British Politics: एक तरफ मुस्लिम मुल्क ईरान में खून-खराबे का सिलसिला चल रहा है, तो दूसरी तरफ ईरान से 5 हजार किलोमीटर दूर ब्रिटेन में एक मुस्लिम महिला के प्रधानमंत्री बनने की चर्चा जोरों पर है. ये महिला शबाना महमूद है. शबाना पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर यानी PoK से ताल्लुक रखती हैं. पिछले 16 साल से ब्रिटेन की राजनीति में सक्रिय शबाना महमूद, ब्रिटेन की पीएम पद की सबसे बड़ी दावेदार कैसे हैं? इसे बताने से पहले उनके PoK वाले बैकग्राउंड को समझना जरूरी है.
शबाना का PoK से रिश्ता
शबाना महमूद के परिवार की जड़ें PoK के मीरपुर से जुड़ी हैं. शबाना के पिता महमूद अहमद और मां जुबैदा मीरपुर के बोहरियां गांव से हैं. 80 के दशक में शबाना का परिवार ब्रिटेन के बर्मिंघम में आया था. बर्मिंघम में ही शबाना महमूद और उनके भाई-बहनों का जन्म हुआ था.
मीरपुरी लोगों को ब्रिटेन में किस नजर से देखा जाता है?
शबाना महमूद के मीरपुर कनेक्शन की वजह से भी उन्हें लेकर बातें की जा रही हैं. अब जानते हैं कि ब्रिटिश समाज में मीरपुरी लोगों को किस नजर से देखा जाता है. दशकों से मीरपुर के लोग ब्रिटेन में आकर बसते रहे हैं लेकिन इन लोगों के साथ एक सोशल स्टिग्मा यानी सामाजिक दाग भी जुड़ा है. PoK के मीरपुर से आए लोगों को ब्रिटेन में अपराध से जोड़ा जाता रहा है. मीरपुरियों को ब्रिटेन में इस नजर से क्यों देखा जाता है. ये समझने के लिए कुछ आंकड़े और जानकरी बेहद गौर से देखनी और समझनी चाहिए.
ब्रिटेन की ग्रूमिंग गैंग
वर्ष 2002 में पहली बार ब्रिटेन में ग्रूमिंग गैंग से जुड़े मामले सामने आए थे. इन गैंग्स में पाकिस्तानी मूल के वो लोग शामिल थे जो मूल ब्रिटिश लड़कियों की ब्लैकमेलिंग और यौन शोषण करते थे. सालों की पड़ताल के बाद जब वर्ष 2024 में रिपोर्ट सामने आई तो पता चला कि इन पाकिस्तानियों में से ज्यादातर PoK के मीरपुर से थे. ब्रिटेन में रहने वाले कई मीरपुरियों पर अफगानिस्तान के जरिए हेरोइन जैसी ड्रग्स की तस्करियों के आरोप लग चुके हैं. आज ब्रिटेन के कारागारों में मौजूद कैदियों में से 15 प्रतिशत पाकिस्तानी मूल के परिवारों से हैं और इनमें से 5 प्रतिशत का रिश्ता PoK के मीरपुर से है.
शबाना महमूद पर इसलिए उठ रहे सवाल
ऐसे जघन्य अपराधों की वजह से मीरपुरियों और पाकिस्तानियों के खिलाफ ब्रिटेन में लगातार प्रदर्शन भी होते रहे हैं. यही वो वजह भी है जिनके चलते आज शबाना महमूद को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं. हिंदी की एक कहावत है- कीचड़ में ही कमल खिलता है. कुछ ऐसा ही मामला शबाना महमूद का भी है. मीरपुर जैसी कुख्यात जगह से कनेक्शन होने के बावजूद शबाना महमूद को ब्रिटेन में एक सख्त राष्ट्रवादी नेता के तौर पर पहचाना जाता है. शबाना की इस पहचान को समझने के लिए आपको उनकी कुछ नीतियों को बेहद गौर से देखना चाहिए.
शबाना की नीतियां
शबाना महमूद को प्रवासी विरोधी माना जाता है. शबाना मानती हैं कि ब्रिटेन में प्रवासियों को मिलने वाली नागरिकता की तय समय सीमा होनी चाहिए यानी ब्रिटेन में कोई प्रवासी पूरा जीवन नहीं रह सकता. शबाना महमूद कई मौकों पर कह चुकी हैं कि शरणार्थियों के देशों में जब हालात सुधर जाएं तो उन्हें वापस मूल देश में भेज देना चाहिए.
गाजा पर शबाना ने क्या कहा?
अब से कुछ महीने पहले जब गाजा के नाम पर हमास समर्थक ब्रिटेन में प्रदर्शन कर रहे थे तब शबाना महमूद ने साफ-साफ कहा था कि ब्रिटेन में यहूदियों की सुरक्षा ब्रिटिश सरकार की पहली प्राथमिकता है. इस बयान के बाद शबाना महमूद को कई सवालों का सामना भी करना पड़ा था लेकिन शबाना अपनी नीतियों पर अडिग खड़ी रहीं. इसी राष्ट्रवादी छवि और नीति की वजह से आज चर्चा हो रही है कि शबाना महमूद ब्रिटेन की पहली मुस्लिम प्रधानमंत्री बन सकती हैं.

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