Last Updated:March 16, 2026, 16:03 IST
West Bengal Chunav LIVE: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की घोषणा हो चुकी है. इसके साथ ही चुनाव आयोग और राजनीतिक दल अपनी-अपनी तैयारियों में जुट गए हैं. बंगाल चुनाव में अक्सर ही हिंसक घटनाएं होती हैं, पर इस बार इससे निपटने के लिए चुनाव आयोग खास रणनीति पर काम कर रहा है. सुरक्षा बलों की व्यापक पैमाने पर तैनाती करने की योजना है. इसके लिए अर्धसैनिक बल की कई कंपनियों को चुनावी सुरक्षा में लगाया जाएगा.

West Bengal Chunav LIVE: चुनाव आयोग ने इस बार पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव को दो चरणों में कराने का ऐलान किया है. प्रदेश में आमतौर पर कई चरणों में चुनाव होते रहे हैं. आयोग का कहना है कि यह रणनीति राज्य में चुनावी हिंसा को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से अपनाई गई है. हालांकि इस निर्णय को लेकर राजनीतिक विश्लेषकों और चुनाव विशेषज्ञों के बीच बहस भी शुरू हो गई है, क्योंकि पश्चिम बंगाल लंबे समय से चुनावी हिंसा की घटनाओं के लिए चर्चा में रहा है. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, राज्य में मतदान 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को दो चरणों में होगा, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी. आयोग का मानना है कि कम चरणों में चुनाव कराने से उन संगठित समूहों की गतिविधियों पर रोक लगाई जा सकेगी जिन्हें प्रशासन अक्सर उपद्रवी तत्व बताता है और जो अलग-अलग चरणों में एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में जाकर हिंसा फैलाने की कोशिश करते हैं. सूत्रों के अनुसार, चुनाव कार्यक्रम तय करने से पहले आयोग ने विस्तृत आंतरिक समीक्षा की थी. अधिकारियों का कहना है कि आम तौर पर अधिक चरणों में चुनाव कराने से सुरक्षा बलों को विभिन्न क्षेत्रों में तैनात करना आसान हो जाता है, लेकिन इससे हिंसक समूहों को एक निर्वाचन क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में जाने का अवसर भी मिल जाता है. इसके विपरीत दो चरणों में मतदान कराने से ऐसे नेटवर्क को बाधित किया जा सकता है.
पश्चिम बंगाल चुनाव से जुड़े पल-पल के अपडेट
डीजीपी तबादले पर भाजपा और विपक्षी पार्टियों में जुबानी जंग
विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा के तत्काल बाद पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को स्थानांतरित करने के निर्वाचन आयोग के कदम को लेकर सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और विपक्षी दलों के बीच वाकयुद्ध शुरू हो गया. विपक्षी दलों ने आयोग पर केंद्र में भाजपा के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया, वहीं भाजपा ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का प्रयास कर रहा है. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने संसद परिसर में संवाददाताओं से बातचीत में आरोप लगाया कि जिन राज्यों में भाजपा सत्ता में नहीं है, वहां अधिकारियों को दिया जाता है. उन्होंने आरोप लगाया, “जब भी चुनाव होते हैं, और अगर राज्य सरकार दिल्ली में सत्तारूढ़ पार्टी की नहीं होती है, तो सबसे पहले वे डीजीपी और मुख्य सचिव को हटाते हैं. भाजपा नेताओं ने जानबूझकर केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग के साथ समन्वय करके इन अधिकारियों को हटा दिया होगा.”
बंगाल चुनाव LIVE: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की घोषणा होने के बाद चुनाव आयोग एक्शन में आ गया है. वोटिंग प्रोसेस को बिना किसी बाधा के और पारदर्शी तरीके संपन्न कराने के लिए आयोग की तरफ से लगातार कदम उठाए जा रहे हैं. आचार संहिता लागू होने के एक दिन बाद ही इलेक्शन कमीशन एक्शन में आ गया है. आयोग ने प्रदेश के मौजूदा पुलिस महानिदेशक यानी डीजीपी को हटाकर सीनियर IPS अधिकारी सिद्धनाथ गुप्ता को पश्चिम बंगाल का नया डीपीपी नियुक्त किया है. चुनाव आयोग ने इस बाबत राज्य सरकार को चिट्ठी भी लिख दी है.
बंगाल चुनाव में कानून-व्यवस्था चुनौती
पश्चिम बंगाल में चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था का मुद्दा लंबे समय से चुनौती बना हुआ है. नगर निकाय, पंचायत और विधानसभा चुनावों के दौरान कई बार हिंसक घटनाएं सामने आ चुकी हैं. उदाहरण के तौर पर 8 जुलाई 2023 को हुए पंचायत चुनावों के दौरान गोलीबारी, आगजनी और मारपीट की घटनाओं में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई थी. चुनाव पर्यवेक्षकों का कहना है कि राज्य के लगभग हर बड़े चुनाव में किसी न किसी स्तर पर हिंसा की खबरें आती रही हैं. इसी पृष्ठभूमि में राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने पुलिस प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है. इसमें West Bengal Assembly Election 2021 के दौरान हुई प्री-पोल और पोल-डे हिंसा तथा Indian General Election 2024 के दौरान प्री-पोल, पोल-डे और पोस्ट-पोल वायलेंस से जुड़े मामलों की जानकारी शामिल करने को कहा गया है. रिपोर्ट में उन पुलिस थाना स्तर के अधिकारियों की पहचान भी करने को कहा गया है जिनके अधिकार क्षेत्र में ये घटनाएं हुई थीं. यह रिपोर्ट 16 मार्च 2026 तक आयोग को सौंपनी है.
कई महत्वपूर्ण बदलाव
चुनाव आयोग ने प्रशासनिक स्तर पर भी कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि वह चुनाव प्रक्रिया पर कड़ी निगरानी रखना चाहता है. आचार संहिता लागू होने के कुछ ही घंटों के भीतर 1993 बैच के आईएएस अधिकारी दुश्यंत नरियाला को राज्य का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया गया. उन्होंने नंदिनी चक्रवर्ती की जगह ली है. इसके अलावा राज्य के गृह सचिव जगदीश प्रसाद मीणा को हटाकर 1997 बैच की आईएएस अधिकारी संगमित्रा घोष को यह जिम्मेदारी दी गई है. राजनीतिक दलों ने हालांकि चुनाव कार्यक्रम को लेकर भरोसा जताया है. Bharatiya Janata Party के नेता शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि शांतिपूर्ण चुनाव कराना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है और पार्टी दो चरणों में मतदान से संतुष्ट है. वहीं सत्तारूढ़ All India Trinamool Congress के नेता जयप्रकाश मजूमदार ने भी कहा कि उन्हें भरोसा है कि चुनाव शांतिपूर्ण होंगे और उनकी पार्टी बेहतर प्रदर्शन करेगी.
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बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु...और पढ़ें
Location :
Kolkata,West Bengal
First Published :
March 16, 2026, 10:08 IST

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