DNA: 21वीं सदी में 'हिटलर रिटर्न्स'! क्यों हो रही ट्रंप और जर्मन तानाशाह की तुलना?

1 day ago

Similarities Between Donald Trump & Hitler: वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के साथ जो डॉनल्ड ट्रंप ने किया है,उसकी आलोचना दुनिया भर में हो रही है. रूस और चीन जैसे ट्रंप विरोधी देशों के साथ ही साथ सोशल मीडिया पर भी हैशटैग ट्रंप-हिटलर ट्रेंड कर रहा है.

हिटलर की राह पर ट्रंप

सोशल मीडिया पर कोई कह रहा है कि जिस तरह हिटलर ने 1930 में   पूरी दुनिया को अस्थिर कर दिया था, ठीक उसी तरह ट्रंप भी 21वीं सदी की दुनिया को अस्थिर कर रहे हैं. कहने वाले तो ये तक कह रहे हैं कि ट्रंप सिर्फ नाम के रिपब्लिकन हैं, उनकी असली तासीर तो हिटलर का फासीवाद है. अब हम आपके सामने इसी तुलना का विश्लेषण करने जा रहे हैं, ताकि आपको पता चल सके आखिर क्यों अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के कदमों और शख्सियत को हिटलर जैसा माना जा रहा है.

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अगर आप दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान हिटलर की सैन्य रणनीति को देखेंगे तो उसने सबसे पहले जर्मनी के पड़ोसी देश पोलैंड पर हमला किया था. ठीक इसी तरह ट्रंप ने भी अपने विस्तारवाद का निशाना उस वेनेजुएला को बनाया है जिसकी समंदरी सीमा अमेरिका के साथ लगती है. हिटलर के हमलों के पीछे एक बड़ी वजह कोयले के भंडारों पर कब्जा करना था क्योंकि उस दौर में कोयला ही ऊर्जा का सबसे बड़ा सोर्स था.

वेनेजुएला के तेल भंडारों पर ट्रंप की नजर

 ट्रंप की नजर वेनेजुएला के तेल भंडारों पर है क्योंकि आज के दौर में तेल ही ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत है. हिटलर ने थर्ड राइश यानी ग्रेटर जर्मनी का नारा देकर पूर्वी यूरोप में विस्तारवाद को बढ़ावा दिया था. तो यहां ट्रंप मेक अमेरिका ग्रेट अगेन यानी अमेरिका को महान बनाने का नारा देकर लैटिन अमेरिका में अमेरिकी प्रभुत्व यानी विस्तारवाद को आगे बढ़ा रहे हैं.

#DNAमित्रों | हिटलर..21वीं सदी में 'ट्रंप' बनकर लौटा है? ट्रंप और हिटलर की समानताओं का विश्लेषण#DNA #DNAWithRahulSinha #UnitedStates #DonaldTrump @RahulSinhaTV pic.twitter.com/oT7KBx51kF

— Zee News (@ZeeNews) January 6, 2026

कभी हिटलर का आतंक खत्म करने में यूएस ने दिया था साथ

ये एक विडंबना ही है कि जिस अमेरिका ने दूसरे विश्वयुद्ध में जर्मनी से लड़कर हिटलर का आतंक खत्म करने में योगदान दिया. आज उसी अमेरिका के राष्ट्रपति की तुलना हिटलर से की जा रही है. हिटलर ने जिस तरह कथित राष्ट्रवाद की आड़ लेकर जर्मनी को दूसरे विश्वयुद्ध में झोंका था. उसी तरह ट्रंप भी अमेरिकी राष्ट्रवाद को कथित आधार बताकर अमेरिका समेत दुनिया को तीसरे विश्वयुद्ध की तरफ ले जा रहे हैं. आज ट्रंप और हिटलर की सामरिक नीतियों को भी एक समान ही करार दिया जा रहा है. इन नीतियों का भी हम विश्लेषण करेंगे लेकिन उससे पहले आपको वो शब्द गौर से जानना चाहिए जो कभी हिटलर के भाषणों में सुना जाता था और आजकल ट्रंप के बयानों में सुना जाता है.

अंग्रेजी भाषा का ये शब्द है VERMIN जिसका अर्थ होता है गंदा कीड़ा. हिटलर अधिकतर उसकी आलोचना करने वाले जर्मन अखबारों के लिए ये शब्द इस्तेमाल करता था. जबकि ट्रंप ने बार-बार ये शब्द अमेरिका में मौजूद अपने राजनीतिक विरोधियों के लिए इस्तेमाल किया है यानी आरोपों के मुताबिक सिर्फ सोच नहीं बल्कि हिटलर और ट्रंप की भाषा में भी समानता नजर आती है.

हिटलर की तरह जिद्दी हैं ट्रंप

अगर इतिहास में आपकी रुचि रही है तो आपको पता होगा कि हिटलर एक जिद्दी इंसान था यानी अगर उसके मन में कुछ आया तो वो सही और गलत का फर्क नहीं करता था. ऐसा ही ट्रंप भी कई मौकों पर कर चुके हैं. मिसाल के लिए ट्रंप के टैरिफ को ही देख लीजिए. 

अमेरिका में एक बड़े तबके ने इसे गलत माना था लेकिन जिद्दी ट्रंप ने टैरिफ लगाने की ठानी और उसे पूरा करके भी दिखाया. वो अलग बात है कि अमेरिका को खुद टैरिफ की मार सहनी भी पड़ रही है लेकिन जिद्दी ट्रंप को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. 

