Last Updated:February 27, 2026, 21:20 IST
News18 Rising Bharat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की सोच और आत्मविश्वास पर बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि भारत लंबे समय तक मानसिक गुलामी से जूझता रहा. अब वही भारत आत्मविश्वास के साथ वैश्विक मंच पर आगे बढ़ रहा है. विकसित देश खुद भारत के साथ ट्रेड डील करने के लिए उत्सुक दिख रहे हैं.

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की सोच और आत्मविश्वास को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि एक समय था जब भारत विदेशी तकनीक की नकल करता था और यही मानसिक गुलामी थी. यह गुलामी केवल राजनीतिक या भौगोलिक नहीं, बल्कि सोच से जुड़ी थी. दुर्भाग्य से आजादी के बाद भी लंबे समय तक देश इस मानसिकता से पूरी तरह बाहर नहीं निकल पाया और इसका असर विकास पर पड़ा. पीएम नरेंद्र मोदी के न्यूज18 राइजिंग भारत समिट 2026 के मंच पर ये बातें कहीं. नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ‘स्ट्रेंथ विदिन’ थीम पर आधारित इस दो दिवसीय समिट का आज पहला दिन है.
मानसिक गुलामी से आत्मनिर्भरता की ओर
पीएम मोदी ने कहा कि पहले भारत खुद को कमजोर मानकर चलता था. विदेशी मॉडल को ही श्रेष्ठ समझा जाता था और अपनी क्षमता पर भरोसा कम था. लेकिन अब स्थिति बदल रही है. भारत अपनी जरूरतों और ताकत के आधार पर फैसले ले रहा है. उन्होंने कहा कि जब किसी राष्ट्र के भीतर छिपी शक्ति जागती है, तो वह नई उपलब्धियां हासिल करता है. आज भारत उसी दौर में है, जहां आत्मविश्वास उसकी सबसे बड़ी पूंजी बन चुका है.
ट्रेड डील पर दुनिया की नजर
प्रधानमंत्री मोदी ने हाल की ट्रेड डील चर्चाओं का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ लोग हैरान हैं कि विकसित देश भारत के साथ समझौते के लिए इतने उत्सुक क्यों हैं. उनका जवाब साफ था- यह नए, आत्मविश्वासी और तेजी से आगे बढ़ते भारत की पहचान है. उन्होंने कहा कि पहले भारत को समझौतों के लिए कोशिश करनी पड़ती थी, लेकिन आज दुनिया के बड़े देश खुद आगे बढ़कर साझेदारी करना चाहते हैं. यह भारत की बढ़ती आर्थिक ताकत और वैश्विक साख को दर्शाता है.
जागती ताकत, बदलती तस्वीर
पीएम मोदी ने कहा कि जब किसी देश की आंतरिक शक्ति जागती है, तो उसका असर हर क्षेत्र में दिखता है- चाहे वह अर्थव्यवस्था हो, तकनीक हो या वैश्विक संबंध. भारत अब केवल बाजार नहीं, बल्कि साझेदार और नेतृत्वकर्ता की भूमिका में उभर रहा है. उन्होंने जोर देकर कहा कि देश को मानसिक गुलामी से पूरी तरह मुक्त होकर आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी भारत के रूप में आगे बढ़ना है. प्रधानमंत्री के इस बयान को देश की बदलती सोच और वैश्विक मंच पर मजबूत होती स्थिति के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है.
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Rakesh Singh is a chief sub editor with 14 years of experience in media and publication. affairs, Politics and agriculture are area of Interest. Many articles written by Rakesh Singh published in ...और पढ़ें
Location :
New Delhi,Delhi
First Published :
February 27, 2026, 21:20 IST

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