अमेरिका और इजरायल के खिलाफ ईरान की लड़ाई के के बीच भारत में एलपीजी को लेकर अफवाहों और कमी की खबरों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. कई शहरों में सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर अलग-अलग तस्वीर सामने आ रही है. जहां एक तरफ गाजियाबाद के लोनी स्थित भारत गैस प्लांट के अधिकारियों ने साफ कहा है कि घरेलू एलपीजी की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है और रोजाना करीब 70 हजार सिलेंडर उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली और हरियाणा के डिस्ट्रीब्यूटर्स को भेजे जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कई शहरों में कमर्शियल सिलेंडर की कमी का असर दिखाई देने लगा है.
लखनऊ में इसका असर सीधे रेस्टोरेंट कारोबार पर पड़ा है. एलपीजी सिलेंडर आसानी से न मिलने के कारण कई होटल और ढाबों ने एक बार फिर पुराने तरीके अपनाने शुरू कर दिए हैं. कई जगहों पर अब लकड़ी और कोयले की भट्टी पर मटन और चिकन पकाया जा रहा है. रेस्टोरेंट मालिकों का कहना है कि करीब एक दशक पहले तक वे इसी तरह खाना बनाते थे, लेकिन गैस के इस्तेमाल के बाद यह तरीका लगभग खत्म हो गया था.
राजधानी दिल्ली में भी गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की भीड़ देखने को मिली, जहां हालात संभालने के लिए पुलिस तक तैनात करनी पड़ी. वहीं कमर्शियल एलपीजी की कमी के चलते कम से कम 12 रेस्टोरेंट अस्थायी रूप से बंद हो गए हैं. इस बीच सिलेंडरों की ब्लैक मार्केटिंग के आरोप भी सामने आए हैं, जहां एक सिलेंडर के लिए 5000 रुपये तक मांगे जाने की बात कही जा रही है.
LPG Crisis LIVE: भारत गैस के लोनी प्लांट से रोज 70 हजार सिलेंडर की सप्लाई, घरेलू गैस की कोई कमी नहीं
एलपीजी की कथित कमी और अफवाहों के बीच गाजियाबाद के लोनी स्थित भारत गैस प्लांट के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि घरेलू गैस की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है. प्लांट से प्रतिदिन करीब 70 हजार एलपीजी सिलेंडर उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली और हरियाणा के अलग-अलग डिस्ट्रीब्यूटर्स के पास भेजे जा रहे हैं. अधिकारियों के अनुसार गैस की उपलब्धता में किसी तरह की कमी नहीं है और लोगों को पैनिक बुकिंग या घबराने की जरूरत नहीं है.
प्लांट अधिकारियों ने बताया कि हर दिन करीब 150 से 200 ट्रक सिलेंडरों से लोड होकर विभिन्न जिलों में डिस्ट्रीब्यूशन के लिए रवाना होते हैं. उनका कहना है कि ईरान-इजरायल तनाव से पहले भी प्लांट से रोजाना लगभग 70 हजार सिलेंडर ही सप्लाई किए जाते थे और अभी भी उतनी ही मात्रा में वितरण जारी है. यानी घरेलू गैस की सप्लाई में कोई बदलाव नहीं हुआ है.
LPG cylinders Shortage Live Updates: कमर्शियल गैस की किल्लत के बीच भट्टी-चूल्हों की मांग बढ़ी, दुकान पर ग्राहकों की भीड़
कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडरों की कमी का असर अब बाजारों में साफ दिखाई देने लगा है. गैस की आपूर्ति प्रभावित होने के बाद बड़ी संख्या में रेस्टोरेंट और खाने-पीने की दुकानों के मालिक अब भट्टी और पारंपरिक चूल्हे खरीदने के लिए दुकानों का रुख कर रहे हैं. भट्टी बेचने वाले दुकानदारों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में अचानक मांग इतनी बढ़ गई है कि वे ग्राहकों को समय पर सप्लाई तक नहीं दे पा रहे हैं.
भट्टी विक्रेताओं के मुताबिक आम दिनों में जहां सीमित संख्या में ही चूल्हे या भट्टियां बिकती थीं, वहीं अब रोजाना कई नए ग्राहक आ रहे हैं. उनका कहना है कि एलपीजी सिलेंडर आसानी से उपलब्ध नहीं होने के कारण होटल, ढाबे और छोटे रेस्टोरेंट मालिक मजबूरी में लकड़ी या कोयले से चलने वाली भट्टियां खरीद रहे हैं.
LPG cylinders Shortage Live Updates: एलपीजी की कमी से लखनऊ के रेस्टोरेंट में फिर जला चूल्हा, लकड़ी-कोयले पर पक रहा मटन-चिकन
अपनी लजीज नॉनवेज डिशेज के लिए मशहूर लखनऊ में एलपीजी गैस सिलेंडर की कमी का असर अब रेस्टोरेंट कारोबार पर भी दिखने लगा है. गैस की आपूर्ति बाधित होने के कारण शहर के कुछ रेस्टोरेंट ने एक बार फिर पुराने तरीके अपनाने शुरू कर दिए हैं. अब कई जगहों पर एलपीजी की जगह लकड़ी और कोयले की भट्टी (चूल्हे) पर मटन और चिकन पकाया जा रहा है.
