Last Updated:April 03, 2025, 11:44 IST
Rapido Ola Uber Bike Taxi Ban: कर्नाटक हाईकोर्ट ने रैपिडो, ओला, उबर जैसी बाइक टैक्सी कंपनियों को 6 हफ्ते में सेवाएं बंद करने का आदेश दिया है. सरकार को 3 महीने में नियम बनाने होंगे. रैपिडो ने चिंता जताई है.

कर्नाटक हाईकोर्ट ने सभी तरह की बाइक टैक्सी पर रोक लगा दी है.
हाइलाइट्स
कर्नाटक हाईकोर्ट ने बाइक टैक्सी सेवाओं पर रोक लगाई.सरकार को 3 महीने में नियम बनाने का आदेश.रैपिडो ने फैसले पर चिंता जताई.कर्नाटक हाईकोर्ट ने बुधवार को एक बड़ा फैसला सुनाया. कोर्ट ने कहा कि रैपिडो, ओला, उबर जैसी बाइक टैक्सी कंपनियां राज्य में तब तक काम नहीं कर सकतीं, जब तक सरकार मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत नियम और गाइडलाइंस नहीं बनाती. कोर्ट ने सरकार को छह हफ्ते में इन सेवाओं को बंद करने और तीन महीने में नियम बनाने का आदेश दिया. जस्टिस बीएम श्याम प्रसाद ने कहा कि रैपिडो और दूसरी कंपनियों को 6 हफ्ते में अपनी बाइक टैक्सी सेवाएं रोकनी होंगी. उन्होंने यह भी कहा कि जब तक सरकार नियम नहीं बनाती, तब तक परिवहन विभाग मोटरसाइकिल को ट्रांसपोर्ट वाहन के तौर पर रजिस्टर नहीं कर सकता और न ही इसके लिए परमिट दे सकता.
राज्य के परिवहन मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने कहा कि हम कोर्ट के फैसले को अच्छे से देखेंगे. कोर्ट ने 6 हफ्ते का समय दिया है, इसलिए हम अभी कोई सख्त कदम नहीं उठाएंगे. सरकार को नियम बनाने के लिए 3 महीने मिले हैं, हम उस पर काम करेंगे. रैपिडो के एक प्रवक्ता ने चिंता जताई. उन्होंने कहा, “कोर्ट ने 6 हफ्ते बाद बाइक टैक्सी बंद करने को कहा है और परिवहन विभाग को अभी कोई कदम न उठाने को कहा है. रैपिडो कर्नाटक की कंपनी है और हमें अपने लाखों बाइक टैक्सी ड्राइवरों की चिंता है. हम पूरा फैसला देखने के बाद कानूनी कदम उठाएंगे.”
सभी कंपनियों को मानना होगा आदेश
कोर्ट में सुनवाई के दौरान वकील अरुण कुमार ने बताया कि ओला ने अप्रैल 2024 से बाइक टैक्सी शुरू की थी. लेकिन कोर्ट ने कहा कि सभी कंपनियों को यह आदेश मानना होगा. कोर्ट ने 2019 की एक कमेटी की रिपोर्ट का भी जिक्र किया, जिसमें बाइक टैक्सी के ट्रैफिक और सुरक्षा पर असर की बात थी. कोर्ट का कहना था कि नियमों के बिना ये सेवाएं नहीं चल सकतीं.
रैपिडो की मालिक कंपनी रोप्पेन ट्रांसपोर्टेशन ने 2016 में कर्नाटक में बाइक टैक्सी शुरू की थी. यह सस्ती और तेज सेवा के लिए मशहूर हुई. लेकिन परिवहन विभाग ने इसे गैरकानूनी बताया, क्योंकि सफेद नंबर प्लेट वाली बाइक (निजी वाहन) को कमर्शियल काम के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. इसके बाद 2019 में 200 से ज्यादा बाइक और 2021 में 120 बाइक जब्त की गईं. ऑटो और कैब यूनियनों ने भी इसका विरोध किया, क्योंकि उनका रोजगार प्रभावित हो रहा था.
रैपिडो ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी कि सरकार उनकी सेवा में दखल न दे और बाइक को ट्रांसपोर्ट वाहन के तौर पर रजिस्टर करने की इजाजत दे. 2021 में सरकार ने कर्नाटक इलेक्ट्रिक बाइक टैक्सी स्कीम शुरू की, जिसमें सिर्फ इलेक्ट्रिक बाइक को इजाजत दी गई. उसी साल कोर्ट ने रैपिडो के खिलाफ सख्त कार्रवाई पर रोक लगाई थी. अब इस नए फैसले से बाइक टैक्सी कंपनियों को बड़ा झटका लगा है.
First Published :
April 03, 2025, 11:35 IST