NEET UG 2026: नीट यूजी फॉर्म में न करें ये 5 गलतियां, रद्द हो जाएगा आवेदन, Exam नहीं दे पाए तो बर्बाद होगा साल

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Last Updated:February 15, 2026, 12:08 IST

NEET UG 2026 Application Mistakes: नीट यूजी परीक्षा का आवेदन फॉर्म भरते समय अक्सर स्टूडेंट्स कुछ ऐसी गलतियां कर देते हैं, जिससे उनका साल बर्बाद हो सकता है. इस समय नाम की स्पेलिंग से लेकर गलत कैटेगरी और फोटो अपलोड करने तक, कई बातों का ख्याल रखना जरूरी है.

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NEET UG 2026: नीट यूजी आवेदन फॉर्म में गलती के चक्कर में साल बर्बाद हो सकता है

नई दिल्ली (NEET UG 2026 Application Mistakes). मेडिकल के क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देख रहे लाखों छात्र नीट यूजी परीक्षा के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं. लेकिन नीट यूजी आवेदन फॉर्म 2026 में छोटी सी भी गलती करने पर उनकी महीनों की मेहनत बर्बाद हो सकती है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के नीट यूजी फॉर्म में जानकारी भरते समय बहुत सावधानी बरतने की जरूरत है. गलत स्पेलिंग, गलत कैटेगरी का चुनाव या धुंधली फोटो के चक्कर में नीट यूजी 2026 आवेदन फॉर्म रिजेक्ट हो सकता है.

कई उम्मीदवार जल्दबाजी में या साइबर कैफे के भरोसे नीट यूजी फॉर्म भर देते हैं, जिससे डेटा मिसमैच की समस्या पैदा होती है. अगर नीट यूजी काउंसलिंग 2026 के समय आपके डॉक्यूमेंट्स और एप्लीकेशन फॉर्म की जानकारी में अंतर पाया जाता है तो परीक्षा में अच्छी रैंक आने के बावजूद मेडिकल कॉलेज में एडमिशन नहीं मिल पाएगा. इसलिए नीट यूजी 2026 फॉर्म भरने से पहले जानिए 5 ‘रेड फ्लैग्स’, जिन्हें नजरअंदाज करना बहुत भारी पड़ सकता है.

नीट यूजी 2026 फॉर्म में न करें ये गलतियां

नीट यूजी 2026 परीक्षा फॉर्म में एक छोटी सी गलती भी आपका पूरा साल बर्बाद कर सकती है. इसलिए नीट यूजी आवेदन फॉर्म भरते समय हर जानकारी को डबल चेक कर लें.

1- पर्सनल डिटेल्स और स्पेलिंग की गलतियां

सबसे आम गलती छात्र अपने नाम या पिता के नाम की स्पेलिंग या जन्मतिथि में करते हैं. ध्यान रखें कि ये सभी जानकारियां 10वीं की मार्कशीट के हिसाब से होनी चाहिए. आधार कार्ड और मार्कशीट के बीच अगर कोई अंतर है तो उसे फॉर्म भरने से पहले ठीक करवा लें. एनटीए डेटा मिलान के लिए आधार कार्ड का इस्तेमाल करता है. इसलिए बायोमेट्रिक जानकारी और नाम का सटीक होना अनिवार्य है.

2- गलत कैटेगरी का चुनाव

आरक्षण (Reservation) का लाभ लेने के लिए कैटेगरी (जनरल/ओबीसी/एससी/एसटी/EWS) का सही चुनाव करना बहुत जरूरी है. कई बार स्टूडेंट गलत कैटेगरी चुन लेते हैं और बाद में उनके पास वैध सर्टिफिकेट नहीं होता. इससे न केवल उनकी सीट रद्द हो सकती है, बल्कि उन्हें जनरल कैटेगरी में भी जगह नहीं मिलती. सर्टिफिकेट की तारीख और फॉर्मेट एनटीए की गाइडलाइंस के अनुसार ही होना चाहिए.

3- डॉक्यूमेंट का गलत साइज और फॉर्मेट

नीट फॉर्म में फोटो, सिग्नेचर और बाएं हाथ के अंगूठे का निशान अपलोड करना होता है. छात्र अक्सर फोटो के पीछे का बैकग्राउंड (जो कि सफेद होना चाहिए) और फोटो की तारीख भूल जाते हैं. अगर फोटो धुंधली है या सिग्नेचर बॉक्स से बाहर जा रहे हैं तो सॉफ्टवेयर इसे रिजेक्ट कर सकता है. चश्मा पहनने वाले छात्र ध्यान रखें कि फोटो में आंखों पर रिफ्लेक्शन न हो और कान स्पष्ट दिखाई दें.

4- एग्जाम सेंटर और माध्यम का चुनाव

परीक्षा का शहर चुनते समय अपनी सुविधा का ध्यान रखें. कई बार छात्र जल्दबाजी में गलत शहर या गलत माध्यम (हिंदी/अंग्रेजी/क्षेत्रीय भाषा) चुन लेते हैं. याद रखें कि एक बार फॉर्म सबमिट होने के बाद माध्यम बदलना लगभग नामुमकिन होता है. माध्यम का चुनाव आपकी तैयारी के अनुसार ही होना चाहिए क्योंकि प्रश्न पत्र उसी के आधार पर मिलेगा.

5- पेमेंट और फाइनल सबमिशन

सिर्फ फॉर्म भर देना ही काफी नहीं है, जब तक कि ‘सक्सेसफुल पेमेंट’ का मेसेज न आ जाए. कई बार ट्रांजेक्शन पेंडिंग रह जाता है और छात्र समझते हैं कि फॉर्म भर गया. हमेशा ‘कन्फर्मेशन पेज’ डाउनलोड करें और उसे सुरक्षित रखें. अगर आपके पास कन्फर्मेशन पेज नहीं है तो इसका मतलब है कि आपका आवेदन पूरा नहीं हुआ है.

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Deepali Porwal

With more than 10 years of experience in journalism, I currently specialize in covering education and civil services. From interviewing IAS, IPS, IRS officers to exploring the evolving landscape of academic sys...और पढ़ें

First Published :

February 15, 2026, 12:08 IST

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