Last Updated:February 13, 2026, 22:44 IST

नई दिल्ली. सरकार ने शुक्रवार को लोकसभा को बताया कि भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) के कार्यालय को 2016 से अब तक मौजूदा जजों के खिलाफ 8,600 से अधिक शिकायतें मिली हैं. कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने एक सवाल के लिखित जवाब में बताया कि 2016 से 2025 के बीच मौजूदा जजों के खिलाफ 8,639 शिकायतें प्राप्त हुई हैं. 2024 में सीजेआई कार्यालय को मौजूदा जजों के खिलाफ सबसे अधिक शिकायतें (1,170) मिलीं.
उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों और न्यायाधीशों के खिलाफ प्राप्त शिकायतों का निपटारा न्यायपालिका द्वारा ‘आंतरिक तंत्र’ के माध्यम से किया जाता है. उन्होंने कहा कि मई 1997 में, सुप्रीम कोर्ट ने दो प्रस्ताव पारित किए थे – “न्यायिक जीवन के मूल्यों का पुनर्कथन”, जो सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के जजों द्वारा अनुपालन किए जाने वाले कुछ न्यायिक मानकों और सिद्धांतों को निर्धारित करता है; और ‘आंतरिक प्रक्रिया’, जो उन न्यायाधीशों के खिलाफ उचित उपचारात्मक उपाय करती है जो स्वीकृत मूल्यों का पालन नहीं करते हैं.
उन्होंने कहा कि उच्चतर न्यायपालिका की स्थापित आंतरिक प्रक्रिया के अनुसार, प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सुप्रीम कोर्ट के जजों और उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों के विरुद्ध शिकायतें प्राप्त करने के लिए सक्षम हैं. इसी प्रकार, उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीश उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के आचरण के विरुद्ध शिकायतें प्राप्त करने के लिए सक्षम हैं.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h...और पढ़ें
Location :
New Delhi,Delhi
First Published :
February 13, 2026, 22:44 IST

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