₹18658 करोड़ लागत, 3350 गांव और 47 लाख की आबादी...बदलेगी तस्‍वीर

9 hours ago

Last Updated:April 04, 2025, 22:17 IST

Indian Railway News: भारतीय रेल लगातार अपना नेटवर्क बढ़ा रहा है. इसी क्रम में आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी ने रेलवे के 3 मेगा प्रोजेक्‍ट को हरी झंडी दी है.

₹18658 करोड़ लागत, 3350 गांव और 47 लाख की आबादी...बदलेगी तस्‍वीर

भारतीय रेल के 3 प्रोजेक्‍ट को ग्रीन सिग्‍नल मिल गया है.

हाइलाइट्स

भारतीय रेलवे के 4 मेगा प्रोजेक्‍ट पर कैबिनेट की मुहरमहाराष्‍ट्र, ओडिशा और छत्‍तीसगढ़ को होगा फायदा1247 किलोमीटर के नेटवर्क का होगा कुल विस्‍तार

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने रेल मंत्रालय की चार परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है, जिनकी कुल लागत तकरीबन 18,658 करोड़ रुपए है. महाराष्ट्र, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के 15 जिलों को कवर करने वाली ये 4 परियोजनाएं भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क को लगभग 1247 किलोमीटर तक बढ़ा देंगी. इन प्रोजेक्‍ट में संबलपुर-जरापदा तीसरी और चौथी लाइन, झारसुगुड़ा-सासोन तीसरी और चौथी लाइन, खरसिया-नया रायपुर-परमलकसा 5वीं और 6वीं लाइन और गोंदिया-बल्हारशाह दोहरीकरण शामिल हैं.

इन प्रोजेक्‍ट से काफी सुधार होने की उम्‍मीद है. ये मल्टी-ट्रैकिंग प्रस्‍ताव ऑपरेशन को आसान बनाएंगे और भीड़भाड़ को कम करेंगे, जिससे भारतीय रेलवे के सबसे व्यस्ततम सेक्‍शन पर आवश्यक बुनियादी ढांचागत विकास होगा. ये परियोजनाएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नए भारत के विज़न के अनुरूप हैं. इन परियोजनाओं से क्षेत्र में व्यापक विकास के माध्यम से लोगों को आत्मनिर्भर बनाएगा, जिससे उनके रोजगार/स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे.

मल्‍टी मॉडल कनेक्टिविटी
ये प्रोजेक्‍ट मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी के लिए पीएम-गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान का परिणाम हैं, जो एकीकृत योजना के माध्यम से संभव हो पाई हैं. लोगों की आवाजाही और गुड्स ट्रेनों के लिए निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करेंगी. इन परियोजनाओं के साथ 19 नए स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा, जिससे दो आकांक्षी जिलों (गढ़चिरौली और राजनांदगांव) में कनेक्टिविटी बढ़ेगी. मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना से लगभग 3350 गांवों और लगभग 47.25 लाख आबादी की कनेक्टिविटी बढ़ेगी. खरसिया-नया रायपुर-परमलकसा मार्ग से बलौदा बाजार जैसे नए क्षेत्रों को सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी जिससे क्षेत्र में सीमेंट संयंत्रों सहित नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना की संभावनाएं बनेंगी.

कमर्शियल एक्टिविटी को बढ़ावा
ये कृषि उत्पादों, उर्वरक, कोयला, लौह अयस्क, इस्पात, सीमेंट, चूना पत्थर आदि जैसी वस्तुओं के ट्रांसपोर्टेशन के लिए आवश्यक मार्ग हैं. कैपेसिटी बढ़ने से हर साल 88.77 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाई होगी. पर्यावरण के अनुकूल और ऊर्जा कुशल परिवहन साधन होने के नाते रेलवे, जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने और देश की रसद लागत को कम करने, तेल आयात (95 करोड़ लीटर) को कम करने और सीओ2 उत्सर्जन (477 करोड़ किलोग्राम) को कम करने में मदद करेगा जो 19 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर है.

Location :

New Delhi,Delhi

First Published :

April 04, 2025, 22:17 IST

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