Last Updated:February 19, 2026, 05:01 IST
भारतीय वायुसेना की ताकत में इजाफा करने के लिए भारत के महत्वाकांक्षी पांचवीं पीढ़ी के स्टेल्थ फाइटर जेट (AMCA) प्रोजेक्ट ने रफ्तार पकड़ ली है. DRDO ने इस स्वदेशी विमान के प्रोटोटाइप डिजाइन और विकास के लिए तीन बड़े दावेदारों को शॉर्टलिस्ट किया है. इसमें टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स, L&T-BEL का कंसोर्टियम और भारत फोर्ज-BEML-डेटा पैटर्न्स का समूह शामिल है. इस दौड़ में सबसे चौंकाने वाली खबर दिग्गज सरकारी कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) का बाहर होना है. तकनीकी कागजी कार्रवाई में हुई गलती के कारण HAL शॉर्टलिस्ट नहीं हो पाई है, जिससे निजी क्षेत्र की कंपनियों के लिए रक्षा निर्माण के बड़े रास्ते खुल गए हैं. राफेल एक 4.5 जनरेशन का जेट है। भारत का यह नया जहाज 5वीं पीढ़ी का होगा.
टाटा और L&T का दबदबा: DRDO ने AMCA के प्रोटोटाइप निर्माण के लिए तीन समूहों को फाइनल किया है. इसमें टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड अकेले दावेदार के रूप में उभरी है. दूसरा समूह लार्सन एंड टुब्रो (L&T) और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL) का है, जबकि तीसरा कंसोर्टियम भारत फोर्ज, BEML और डेटा पैटर्न्स का है. ये कंपनियां सरकार के वित्तीय सहयोग से विमान के शुरुआती मॉडल और तकनीक विकसित करेंगी.
HAL की बड़ी तकनीकी चूक: देश की सबसे बड़ी डिफेंस पीएसयू HAL एक साधारण कागजी गलती के कारण इस महत्वपूर्ण चरण से बाहर हो गई है. सूत्रों के अनुसार, अनिवार्य मानदंडों से जुड़े दस्तावेजों में गलती के कारण HAL की बिड रिजेक्ट हुई. हालांकि, HAL के सीएमडी डी.के. सुनील का कहना है कि वे आधिकारिक सूचना का इंतजार कर रहे हैं और भविष्य में लाइसेंस निर्माण के लिए फिर से बोली लगाएंगे.
5th जनरेशन फाइटर की ताकत: AMCA (एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट) एक सिंगल सीट, ट्विन इंजन वाला स्टेल्थ फाइटर जेट होगा. इसमें दुश्मन के रडार से बचने वाली कोटिंग और इंटरनल वेपन्स बे जैसी अत्याधुनिक तकनीक होगी. 125 से अधिक जेट बनाने के लक्ष्य के साथ भारत अमेरिका (F-35), रूस (Su-57) और चीन (J-20) जैसे देशों के विशिष्ट क्लब में शामिल होने की तैयारी कर रहा है. ये 4.5 जनरेशन वाले भारत के मौजूदा फाइटर जेट से भी एडवांस होगा.
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2035 तक वायुसेना में इंडक्शन: इस प्रोजेक्ट के तहत तैयार होने वाले लड़ाकू विमानों को साल 2035 तक भारतीय वायुसेना में शामिल किए जाने की उम्मीद है. डीआरडीओ ने इसके लिए जुलाई 2025 में टेंडर जारी किए थे, जिसमें अडानी डिफेंस सहित सात समूहों ने रुचि दिखाई थी. शॉर्टलिस्ट की गई कंपनियों को अब प्रोटोटाइप बनाने के लिए सरकारी फंडिंग मिलेगी, जिससे स्वदेशी रक्षा उत्पादन को भारी मजबूती मिलेगी.
114 राफेल जेट की खरीद को मंजूरी: वायुसेना के आधुनिकीकरण के तहत रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है. इस अंतर-सरकारी सौदे के तहत 90 विमानों का निर्माण 'मेक इन इंडिया' के तहत भारत में ही किया जाएगा. यह फैसला फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन की भारत यात्रा से ठीक पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में लिया गया.
नौसेना के लिए भी बड़ी तैयारी: रक्षा परिषद ने वायुसेना के साथ-साथ नौसेना के लिए भी बड़े फैसले लिए हैं. अमेरिका से छह अतिरिक्त P8I समुद्री निगरानी और एंटी-सबमरीन युद्धक विमानों की खरीद को मंजूरी दी गई है. यह कदम हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की निगरानी क्षमता और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए उठाया गया है, जिससे चीन की बढ़ती समुद्री सक्रियता पर लगाम कसी जा सकेगी.
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First Published :
February 19, 2026, 05:01 IST

2 hours ago
