Last Updated:February 10, 2026, 07:33 IST
India-Russia News: ब्रिक्स एजेंडा और अध्यक्षता पर भारत को रूस का साथ मिला है. रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने सोमवार को कहा कि भारत द्वारा ब्रिक्स समूह की अध्यक्षता करने के साथ की उसके एजेंडे का रूस सक्रिय रूप से समर्थन करेगा.

India-Russia News: भारत और रूस की दोस्ती से पूरी दुनिया वाकिफ है. चाहे कोई भी संकट हो, दोनों एक-दूसरे का साथ जरूर देते हैं. भारत-अमेरिका ट्रेड डील अग्रीमेंट के बाद कुछ लोग सवाल उठा रहे थे कि भारत और रूस के बीच अब दोस्ती कम हो जाएगी. मगर ऐसा बिल्कुल नहीं है. रूस अब भी भारत के साथ मजबूती से खड़ा है. जी हां, रूस ने एक बार फिर भारत का साथ दिया है. ब्रिक्स की अध्यक्षता को लेकर रूस ने कहा कि उसका भारत को फुल सपोर्ट रहेगा.
दरअसल, पुतिन के राइट हैंड और रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने सोमवार को कहा कि भारत द्वारा ब्रिक्स समूह की अध्यक्षता करने के साथ की उसके एजेंडे का रूस सक्रिय रूप से समर्थन करेगा. उन्होंने कहा कि भारत का वर्तमान एजेंडा ‘आधुनिक और अत्यंत प्रासंगिक’ है और इसमें आतंकवाद विरोधी उपायों और ऊर्जा सुरक्षा पर जोर दिया गया है.
यहां बताना जरूरी है कि भारत ने एक जनवरी, 2026 को औपचारिक रूप से ब्रिक्स की अध्यक्षता संभाल ली है. ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका सहित 10 सदस्यीय समूह ब्रिक्स में पांच नए सदस्य भी शामिल हैं.
रूसी मंत्री लावरोव ने टीवी ब्रिक्स इंटरनेशनल नेटवर्क को दिए एक साक्षात्कार में कहा, ‘मेरे विचार से भारत की अध्यक्षता एक आधुनिक और अत्यंत प्रासंगिक एजेंडा प्रस्तुत करती है जो वर्तमान चुनौतियों का समाधान करते हुए भविष्य की तैयारी भी करती है। हम इसका सक्रिय रूप से समर्थन करेंगे.’
रूस के विदेश मंत्री ने कहा कि भारत आतंकवाद विरोधी उपायों पर विशेष जोर देता है, जो मौजूदा समय में भी अत्यंत प्रासंगिक हैं. उन्होंने कहा, ‘अफगानिस्तान में, इसकी सीमाओं पर, भारत-पाकिस्तान-अफगानिस्तान गलियारे के साथ-साथ अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में भी आतंकवादी गतिविधियां देखी जा रही हैं.’
लावरोव ने कहा, ‘यह प्राथमिकता हमारे लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, खासकर इसलिए क्योंकि हम संयुक्त राष्ट्र में भारत के साथ मिलकर वैश्विक आतंकवाद-विरोधी सम्मेलन को आगे बढ़ाने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं, जिसका मसौदा पहले ही तैयार हो चुका है. हालांकि, अभी तक इस पर सहमति नहीं बन पाई है.’ उन्होंने कहा कि भारत की अध्यक्षता में खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा के मुद्दों को भी प्राथमिकता दी गई है.
लावरोव ने कहा, ‘वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन द्वारा उठाए गए कदमों के संदर्भ में ऊर्जा सुरक्षा विशेष रूप से महत्वपूर्ण होगी। ये व्यावहारिक मामले हैं जिनके ठोस परिणाम होंगे.’
उन्होंने कहा, ‘भारत सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) सुरक्षा पर भी जोर देता है, जिसका हम सक्रिय रूप से समर्थन करते हैं. शीघ्र ही भारत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा, जिसमें रूस को आमंत्रित किया गया है, और हम इसके एजेंडा में सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं.’
लावरोव ने इस बात को एक बार फिर से दोहराया कि मास्को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष, विश्व बैंक या विश्व व्यापार संगठन को समाप्त करने की वकालत नहीं कर रहा है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बार-बार इस बात पर जोर दिया है कि रूस अमेरिकी डॉलर का उपयोग करने से इनकार नहीं कर रहा है.
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First Published :
February 10, 2026, 07:26 IST

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