Last Updated:February 18, 2026, 05:49 IST
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को फैसला सुनाया कि एक महिला को छूना और उसके पायजामे का नाड़ा खोलना रेप की कोशिश है. इस तरह सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस विवादित फैसले को खारिज कर दिया जिसमें इस अपराध को कोशिश नहीं बल्कि रेप करने की तैयारी कहा गया था, जिसमें कम सज़ा होती है, क्योंकि इसे महिला की इज़्ज़त को ठेस पहुxचाने की कैटेगरी में रखा गया था.

पायजामे का नाड़ा खोलना या ढीला करना अश्लील हरकत नहीं, बल्कि रेप की कोशिश है. यह टिप्पणी सुप्रीम कोर्ट ने की है. सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस विवाद फैसले को भी पलट दिया है, जिसमें पायजामे के नाड़े को ढीला करना अश्लील हरकत बताया गया था. जी हां, सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को फैसला सुनाया कि एक महिला को छूना और उसके पायजामे का नाड़ा खोलना रेप की कोशिश है. इस तरह सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस विवादित फैसले को खारिज कर दिया जिसमें इस अपराध को कोशिश नहीं बल्कि रेप करने की तैयारी कहा गया था, जिसमें कम सज़ा होती है, क्योंकि इसे महिला की इज़्ज़त को ठेस पहुxचाने की कैटेगरी में रखा गया था.
First Published :
February 18, 2026, 05:49 IST

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