चीन के बाजू में भारत ने बनाया पुल, 100 साल है उसकी लाइफ, 15 मिनट में पूरी हो जाएगी 30 किलोमीटर की दूरी

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Last Updated:February 18, 2026, 10:51 IST

New Bridge on Brahmaputra : भारत ने ब्रह्मपुत्र नदी पर एक और ब्रिज का निर्माण पूरा कर लिया है. पीएम मोदी ने इसका उद्घाटन भी कर दिया है और माना जा रहा है कि 6 लेन का यह पुल करीब 100 साल तक अपनी सेवाएं देने में सक्षम है. यह देश का पहला ऐसा पुल है, जिसे बनाने में गार्डर और केबल दोनों का इस्‍तेमाल किया गया है, ताकि इसे भूकंप से बचाया जा सके.

चीन के बाजू में भारत ने बनाया पुल, 100 साल है लाइफ, 15 मिनट में पूरी होगा सफरZoom

भारत ने 3 हजार करोड़ की लागत से भूकंपरोधी ब्रिज बनाया है.

नई दिल्‍ली. भारत ने पूर्वोत्‍तर राज्‍य में अपनी कनेक्टिविटी को और मजबूत कर लिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल में ही 1.2 किलोमीटर के भूकंपरोधी ब्रिज का उद्घाटन किया. इस पुल के बनने से दक्षिण गुवाहाटी से उत्‍तर गुवाहाटी का सफर महज 7 मिनट में पूरा हो सकेगा. अभी तक इस दूरी को तय करने में घंटेभर से भी ज्‍यादा समय लग जाते थे. ब्रह्मपुत्र नदी पर बना यह ब्रिज तकनीक के लिहाज से भी काफी अनूठा है. इसके निर्माण में गार्डर के साथ-साथ केबल का भी प्रयोग किया गया है, ताकि इसे भूकंपरोधी बनाया जा सके.

मामले से जुड़े अधिक‍ारियों का कहना है कि इस ब्रिज का नाम कुमार भास्‍कर वर्मा रखा गया है और इसके निर्माण पर करीब 3 हजार करोड़ रुपये का खर्चा आया है. यह ब्रिज देखने में छोटा भले ही है, लेकिन इसकी उपयोगिता बहुत बड़ी है. अभी तक उत्‍तर गुवाहाटी से दक्षिण गुवाहाटी तक जाने के लिए करीब 30 किलोमीटर का चक्‍कर लगाना पड़ता था, जिसमें 1 घंटे से भी ज्‍यादा समय लग जाता था. ब्रिज के जरिये अब महज 15 मिनट में ही इस दूरी को पूरा किया जा सकेगा.

तकनीक का कारनामा है ब्रिज
इस पुल को बनाने वाली कंपनी एसपीएस कंस्‍ट्रक्‍शन इंडिया के निदेशक रोहित सिंगला का कहना है कि यह असम के दीर्घकालिक परिवहन नेटवर्क के लिए एक महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग उपलब्धि और प्रमुख योगदानकर्ता है. इस पुल से यात्रा का समय कम होगा, जाम की समस्या घटेगी और यात्रियों, मालवाहकों और लंबी दूरी के यात्रियों के लिए सफर आसान होगा. हमारी भूमिका, इसे बनाने की थी और खुशी है कि हम इसमें तय समय के भीतर कामयाब हुए.

100 साल तक चलेगा ब्रिज
सिंगला ने बताया कि पारंपरिक सस्पेंशन ब्रिज की तुलना में इस आधुनिक एक्स्ट्राडोज्ड डिजाइन से पुल को अधिक मजबूती और टिकाऊपन मिलेगा. साथ ही ब्रह्मपुत्र की चौड़ी धारा पर तेजी से निर्माण की सुविधा भी मिली और इसमें भूकंपरोधी गुण होने की वजह से यह पुल 100 साल तक अपनी सेवाएं दे सकता है. यह पुल असम के भूकंप जोन-6 में आता है. लिहाजा इसकी मजबूती पर खास जोर दिया गया है. इस पुल के साथ जुड़ा कॉरिडोर करीब 8 किलोमीटर लंबा है.

सेना के लिए विशेष महत्‍व
चीन की सीमा के पास बने इस ब्रिज का रणनीतिक महत्‍व भी है. इसकी मदद से भारतीय सेनाओं को सीमाई क्षेत्र तक पहुंचना आसान हो जाएगा. 6 लेन के इस ब्रिज से नॉर्थ गुवाहाटी में आवाजाही आसान हो जाएगी, जहां अभी तक सीधी कनेक्टिविटी नहीं थी. इसके तैयार होने से अब गुवाहाटी के उत्‍तरी भाग में भी विकास योजनाएं तेजी से बढ़ेंगी और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे. लिहाजा यह ब्रिज सिर्फ कनेक्टिविटी को ही नहीं सुधारेगा, बल्कि क्षेत्र के विकास में भी बड़ी भूमिका निभाएगा.

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Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि...और पढ़ें

Location :

New Delhi,Delhi

First Published :

February 18, 2026, 10:51 IST

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