सेना बनी देवदूत, आर्मी फील्ड अस्पताल के स्पेशलिस्टों ने संभाला मोर्चा

20 hours ago

Last Updated:April 03, 2025, 11:34 IST

MYANMAR RESCUE OPS: सेना राहत बचाव के ऑपरेशन के लिए हमेशा तैयार रहती है. हर ऑर्डर को मानना और उसे पूरा करना सेना की सिखलाई है. सेना हर तरह के रेस्क्यू और मेडिकल उपकरणों के साथ मौदाने जंग में कूद पड़ती है. पड़ोस...और पढ़ें

सेना बनी देवदूत, आर्मी फील्ड अस्पताल के स्पेशलिस्टों ने संभाला मोर्चा

सेना का अस्पताल काम कर रहा चौबीस घंटे

हाइलाइट्स

भारतीय सेना ने म्यांमार में 200 बेड का फील्ड अस्पताल स्थापित किया.सेना ने 145 से ज्यादा पीड़ितों का इलाज किया, 34 को भर्ती किया.भारतीय वायुसेना और नौसेना ने राहत सामग्री और टीम भेजी.

MYANMAR RESCUE OPS: म्यांमार में भूकंप और उसका आफ्टर शॉक रुक नहीं रहे है. बुधवार को भी म्यांमार में 4.8 तीव्रता का भूकंप आया. गनीमत है कि इसका केंद्र मंडाले से काफी दूर था. मंडाले में ही भारतीय सेना ने अपना बेस कैंप बनाया. यहीं 200 बेड का फील्ड अस्पताल स्थापित किया गया है. 2 अप्रैल की शाम तक सेना के फील्ड अस्पताल में 145 से ज्यादा पीड़ितों का इलाज किया जा चुका है.जिसमें से 34 को अस्पताल में आगे के उपचार के लिए भर्ती किया हुआ है.सेना के मेडिकल टीम ने 550 से ज्यादा अलग अलग तरह के मेडिकल टेस्ट किए, 33 लोगो के एक्स रे और 5 सर्जरी को अंजाम दिया. खुद मंडाले डिविजन के मुख्यमंत्री म्यो आउंग ने आर्मी अस्पताल का दौरा किया. घायलों से मुलाकात की और भारतीय सेना की सराहना की.

भारत की मदद जारी
म्यांमार में भूकंप के तुरंत बाद ही बारत सरकार में मदद के लिए हाथ बढ़ाया. भारतीय सेना के तीनों अंगों को ऑपरेशन के लिए एक्टिवेट किया. राहत बचाव ऑपरेशन में एक्सपर्ट एनडीआरएफ की टीम को तुरंत रवाना किया गया.सबसे पहले प्रथमिकता ही थी कि जल्द से जल्द म्यांमार में पीडितों के लिए चिकित्सा व्यावस्था को शरू किया जा सके. सेना ने बड़ी तेजी से मंडाले में 200 बेड का फील्ड अस्पताल स्थापित कर दिया. खुद मंडाले के मुख्यमंत्री मियो आउंग ने इस फैसेलिटी का दौरा भी किया. भारत सरकार हर तरह से म्यांमार की मदद करने को तैयार है.

आर्मी फील्ड अस्पताल म्यमांर में 
आगरा से भारतीय सेना के 50(I) पैरा ब्रिगेड के फील्ड अस्पताल को म्यांमार में तैनात किया. इस मेडिकल टीम अपने 118 स्पेशलिस्ट रेस्क्यू टीम, उपकरण और कम्यूनिकेशन यूनिट के साथ 29 मार्च को म्यांमार पहुंचा था. यह फैसेलिटी ट्रॉमा केस के साथ साथ इमरजेंसी ऑपरेशन को भी बेहतर तरीके से अंजाम दे सकती है. पूरे फील्ड अस्पलात को वायुसेना के 2 C-17 ग्लोब मास्टर के जरिए भेजा गया. एयरपोर्ट पर लैंड होती ही सबसे पहले एक टोही दल ने मंडाले में हालातों का जायजा लिया फिर इसे ऑपरेशनल बेस के तौर पर स्थापित किया गया.

वायुसेना-नौसेना ने दिया पूरा साथ
आपदा के बाद भारत की तरफ से सबसे पहले एयरफोर्स का C-130 J सुपर हर्क्यूलिस विमान था. भारतीय वायुसेना ने कुल 4 C-130J और 2 C-17 ग्लोबमास्टर लॉन्च किए. इनके जरिए फील्ड अस्पलात, NDRF की राहत बचाव टीम और राहत सामग्री भेजी गई है. कुल 110 टन से ज्यादा सामग्री और 200 से ज्यादा राहत बचाव टीम के सदस्यों को भेजा गया है.वहीं नेवी ने भी ऑपरेशन के लिए अपने शिप को तुरंत तैनात किया. इस्टर्न नेवल कमांड से INS सतपुड़ा और INS सावित्र को राहत सामग्री के साथ 29 मार्च को रवाना किया गया. जो कि 31 मार्च को यगून पहुंचा. इन दोनों शिप के जरिए 40 टन राहत समग्री भेजी गई. इसके अलावा अंदमान निकोबार कमांड ने INS कार्मुक और LCU 52 नेवल शिप को 30 मार्च को यंगून के लिए रवाना किया था. इन दोनों शिप में 25 से 30 टन राहत सामग्री भेजी गई थी. 1 अप्रैल को राहत सामग्री के साथ दोनों जहाज यंगून पहुंच गए. भारत की तरफ से भेजी गई राहत सामग्री में पीने का पानी, कपड़े, दवाएं और इमरजेंसी सामान मौजूद है. नौसेना का पांचवा बड़ा जहाज INS घड़ियाल में 440 टन राहत सामग्री लेकर यंगून पहुंच चुका हैलोड किया गया हैं इसमें चावल, खाने का तेल और दवाएं मौजूद है.

First Published :

April 03, 2025, 11:34 IST

homenation

सेना बनी देवदूत, आर्मी फील्ड अस्पताल के स्पेशलिस्टों ने संभाला मोर्चा

Read Full Article at Source