Last Updated:January 04, 2026, 07:32 IST
जुबीन गर्ग हत्याकांड में एसआईटी ने अदालत में बड़ा खुलासा किया है. पुलिस के मुताबिक, जुबीन के पूर्व मैनेजर और मुख्य आरोपी सिद्धार्थ शर्मा ने पैसों के लालच में उनकी हत्या की. सिद्धार्थ ने जुबीन के 1.1 करोड़ रुपये गबन कर छयगांव में एक वाटर प्लांट (महाबीर एक्वा) में निवेश किए थे. जांच एजेंसी ने कामरूप कोर्ट से इस संपत्ति को कुर्क (Attach) करने की मांग की है. जज ने इसे 'बेनामी लेनदेन' और हत्या का पूर्व-नियोजित मकसद मानते हुए 17 जनवरी तक जवाब तलब किया है.
जुबीन गर्ग की मौत पर एसआईटी का बड़ी से जुड़ी जांच रिपोर्ट कोर्ट में पेश किया जाएगा. (पीटीआई)Zubeen Garg Death News: असम ही नहीं पूरे देश की शान और मशहूर गायक जुबीन गर्ग की सितंबर 2025 में सिंगापुर में हुई हत्या के मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. असम पुलिस की विशेष जांच दल (SIT) ने शनिवार को अदालत को बताया कि इस जघन्य अपराध के पीछे का मुख्य मकसद पैसा था. एसआईटी के अनुसार, जुबीन के पूर्व मैनेजर और मामले के मुख्य आरोपी सिद्धार्थ शर्मा ने गायक के पैसों का गबन कर 1.1 करोड़ रुपये एक पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर प्लांट में निवेश किए थे.
कामरूप कोर्ट में दायर एक याचिका में एसआईटी प्रमुख जांच अधिकारी (IO) रोजी कलिता ने बताया कि आरोपी सिद्धार्थ शर्मा ने गुवाहाटी से करीब 40 किलोमीटर दूर छयगांव (Chaygaon) स्थित महाबीर एक्वा वॉटर प्लांट का अधिग्रहण किया था. पुलिस का दावा है कि इस फैक्ट्री में लगाया गया पैसा जुबीन गर्ग की कमाई से चोरी किया गया था. एसआईटी ने अदालत से इस संपत्ति को तत्काल प्रभाव से कुर्क और जब्त (attachment and forfeiture) करने की मांग की है.
संपत्ति बेचने की फिराक में थे आरोपी
एसआईटी ने अपनी याचिका में तर्क दिया कि यदि अदालत कुर्की का आदेश नहीं देती है, तो सिद्धार्थ शर्मा और उसका बिजनेस पार्टनर चेतन धीरासरिया इस संपत्ति को बेचकर पैसा ठिकाने लगा सकते हैं (liquidate assets). ऐसी स्थिति में, भविष्य में कोर्ट द्वारा मुआवजे की कोई भी घोषणा बेअसर साबित होगी. इन दलीलों को सुनने के बाद, न्यायाधीश गौतम बरुआ ने सिद्धार्थ शर्मा और चेतन धीरासरिया को नोटिस जारी कर 17 जनवरी तक जवाब मांगा है कि उनकी यूनिट को क्यों न जब्त किया जाए.
57 हजार की सैलरी, करोड़ों का निवेश
मामले की सुनवाई के दौरान जज ने एक अहम टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि सिद्धार्थ शर्मा द्वारा किया गया निवेश जुबीन से गबन की गई राशि थी और यही हत्या की पूर्व-नियोजित साजिश (premeditated murder) का मुख्य कारण बनी. जज ने कहा, ‘शर्मा द्वारा बेनामी लेनदेन और मनी लॉन्ड्रिंग ही इस पूरे मामले की जड़ है.’ SIT ने कोर्ट को बताया कि नवंबर 2022 तक सिद्धार्थ शर्मा की मासिक आय केवल 57,000 रुपये थी, लेकिन उसने शो की फीस नकद में लेकर करोड़ों की संपत्ति बना ली.
सिंगापुर मर्डर कनेक्शन
गौरतलब है कि जुबीन गर्ग की हत्या सितंबर 2025 में सिंगापुर में हुई थी. शनिवार को सिद्धार्थ शर्मा समेत छह अन्य आरोपियों को जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया गया. इस मामले में अन्य आरोपियों में सिंगापुर फेस्टिवल के आयोजक श्यामकानु महंत, बैंड सदस्य शेखर गोस्वामी, सह-गायिका अमृतप्रभा महंत, जुबीन के चचेरे भाई और उनके पीएसओ (PSOs) शामिल हैं. SIT की इस रिपोर्ट ने यह साफ कर दिया है कि भरोसेमंद माने जाने वाले लोगों ने ही पैसों के लालच में इस साजिश को अंजाम दिया.
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दीप राज दीपक 2022 में न्यूज़18 से जुड़े. वर्तमान में होम पेज पर कार्यरत. राजनीति और समसामयिक मामलों, सामाजिक, विज्ञान, शोध और वायरल खबरों में रुचि. क्रिकेट और मनोरंजन जगत की खबरों में भी दिलचस्पी. बनारस हिंदू व...और पढ़ें
First Published :
January 04, 2026, 07:32 IST

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