ट्रंप और हिटलर की सैन्य नीतियां

अब हम ट्रंप और हिटलर की मिलिट्री पॉलिसी यानी सैन्य नीतियों में समानता का विश्लेषण करने जा रहे हैं. 20वीं सदी में जर्मनी की औद्योगिक क्रांति का इस्तेमाल करके हिटलर ने बड़े पैमाने पर हथियारों का निर्माण शुरु कर दिया था. ठीक इसी तरह ट्रंप ने भी अमेरिकी नौसेना के लिए बड़े कारखाने लगाकर नौसेना के विस्तार पर मुहर लगा दी है. 

उस दौर में लीग ऑफ नेशंस को आज के संयुक्त राष्ट्र की समकक्ष संस्था माना जाता था. हिटलर ने लीग ऑफ नेशंस को नजरअंदाज करके हमलों को अंजाम दिया था तो ट्रंप ने भी वेनेजुएला पर संयुक्त राष्ट्र के बयानों और अपीलों को नजरअंदाज किया और हमला करके मादुरो को अगवा कर लिया.

क्या थी ट्रंप की SS?

सोशल मीडिया पर ट्रंप और हिटलर की तुलना से जुड़ा नैरेटिव फैल रहा है लेकिन हम ये साफ कर देना चाहते हैं कि हमारा विश्लेषण किसी नैरेटिव से प्रभावित नहीं है. हम ठोस तथ्यों के आधार पर आपको बता रहे हैं कि ट्रंप और हिटलर एक समान क्यों नजर आते हैं.अगर आप हिटलर का इतिहास पढ़ेंगे तो आपको पन्नों में एक शब्द बार-बार लिखा नजर आएगा. ये शब्द है SS यानी शुट्ज़ स्टाफेल.

हिटलर ने जर्मन पुलिस के जवानों को मिलाकर SS नाम की एक यूनिट खड़ी की थी. ट्रंप ने अपने प्रवासी विरोधी एजेंडा को आगे बढ़ाने के लिए नेशनल गार्ड्स की लगातार तैनाती की है.  हिटलर की SS आम लोगों को टॉर्चर करने के लिए बदनाम थी जबकि ट्रंप के नेशनल गार्ड्स गरीब और मजबूर प्रवासियों को टारगेट कर रहे हैं.

US के कई शहरों में नेशनल गार्ड्स तैनात

हालांकि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कुछ बड़े शहरों में ट्रंप के नेशनल गार्ड्स वाले प्लान को झटका लगा है. लेकिन आज भी राजधानी वॉशिंगटन से लेकर कई बड़े शहरों में नेशनल गार्ड्स तैनात हैं. जिस तरह हिटलर ने यहूदियों को निशाना बनाया था. कुछ उसी तर्ज पर ट्रंप भी प्रवासियों को अमेरिका से बाहर निकालने पर तुले हुए हैं. हिटलर और ट्रंप के शासन में भी कुछ ऐसी समानताएं हैं जिन्हें नकारा नहीं जा सकता. अब हम आपको यही समानताएं बताने जा रहे हैं.

हिटलर की सरकार में उसके इर्द गिर्द ऐसे लोग रहते थे जो उसके बहुत करीब थे. इसी तरह ट्रंप सरकार में भी ट्रंप के बिजनेस सहयोगियों से लेकर उनकी वंदना करने वालों की भरमार है. हिटलर ने योग्यता के बिना अपने करीबियों को अहम पद दिए थे. इसी तरह ट्रंप सरकार में भी स्टीव विटकॉफ जैसे किरदार शामिल हैं जिनके पास कूटनीति की कोई योग्यता नहीं है लेकिन वो सीरिया और यूक्रेन जैसे मुद्दों पर ट्रंप के विशेष प्रतिनिधि बने हुए हैं.

एक जैसी विस्तारवादी नीतियां...एक जैसी जिद्दी शख्सियत...एक जैसी जुबान और एक जैसी आदतें. अब आप ही तय कीजिए कि ट्रंप और हिटलर की जो तुलना सोशल मीडिया पर की जा रही है, वो कितनी सही है या कितनी गलत. इस विश्लेषण के आखिर में हम आपको ट्रंप और हिटलर की वो तुलना बताने जा रहे हैं जो खुद ट्रंप के एक करीबी ने की थी. ट्रंप के ये सहयोगी हैं अमेरिका के वर्तमान उपराष्ट्रपति जे डी वांस.

क्या था 2016 में वांस का मैसेज?

वर्ष 2016 में जे डी वांस का एक मैसेज लीक हो गया था. इस मैसेज में अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने लिखा था-मैं कई बार सोचता हूं कि अगर ट्रंप की सनक हमारे पूर्व राष्ट्रपति निक्सन जैसी होती तो भी सह लिया जाता...लेकिन उनकी सनक देखकर लगता है कि वो अमेरिका के हिटलर हैं. डॉनल्ड ट्रंप का अभी-अभी एक बयान आया है. उन्होंने कहा है- I AM KING. मैं राजा हूं.

आप समझ सकते हैं, ट्रंप का अहंकार..कहां पहुंच गया है. वो कह रहे थे, उन्होंने धरती पर किसी भी इंसान से ज्यादा बोइंग बेचे हैं. वो एक अवॉर्ड का जिक्र कर रहे थे- जो उनको मिला- सेल्समैन ऑफ द ईयर. DNA में हमने भी कई बार ट्रंप पर विश्लेषण करते हुए..कहा है कि ट्रंप में प्रेसिडेंट वाले लक्षण नहीं हैं..सेल्समैन वाले लक्षण हैं. ट्रंप ने कहा है कि, कोई उनका मुकाबला नहीं कर सकता. कोई हमारे आस-पास भी नहीं टिकता. ट्रंप कहते हैं, धरती पर सबसे शक्तिशाली, आधुनिक और जानलेवा सेना अमेरिका के पास है. अपनी ताकत पर इतना गुरूर भी सिर्फ हिटलर को ही था, या अब ट्रंप को है.

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