Last Updated:January 10, 2026, 23:02 IST
PM Modi Somnath Mandir: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीन दिवसीय गुजरात दौरे के पहले दिन शनिवार को सोमनाथ पहुंच चुके हैं. यहां उन्होंने श्री सोमनाथ ट्रस्ट की एक बेहद अहम बैठक की अध्यक्षता की. पीएम मोदी ने सोमनाथ मंदिर को भारतीय सभ्यता की हिम्मत और साहस का सबसे बड़ा प्रतीक बताया है. यह दौरा ऐतिहासिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि सन् 1026 में हुए पहले महमूद गजनवी के हमले के आज ठीक 1000 साल पूरे हो रहे हैं. इस ऐतिहासिक मौके को पूरा देश 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' के रूप में मना रहा है. प्रधानमंत्री ने मंदिर परिसर में 1000 सेकंड तक सामूहिक ओंकार नाद का हिस्सा बनकर सबको आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया. उन्होंने इस अनुभव को अंतर्मन को स्पंदित और आनंदित करने वाला बताया है. बैठक के दौरान मंदिर के इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेडेशन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को वर्ल्ड क्लास बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई.

सोमनाथ मंदिर का इतिहास संघर्ष और विजय की अद्भुत कहानी है. सन् 1026 में महमूद गजनवी ने इस मंदिर पर पहला बड़ा हमला किया था. उस हमले के 1000 साल पूरे होने पर पीएम मोदी का यहां होना एक कड़ा संदेश है. यह संदेश है कि भारत अपनी विरासत को कभी नहीं भूलता है. प्रधानमंत्री ने कहा कि सोमनाथ हमारी अटूट आस्था का केंद्र है. विदेशी आक्रांताओं ने इसे कई बार तोड़ने की कोशिश की. लेकिन हर बार यह मंदिर और अधिक भव्यता के साथ उठ खड़ा हुआ. आजादी के बाद सरदार वल्लभभाई पटेल ने इसके पुनर्निर्माण का संकल्प लिया था. साल 1951 में देश के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने इसे जनता को समर्पित किया. साल 2026 में इस ऐतिहासिक बहाली के 75 साल भी पूरे हो रहे हैं. आज का 'स्वाभिमान पर्व' उन्हीं अनगिनत योद्धाओं को समर्पित है जिन्होंने इसकी रक्षा में प्राण दिए.

शनिवार की शाम सोमनाथ मंदिर का वातावरण पूरी तरह शिवमय हो गया था. प्रधानमंत्री मोदी ने यहां विशेष पूजा-अर्चना की और महादेव का आशीर्वाद लिया. इसके बाद उन्होंने सामूहिक ओंकार मंत्र के जाप में हिस्सा लिया. करीब 1000 सेकंड तक चले इस नाद ने पूरे परिसर को सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया.

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि 'ॐ' हमारे वेदों और उपनिषदों का सार है. यह ध्यान का मूल और योग का सबसे बड़ा आधार है. उन्होंने इसे 'शब्द ब्रह्म' का स्वरूप बताते हुए अपनी खुशी जाहिर की. इस दौरान मंदिर के ट्रस्टी और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी मौजूद रहे. ओंकार की इस गूँज ने यह दिखा दिया कि भारतीय संस्कृति कितनी जीवंत है.
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अरब सागर के तट पर रात के अंधेरे में एक अद्भुत नजारा देखने को मिला. यहां करीब 3000 ड्रोन्स ने मिलकर आसमान में सोमनाथ का इतिहास रच दिया. इन ड्रोन्स ने अपनी रोशनी से मंदिर पर हुए हमलों और उसके पुनर्निर्माण की तस्वीरें बनाईं. हवा में तैरती इन कलाकृतियों को देखकर हर कोई दंग रह गया.

यह शो अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी और प्राचीन इतिहास का एक बेहतरीन फ्यूजन था. इसके जरिए नई पीढ़ी को सोमनाथ के त्याग और बलिदान की कहानी समझाई गई. प्रधानमंत्री ने भी इस शो का पूरा आनंद लिया. यह ड्रोन शो 'डिजिटल इंडिया' की ताकत का भी एक बड़ा प्रदर्शन था. इसने दिखाया कि कैसे हम अपनी जड़ों से जुड़ने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग कर सकते हैं.

रविवार की सुबह सोमनाथ में एक भव्य 'शौर्य यात्रा' निकाली जाएगी. पीएम मोदी सुबह लगभग 9.45 बजे इस औपचारिक शोभायात्रा में शामिल होंगे. इस यात्रा की सबसे खास बात इसमें शामिल होने वाले 108 घोड़े होंगे. यह संख्या शुभ होने के साथ-साथ वीरता का भी प्रतीक मानी जाती है.

यह शौर्य यात्रा उन योद्धाओं को श्रद्धांजलि देने का एक तरीका है जिन्होंने मंदिर बचाने के लिए युद्ध लड़ा. प्रधानमंत्री 10.15 बजे दोबारा मंदिर में दर्शन करेंगे और फिर जनसभा को संबोधित करेंगे. वह यहां कई नई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन भी कर सकते हैं.

सोमनाथ के बाद पीएम मोदी का अगला बड़ा पड़ाव राजकोट और अहमदाबाद होगा. सोमवार को वह जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ की अगवानी करेंगे. दोनों नेता साबरमती आश्रम जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देंगे. इसके बाद वे साबरमती रिवरफ्रंट पर 'इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल' का लुत्फ उठाएंगे.

भारत और जर्मनी के बीच रणनीतिक साझेदारी के 25 साल पूरे हो रहे हैं. चांसलर मर्ज़ के साथ पीएम मोदी रक्षा और व्यापार जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा करेंगे. गांधीनगर के महात्मा मंदिर में दोनों देशों के बीच डेलिगेशन लेवल की बातचीत होगी. यह दौरा न केवल सांस्कृतिक है बल्कि वैश्विक कूटनीति के लिहाज से भी बड़ा गेम-चेंजर साबित होगा.
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12 hours ago
