Italy News: बलोच बागियों ने अपनी जमीन से मुनीर की फौज को बाहर धकेलने की ठान ली है तो दूसरी तरफ इटली की फायर ब्रांड प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने अपने देश में घुसपैठियों और अवैध प्रवासियों की एंट्री बंद करने का निश्चय कर लिया है. अवैध प्रवासियों के खिलाफ मेलोनी की इस भीष्म प्रतिज्ञा को समझने के लिए आपको इटली से आया एक बड़ा अपडेट बेहद गौर से जानना चाहिए.
नेवी को मिल गया बड़ा अधिकार
इटली की कैबिनेट ने प्रवासियों से जुड़ा एक अहम बिल पास कर दिया है. इस नए कानून के तहत इटली में आने वाले प्रवासियों की नाव रोकने के लिए इटली की नेवी को अधिकार दे दिया गया है. इसका सीधा मतलब है कि मेलोनी ने अब प्रवासियों से निपटने के लिए सैन्य बल के प्रयोग का फैसला कर लिया है.
यानी अब घुसपैठियों को खदेड़ने के लिए मेलोनी की जल-सेना मोर्चे पर तैनात हो रही है. फिलहाल नेवी के इस्तेमाल की समय-सीमा 6 महीने तय की गई है लेकिन एक्ट में साफ लिखा है कि अगर जरूरत पड़ी तो ये समय-सीमा बढ़ाई भी जा सकती है. अगर कोई इटैलियन नेवी की नजरों से बचकर अंदर घुस भी आया तो उसके ऊपर 50 लाख का जुर्माना लगाया जाएगा. अगर आरोपी जुर्माना नहीं दे पाया तो उसे जेल भेज दिया जाएगा.
#DNAमित्रों | मेलोनी का ऐलान...'घुसपैठियों देश छोड़ो', घुसपैठ पर मेलोनी के 'योगी मॉडल' का विश्लेषण#DNA #DNAWithRahulSinha #Italy #GiorgiaMeloni @RahulSinhaTV pic.twitter.com/NindcFZVhu
— Zee News (@ZeeNews) February 13, 2026
अवैध प्रवासियों पर बड़ा एक्शन
नेवी की तैनाती और लंबा चौड़ा जुर्माना, ये कदम उठाकर मेलोनी ने ये साफ कर दिया है कि वो इटली में किसी अवैध प्रवासी को कदम नहीं रखने देंगी. मेलोनी इतने सख्त फैसले लेने पर क्यों मजबूर हुईं इसकी वजह भी हम आपको बताएंगे लेकिन पहले आपको जानना चाहिए कि अवैध प्रवासी इटली के लिए इतनी बड़ी समस्या कैसे बन गए कि आज इटली को घुसपैठियों को रोकने के लिए नौसेना का इस्तेमाल करना पड़ रहा है.
पिछले 1 दशक में इटली के अंदर अरब प्रवासियों की तादाद तेजी से बढ़ी है. सीरिया और इराक जैसे अरब देशों में बिगड़ते हालात की वजह से अवैध प्रवासी इटली आकर बसने लगे. लगातार आते प्रवासियों की वजह से इटली में इन कथित शरणार्थियों की तादाद 54 लाख हो गई है. ये आंकड़ा इटली की कुल जनसंख्या का 9 प्रतिशत है.
सुरक्षा के लिए खतरा बने प्रवासी
वर्ष 2022 में जब मेलोनी ने इटली की प्रधानमंत्री का पद संभाला था तब मेलोनी ने प्रवासियों के लिए कुछ नियम बनाए थे. इन नियमों में अवैध प्रवासियों के लिए छोटी अवधि की जेल और मानव तस्करी करने वाले किरदारों पर सख्त जुर्माना शामिल था. इन कदमों के बावजूद इटली में अवैध प्रवासियों की तादाद बढ़ती रही और पिछले दो सालों में ये अवैध प्रवासी इटली की सामाजिक सुरक्षा के लिए खतरा बन गए. अगर आप सिर्फ पिछले 2 साल के आंकड़े देखेंगे तो आपको इटली के इस संकट का सच समझ आ जाएगा.
इटली में 9 प्रतिशत अवैध प्रवासी
आप जानकर हैरान हो जाएंगे कि इटली में अवैध प्रवासियों की आबादी 9 प्रतिशत है लेकिन अपराध में इनकी हिस्सेदारी तकरीबन 35 प्रतिशत है. पिछले 2 सालों में जितने अपराधी गिरफ्तार किए गए हैं उनमें से 35 प्रतिशत अवैध प्रवासी निकले हैं. इन अपराधियों की बात करें तो सबसे ज्यादा यानी 43 प्रतिशत यौन शोषण के आरोपों की वजह से पकड़े गए हैं. 39 प्रतिशत अपराधी ड्रग्स बेचने के आरोपों की वजह से इटली के कारागारों में हैं और तकरीबन 18 प्रतिशत हत्या या हत्या के प्रयास के आरोपों की वजह से गिरफ्तार किए गए हैं.
इटली यूरोप का एक विकसित देश है. इस देश की सांस्कृतिक विरासत सदियों पुरानी है. एक खूबसूरत देश को अवैध प्रवासियों ने आपराधिक गतिविधियों का अड्डा बनाना शुरु किया तो मेलोनी को सख्त कदम उठाने पड़े. हमारे देश में भी बांग्लादेश से आए घुसपैठियों के अपराध से लेकर आतंकवाद से जुड़े होने के मामले सामने आ चुके हैं. इसे देश का दुर्भाग्य ही कहिए कि जब-जब इन घुसपैठियों को बाहर निकालने की बात की जाती है तो कभी राजनीति के लिए तो कभी कथित मानवाधिकारों की दुहाई देकर घुसपैठियों की हिमायत की जाती है.

2 hours ago
