'तीसरी दुनिया' के वो देश, जिनकी अमेरिका में अब 'नो एंट्री'? सारा बेकस्ट्रॉम की मौत के बाद Donald Trump ने दी खुली चेतावनी

1 hour ago

Donald Trump: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बड़ा ऐलान किया है. बीते बुधवार को व्हाइट हाउस के पास हुए हमले में घायल महिला नेशनल गार्ड सारा बेकस्ट्रॉम की मौत हो गई थी, इस घटना पर ट्रंप ने दुख जाताया और चेतावनी दी है कि अमेरिका अब ‘थर्ड वर्ल्ड कंट्रीज’ से माइग्रेशन को स्थायी रूप से रोक देगा. यह कदम तब सामने आया जब वॉशिंगटन डी.सी. में एक अफगानी नागरिक द्वारा किए गए हमले में दो नेशनल गार्ड सैनिकों को गोली मारी गई, जिनमें से एक 20 वर्षीय सारा ब्रैकमैन की मौत हो गई, जबकि दूसरा अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच की लड़ाई लड़ रहा है. इस घटना ने अमेरिका की राजनीति और सुरक्षा एजेंसियों को झकझोर दिया और ट्रंप ने इसे देश की 'विफल' इमिग्रेशन नीतियों का परिणाम बताया.

इस पूरी घटना के बाद ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर की गई अपनी पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि 'सभी तीसरी दुनिया के देशों से माइग्रेशन पर रोक लगा देनी चाहिए, ताकि अमेरिकी सिस्टम पूरी तरह से ठीक हो सके.. इसके साथ ही उन्होंने बड़े पैमाने पर डिपोर्टेशन, लाभ योजनाओं पर रोक और यहां तक कि कुछ नागरिकों की नेचुरलाइज़्ड सिटिजनशिप रद्द करने की बात भी कही.

रिवर्स माइग्रेशन क्यों चाहते हैं ट्रंप?

दरअसल, व्हाइट हाउस के पास हुए हमले का आरोप अफगानिस्तान के एक पूर्व CIA कॉन्ट्रैक्ट कर्मी रहतुल्लाह लाकनवाल पर है, जिसने व्हाइट हाउस से कुछ दूरी पर दो सैन्यकर्मियों पर नजदीक से गोली चलाई. ब्रैकमैन की मौत थैंक्सगिविंग के दिन अस्पताल में हुई. इसी घटना के बाद ट्रंप ने अमेरिकी इमिग्रेशन सिस्टम पर तीखा हमला बोला और कहा कि 'मैं सभी तीसरी दुनिया के देशों से होने वाले माइग्रेशन को हमेशा के लिए रोक दूंगा. बाइडेन के लाखों गैर-कानूनी एडमिशन खत्म करूंगा… सभी फेडरल फायदे खत्म करूंगा… घरेलू शांति को नुकसान पहुंचाने वाले माइग्रेंट्स को डीनैचुरलाइज करूंगा… सिर्फ रिवर्स माइग्रेशन ही इस स्थिति को पूरी तरह से ठीक कर सकता है.' ट्रंप की ये पोस्ट साफ संकेत दे रही है कि आने वाले महीनों में अमेरिका की इमिग्रेशन नीति में बड़े बदलाव संभव हैं.

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थर्ड वर्ल्ड कंट्रीज कौन हैं? जिन पर भड़के ट्रंप

अब सवाल है जिस तीसरी दुनिया को लेकर ट्रंप ने चेतावनी दी है वो आखिर क्या है. तो जान लीजिए कि पहली, दूसरी और तीसरी दुनिया की अवधारणा कोल्ड वॉर के दौर में बनी थी. आज के संदर्भ में थर्ड वर्ल्ड कंट्रीज शब्द राजनीतिक रूप से विवादित माना जाता है, लेकिन ट्रंप ने इसे उसी पुरानी परिभाषा के अनुसार इस्तेमाल किया.

पहली दुनिया (First World)- अमेरिका, पश्चिमी यूरोप, जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया जैसे विकसित देश.

दूसरी दुनिया (Second World)- सोवियत संघ, पोलैंड, पूर्वी जर्मनी, चीन से जुड़े साम्यवादी राष्ट्र.

तीसरी दुनिया (Third World)- अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका के वे देश जो आर्थिक रूप से पिछड़े और अविकसित माने गए.

USCIS ने इन 19 देशों के ग्रीन कार्ड की दोबारा जांच के आदेश दिए

व्हाइट हाउस के पास हुए हमले के बाद USCIS ने नई पॉलिसी जारी की है, जिसके अनुसार 19 'चिंताजनक स्थिति वाले देशों' से आए लोगों के ग्रीन कार्ड कड़े तरीके से पुन जांचे जाएंगे. इसे तत्काल प्रभाव यानी 27 नवंबर 2025 से लागू कर दिया गया है. USCIS निदेशक जोसेफ एडलो ने कहा 'अमेरिकी जनता की सुरक्षा सर्वोपरि है और उन्हें पिछली सरकार की गलत नीतियों की कीमत नहीं चुकानी चाहिए. इन देशों में अफगानिस्तान, म्यांमार, बुरुंडी, चाड, कांगो गणराज्य, क्यूबा, इक्वेटोरियल गिनी, इरिट्रिया, हैती, ईरान, लाओस, लीबिया, सिएरा लियोन, सोमालिया, सूडान, टोगो, तुर्कमेनिस्तान, वेनेजुएला और यमन शामिल हैं. इस लिस्ट में भी भारत नहीं है.

क्या अमेरिका में इमिग्रेशन पॉलिसी बदल जाएगी?

अब माना जा रहा है कि अगर ट्रंप की माइग्रेशन रोक और 'Reverse Migration' पॉलिसी लागू हुई तो ये आधुनिक अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ा और कठोर इमिग्रेशन बदलाव होगा. जो ना सिर्फ नए प्रवासियों को प्रभावित करेगा, बल्कि उन लाखों लोगों की स्थिति भी बदल सकता है, जो पिछले कई सालों से अमेरिका में रह रहे हैं. वॉशिंगटन आतंकी हमले के बाद ट्रंप द्वारा तीसरी दुनिया के देशों से माइग्रेशन पर पूरी तरह रोक लगाने की घोषणा वैश्विक स्तर पर गहरी राजनीतिक और कूटनीतिक बहस को जन्म दे रहा है.

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