्नदाता के बिना जीवन की कल्पना अधूरी है. धरती और सूर्य के प्रति आभार जताने की परंपरा पोंगल को खास बनाती है. पीएम मोदी ने कहा कि यह पर्व हमें याद दिलाता है कि विकास और प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखना कितना जरूरी है.

पोंगल अब एक वैश्विक उत्सव: प्रधानमंत्री मोदी

PM मोदी ने कहा कि पोंगल अब एक वैश्विक उत्सव बन चुका है. तमिल समुदाय और तमिल संस्कृति से प्रेम करने वाले लोग इसे दुनिया भर में पूरे उत्साह से मनाते हैं. उन्होंने इसे तमिल समाज के मूल्यों, आनंद और सांस्कृतिक गहराई का प्रतीक बताया. प्रधानमंत्री मोदी ने गर्व के साथ कहा कि तमिल दुनिया की सबसे प्राचीन भाषाओं में से एक है और भारत की पहचान को समृद्ध बनाती है.

पीएम मोदी ने कहा कि पोंगल जैसे पर्व भारत की विविधता में एकता का उदाहरण हैं. (फोटो X/@BJP4India)

काशी से तमिलनाडु तक सांस्कृतिक सेतु-पीएम मोदी

अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने बीते एक साल के अनुभव साझा किए. उन्होंने 1000 साल पुराने गंगईकोंडा चोलपुरम मंदिर के दर्शन, काशी तमिल संगम में भागीदारी और रामेश्वरम यात्रा का जिक्र किया. पंबन ब्रिज के उद्घाटन के दौरान तमिल विरासत की भव्यता को देखने की बात उन्होंने दोहराई. पीएम मोदी के अनुसार, ये अनुभव भारत की सांस्कृतिक एकता को मजबूत करते हैं और उत्तर से दक्षिण तक एक भावनात्मक सेतु बनाते हैं.

किसानों के PM नाम भावुक संदेश

प्रधानमंत्री ने अपने पत्र में किसानों के प्रति गहरी संवेदना जताई. उन्होंने लिखा कि पोंगल उन सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर है, जो अपनी मेहनत से जीवन को बेहतर बनाते हैं. खेती, ग्रामीण जीवन और श्रम की गरिमा इस पर्व की आत्मा है. परिवार मिलकर पारंपरिक व्यंजन बनाते हैं, खुशियां बांटते हैं और पीढ़ियों के बीच रिश्ते मजबूत होते हैं.

पोंगल और राष्ट्रीय एकता का संदेश

पीएम मोदी ने कहा कि पोंगल जैसे पर्व भारत की विविधता में एकता का उदाहरण हैं. यह त्योहार सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने की ताकत है. उन्होंने कामना की कि पोंगल लोगों के जीवन में समृद्धि, सफलता और अच्छी सेहत लेकर आए. उनका यह संदेश तमिल समाज के साथ-साथ पूरे देश के लिए सांस्कृतिक सम्मान और जुड़ाव का संकेत देता है.

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Sumit Kumar

सुमित कुमार News18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वे पिछले 3 साल से यहां सेंट्रल डेस्क टीम से जुड़े हुए हैं. उनके पास जर्नलिज्म में मास्टर डिग्री है. News18 हिंदी में काम करने से पहले, उन्ह...और पढ़ें

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January 14, 2026, 11:39 IST

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काशी से रामेश्वरम तक… पोंगल पर PM मोदी ने याद दिलाई तमिल विरासत

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