Last Updated:March 06, 2026, 11:12 IST
Israel-US Iran war: इजरायल और अमेरिका की ओर से ईरान पर हमले के बाद यह लड़ाई बढ़ती ही जा रही है. जवाबी कार्रवाई में ईरान भी इजरायल के साथ अमेरिका के मित्र देशों पर ताबड़तोड़ हमले हमले कर रहा है. ईरान की ओर ओमान पर किए गए हमले में खासाब पोर्ट पर खड़े कच्चे तेल के जहाज को निशाना बनाया गया. इस हमले में जहाज के क्रू मेंबर मारे गए, जिसमें राजस्थान के नागौर जिले के खिंवटाना का दलीप भी था. अच्छा धावक होने के चलते गांव के लोग उसे मिल्खा कहते थे.

नागौर: ईरान के मिसाइल हमले में मारे गए राजस्थान नागौर जिले के युवक का शव 5 दिन बाद भी नहीं मिला है. यह हमला ओमान के खासाब पोर्ट पर खड़े कच्चे तेल के जहाज पर हुआ था. नागौर जिले का रहने वाला दलीप (24) इसी जहाज पर क्रू मेंबर था. उसके परिवार का कहना है कि सरकार उन्हें सही हालत बताए, अगर वह जिंदा है तो बताए, और अगर नहीं है तो भी बताए. इस बीच, दलीप के दोस्तों ने कहा- ‘हम उसे मिल्खा कहते थे. उसका सपना आर्मी में जाने का था, लेकिन उसका सपना पूरा नहीं हो सका. फिर वह मर्चेंट नेवी में शामिल हो गया.’
दौड़ में अच्छा होने के चलते दोस्त दलीक को कहते थे मिल्खा
दलीप के बचपन के दोस्त विकास ने कहा- ‘वह 7वीं क्लास से बीए फाइनल तक मेरे साथ पढ़ा. उसने आर्मी में भर्ती होने के लिए 5 से 7 बार आर्मी की दौड़ पूरी की, लेकिन सेलेक्ट नहीं हो सका.’
दलीप के दोस्त बलराम सैन ने कहा- ‘वह आर्मी भर्ती में बहुत अच्छा परफॉर्म करता था. दौड़ने की वजह से उसे मिल्खा कहा जाता था. उसके जैसा न कोई था और न कोई होगा.’ दलीप के कज़िन देवेंद्र ने बताया – ‘1 मार्च को स्काईलाइट शिप मेंटेनेंस के लिए पोर्ट पर खड़ा था. इसमें 15 भारतीय और 5 ईरानी नागरिक थे.’
छोटा भाई पढ़ रहा तो पिता बीमारी से हैं ग्रसित
सुबह 7:15 बजे शिप के केबिन में मिसाइल अटैक हुआ. दलीप के साथ बिहार का आशीष भी था. उसकी बॉडी मिल गई है, लेकिन दलीप की बॉडी का कोई पता नहीं है. कंपनी और ओमान सरकार 5 दिनों से उसकी बॉडी ढूंढ रही है. नागौर के खिंवटाना के रहने वाले दलीप की आर्थिक हालत खराब है. वह अपने परिवार में अकेला कमाने वाला था. उसके पिता कान सिंह अक्सर बीमार रहते हैं.
उसका छोटा भाई मनोज सिंह अभी पढ़ाई कर रहा है. उसके परिवार का आरोप है कि घटना के बाद भी न तो प्रशासन और न ही कोई जनप्रतिनिधि उनसे मिलने आया है. दलीप की बॉडी के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है. परिवार ने सरकार से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है.
मामले को लेकर सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा- ‘यह सिस्टम की विफलता है, मैंने ओमान एम्बेसी से संपर्क किया है और उनसे इस मामले को देखने को कहा है.’ भारत सरकार से अनुरोध किया गया है कि डीडवाना, लाडनूं और शेखावाटी के जो भी युवा वर्क वीजा पर खाड़ी देशों में फंसे हैं, उनकी सुरक्षित वापसी के लिए विशेष व्यवस्था की जाए.
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अभिषेक कुमार News18 की डिजिटल टीम में बतौर एसोसिएट एडिटर काम कर रहे हैं. वे यहां बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तसीगढ़, उत्तराखंड की राजनीति, क्राइम समेत तमाम समसामयिक मुद्दों पर लिखते ...और पढ़ें
Location :
Nagaur,Nagaur,Rajasthan
First Published :
March 06, 2026, 11:12 IST

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