शहर के एक बड़े नॉनवेज रेस्टोरेंट के मालिक ने बताया कि करीब 10 साल पहले तक वे इसी तरह कोयले की भट्टी पर खाना पकाते थे, लेकिन बाद में एलपीजी गैस के इस्तेमाल से यह तरीका लगभग बंद हो गया था. उनका कहना है कि इन दिनों एलपीजी सिलेंडर आसानी से नहीं मिल पा रहे हैं, इसलिए मजबूरी में फिर से पारंपरिक तरीके से खाना बनाना शुरू किया गया है.
रेस्टोरेंट मालिक के मुताबिक दिलचस्प बात यह है कि कोयले और लकड़ी की आंच पर पकने से खाने का स्वाद और भी बेहतर हो गया है, जिसे ग्राहक काफी पसंद कर रहे हैं. कई ग्राहकों ने भी बताया कि चूल्हे पर बना मटन-चिकन खाने के बाद उन्हें घर का पारंपरिक स्वाद महसूस हुआ. एक ग्राहक ने कहा कि यह खाना इतना स्वादिष्ट है कि मां के हाथ के खाने की याद आ गई.
LPG Crisis LIVE: एलपीजी सिलेंडर के लिए गैस एजेंसी के बाहर लोगों की भीड़, बुलानी पड़ी पुलिस
राजधानी दिल्ली के झंडेवालान इलाके में गैस एजेंसी के बाहर एलपीजी सिलेंडर को लेकर लोगों की भारी भीड़ उमड़ी दिखी. भीड़ बढ़ने के कारण गैस एजेंसी को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया. बड़ी संख्या में लोग सिलेंडर लेने के लिए एजेंसी के बाहर इकट्ठा हो गए थे, जिससे अफरातफरी जैसा माहौल बन गया.
LPG Crisis LIVE: शिमला के होटल में शादियों की बुकिंग कैंसिल, इंडक्शन चूल्हे पर बन रही चाय
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के होटलों के लिए कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति बंद हो गई है. हालात ये हैं कि खाने-पीने की जिन चीजों को बनाने में ज्यादा गैस खर्च होती है, उन्हें होटलों ने अपने मैन्यू से बाहर कर दिया है. तली हुई चीजें और चाइनीज फूड को भी मेन्यू बाहर कर दिया गया है. गैस बचाने के लिए बिजली से चलने वाले चूल्हे से चाय बनाई जा रही है. पढ़ें खबर विस्तार से…
LPG cylinders Shortage Live Updates: 5000 रुपये में ब्लैक हो रहे एलपीजी सिलेंडर, पीएनजी में भी कटौती
दिल्ली में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कमी का असर अब रेस्टोरेंट कारोबार पर दिखने लगा है। गैस की आपूर्ति घटने के कारण शहर के कम से कम 12 रेस्टोरेंट अस्थायी रूप से बंद हो गए हैं. इस बीच ब्लैक मार्केटिंग के आरोप भी सामने आए हैं, जहां एक सिलेंडर के लिए 5000 रुपये तक मांगे जा रहे हैं. साथ ही पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की सप्लाई में भी कटौती ने होटल और फूड इंडस्ट्री की चिंता बढ़ा दी है. यहां पढ़ें पूरी खबर…
LPG cylinders Shortage Live Updates: दिल्ली में प्लेट से गायब हो रहे है छोले भटूरे, रेस्टोरेंट में मेन्यू कट
रसोई गैस की किल्लत का सीधा असर दिल्ली के रेस्टोरेंट पर दिखने लगा है. यहां ढाबे वाले अपने मेन्यू को काटकर छोटा कर रहे हैं. पहले जहां एक ढाबे पर छह से सात चीज़ें मिलती थीं, वहीं अब वहां केवल दो ही मिल रही हैं. रेस्टोरेंट-ढाबों पर पोस्टर लगा दिया गया है कि सिलेंडर न होने की वजह से ये किया जा रहा है.
LPG cylinders Shortage Live Updates: एलपीजी सप्लाई को लेकर सरकार अलर्ट, रसोई गैस किल्लत की अफवाहों पर होगा एक्शन
भारत में एलपीजी की सप्लाई कम होने की आशंका से जुड़ी खबरों को देखते हुए केंद्रीय गृह सचिव ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों के साथ बुधवार रात बड़ी बैठक की. इस बैठक में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, सूचना और प्रसारण मंत्रालय और उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के सचिव भी शामिल हुए.
इस बैठक में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को बताया गया कि 8 मार्च के एलपीजी कंट्रोल ऑर्डर के तहत रिफाइनरियों और पेट्रोकेमिकल इकाइयों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने और घरेलू उपभोक्ताओं के लिए आपूर्ति को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया है. यह भी स्पष्ट किया गया कि होटलों और रेस्तरां जैसे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर एलपीजी वितरण पर कुछ प्रतिबंध लगाए गए हैं, लेकिन अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा.
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सलाह दी गई कि वे एलपीजी सप्लाई चेन की सुरक्षा सुनिश्चित करें, इसके लिए संबंधित ढांचे और कर्मचारियों की सुरक्षा बढ़ाई जाए. साथ ही उन्हें स्थानीय स्तर पर एलपीजी सप्लाई की रोजाना निगरानी करने, नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए.
राज्यों को यह भी कहा गया कि वे लोगों में जागरूकता अभियान चलाएं, ताकि एलपीजी की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों और गलत जानकारी को रोका जा सके. इसके लिए तेल विपणन कंपनियों की मदद भी ली जा सकती है. सरकार घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लगातार कदम उठा रही है.

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