8 करोड़ का खजाना मिला तो दिखाई ईमानदारी, अब कीमत सुन सरकार से बोले-हमको भी कुछ हिस्सा दो

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8 करोड़ का खजाना मिला तो दिखाई ईमानदारी, अब कीमत सुन सरकार से बोले- हिस्सा दो

Last Updated:March 12, 2026, 17:36 IST

खजाने में सोने के गहने मिले तो प्रज्वल ने ईमानदारी दिखाई, अब जब उस खजाने की कीमत 8 करोड़ पता चली तो परिवार उसमें पांचवां हिस्सा मांग रहा है. परिवार का दावा है कि 1.6 करोड़ रुपये पर उसका हक है.

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लुकंदी में मिला खजाना जो अब सरकार के पास है.

कर्नाटक के लकुंदी में प्रज्वल रिट्टी घर का निर्माण करा रहे थे. खोदाई में अचानक उन्हें एक बक्सा मिला. जब इसे खोला तो वह हैरान रह गए. इसमें सोने के जेवरात थे जो काफी पुराने लग रहे थे. प्रज्वल के पास मौका था कि वह इन्हें अपने पास रख लें, मगर उन्होंने ईमानदारी दिखाई अब यही ईमानदारी उनके लिए मुसीबत बन गई है.

दरअसल प्रज्वल ने खजाने के बारे में स्थानीय प्रशासन को बताया. वहां से बात मुख्यालय तक पहुंची. सरकार ने गहनों की जांच कराई. जो सच्चाई सामने आई उससे सरकार को गद्गद हो गई, प्रज्ज्वल ने अपना माथा पीट लिया. गहनों की असली कीमत 8 करोड़ निकली जो बाजार भार से 10 गुना ज्यादा है.

प्रज्वल को खोदाई के दौरान जमीन के नीचे दबा सोना जब मिला तो उसमें 22 बेशकीमती गहने थे, इनका कुल वजन 466 ग्राम है. प्रज्वल ने बिना किसी लालच के यह सारा सोना सरकारी अधिकारियों के हवाले कर दिया. जब एक्सपर्ट ने इसकी जांच की तो पता चला कि ये विजय नगर या चालुक्य साम्राज्य के समय के हो सकते हैं. यानी गहने 500 से 600 साल पुराने हैं, एंटीक होने की वजह से इनकी कीमत बाजार भाव से दस गुना ज्यादा है जो तकरीबन 8 करोड़ है.

खजाने में मिले गहने.

जब गहनों की सही कीमत सामने आई तो उन्होंने अपना माथा पीट लिया. हालांकि उन्हें उम्मीद थी कि सरकार नियम के मुताबिक इसमें से पांचवां हिस्सा उन्हें देगी मगर अब तक ऐसा नहीं हो सका. अब प्रज्वल की दादी ने सरकार से मांग की है कि वह उनके पोते का हक जल्द से जल्द दें.

नियमानुसार इस पर उनका हक है. प्रज्वल की दादी कस्तूरव्वा की मां, गिरिजम्मा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि- हमारे पोते ने बहुत ईमानदारी दिखाई और जमीन से मिला खजाना सरकार को सौंप दिया. अब सरकार को भी ईमानदारी दिखानी चाहिए. कानून के हिसाब से 8 करोड़ की कीमत के पांचवें हिस्से यानी 1.6 करोड़ रुपये पर उनका हक है. परिवार का कहना है कि वह सिर्फ सोने के वजन के हिसाब से पैसा नहीं लेंगे, जो ऐतिहासिक कीमत तय हुई है उसी हिसाब से मिलनी चाहिए.

First Published :

March 12, 2026, 17:36 IST

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