डिजिटल युग में जहां पढ़ने की आदत पर सवाल उठते रहते हैं, वहीं पुस्तक मेला यह साबित करता है कि किताबों का आकर्षण आज भी बना हुआ है. मेले में आए पाठकों का कहना है कि यह सिर्फ किताबें खरीदने की जगह नहीं, बल्कि एक साझा साहित्यिक अनुभव है. चारों ओर किताबें देखकर मन को सुकून मिलता है और बिना किसी रोक-टोक के वहीं खड़े होकर पढ़ने की आज़ादी अलग एहसास देती है. कई नियमित पाठकों के लिए यह मेला एक समुदाय जैसा है, जहां किताबों से प्यार करने वाले लोग मिलते हैं और अकेलापन दूर होता है.
डिजिटल से नहीं मिल सकता किताबों का अनुभव, वर्ल्ड बुक फेयर में Gen Z का जुनून, देखें वीडियो
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