60 KMPH की रफ्तार से आंधी और बारिश, मौसम ने आखिर क्यों लिया यू-टर्न? दिल्ली से यूपी-बिहार तक IMD का अलर्ट

1 hour ago

Today’s Weather Live: देश के कई हिस्सों में मौसम ने एक बार फिर यूटर्न ले लिया है. मार्च के महीने में ही अप्रैल-मई जैसी गर्मी से बेहाल लोगों के लिए रविवार को बारिश की फुहारें बड़ी राहत लेकर आई है. भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) का कहना है कि इस पूरे हफ्ते देश के ज्यादातर हिस्सों में इसी तरह आंधी, बारिश, बिजली और ओलावृष्टि देखने को मिल सकती है.

आईएमडी के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और विभिन्न ऊपरी हवा के साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण यह मौसम प्रणाली विकसित हो रही है, जिसका असर मैदानी इलाकों तक देखने को मिलेगा. इस कारण से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है.

कश्मीर से यूपी तक दिखेगी गरज चमक

मौसम विभाग के मुताबिक कई राज्यों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और ओलावृष्टि की भी संभावना है. जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के अलावा पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. कुछ स्थानों पर यह रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. इसके अलावा पूर्वोत्तर भारत के राज्यों अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले पांच से छह दिनों तक भारी बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है.

कूल-कूल होगा वेदर

मौसम विभाग ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर-पश्चिम भारत में अगले दो दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है. इसके बाद तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने की संभावना है. वहीं मध्य भारत और पूर्वी भारत में फिलहाल तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा, लेकिन अगले कुछ दिनों में 2 से 5 डिग्री तक गिरावट आ सकती है. महाराष्ट्र और गुजरात में भी अगले कुछ दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की कमी दर्ज की जा सकती है.

रविवार को देश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है. जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में कई स्थानों पर बारिश हुई, जबकि पंजाब, उत्तराखंड, असम-मेघालय और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में भी कई जगहों पर वर्षा दर्ज की गई. असम के सिलचर, डिब्रूगढ़ और गुवाहाटी में बारिश हुई, जबकि ओडिशा के अंगुल और मयूरभंज में भी वर्षा दर्ज की गई. इसी तरह कश्मीर घाटी के पहलगाम, गुलमर्ग और श्रीनगर समेत कई इलाकों में हल्की बारिश हुई.

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार फिलहाल उत्तर भारत में पश्चिमी जेट स्ट्रीम सक्रिय है, जिसकी कोर विंड स्पीड करीब 100 नॉट्स तक पहुंच रही है. इसके साथ ही 17 मार्च की रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है, जिससे बारिश और तेज हवाओं की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं.

दिल्ली में कैसा रहेगा मौसम?

राजधानी दिल्ली में आने वाले दिनों में मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है. मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली और आसपास के इलाकों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और हरियाणा के ऊपर बने ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण के कारण मौसम में बदलाव के संकेत हैं. अगले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है, जिससे लोगों को हल्की ठंडक महसूस हो सकती है. हालांकि इसके बाद अगले दो दिनों में तापमान में फिर से हल्की बढ़ोतरी होने की संभावना है. आईएमडी के अनुसार 18 मार्च को दिल्ली में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है. इस दौरान गरज-चमक और 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, जो झोंकों के साथ 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं. मौसम विभाग ने कहा है कि अगले सात दिनों तक राजधानी का अधिकतम तापमान सामान्य से थोड़ा अधिक या सामान्य के आसपास बना रह सकता है.

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मौसम का हाल

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भी आने वाले दिनों में मौसम सक्रिय रहने की संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार 15 और 16 मार्च को उत्तराखंड के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं और ओलावृष्टि हो सकती है. इस दौरान हवाओं की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि झोंकों के साथ यह 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक भी जा सकती है. पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है. उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में भी गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है. 15 और 16 मार्च को खासतौर पर पूर्वी उत्तर प्रदेश में आंधी-तूफान और बिजली गिरने की आशंका है. वहीं 19 और 20 मार्च के आसपास पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी तेज हवाओं और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है. इससे तापमान में भी थोड़ी गिरावट दर्ज हो सकती है.

बिहार और झारखंड का मौसम

पूर्वी भारत के राज्यों बिहार और झारखंड में भी मौसम में बदलाव के संकेत हैं. मौसम विभाग के मुताबिक इन दोनों राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं. कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है. हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. आईएमडी ने चेतावनी दी है कि बिहार, झारखंड और आसपास के इलाकों में तेज हवाओं और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं. इसलिए किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है. बारिश के कारण इन राज्यों में भी तापमान में हल्की गिरावट देखने को मिल सकती है, जिससे गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है.

मौसम विभाग ने देश के कई हिस्सों में आंधी, बिजली और तेज हवाओं की चेतावनी जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. खासकर पहाड़ी क्षेत्रों और खुले इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने और जरूरी सावधानियां बरतने को कहा गया है. आने वाले दिनों में पश्चिमी विक्षोभ और अन्य मौसम प्रणालियों के प्रभाव से देश के कई राज्यों में मौसम का मिजाज बदला-बदला नजर आ सकता है.

IMD के मौसम पूर्वानुमान की खास बातें…

देश में मौसम में बदलाव की मुख्य वजह क्या है?
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और कई ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण के कारण देश के कई हिस्सों में बारिश, आंधी और ओलावृष्टि की स्थिति बन रही है.

किन राज्यों में बारिश और बर्फबारी की संभावना है?
जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 15 से 21 मार्च के बीच हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना है.

किन राज्यों में आंधी और ओलावृष्टि का अलर्ट है?
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों में गरज-चमक, तेज हवाएं और ओलावृष्टि हो सकती है.

हवा की रफ्तार कितनी रह सकती है?
कई जगहों पर हवा की रफ्तार 40 से 60 किमी प्रति घंटा तक रह सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर झोंकों के साथ यह 70 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है.

तापमान पर क्या असर पड़ेगा?
उत्तर-पश्चिम भारत में अगले दो दिनों में अधिकतम तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है. इसके बाद धीरे-धीरे तापमान बढ़ने की संभावना है.

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