Last Updated:March 11, 2026, 10:56 IST
Parliament Session LIVE: संसद के बजट सत्र का दूसरा हिस्सा भी अभी तक हंगामेदार रहा है. विपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया है. इसपर गृह मंत्री अमित शाह बुधवार 11 मार्च 2026 को अप...और पढ़ें

संसद में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर जोरदार बहस होने की संभावना है. (फाइल फोटो/PTI)
Parliament Session LIVE: लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला को हटाने के लिए लाए गए प्रस्ताव पर बुधवार को तीखी बहस जारी रहने की संभावना है. इस बहस के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सदन को संबोधित करेंगे और सरकार का पक्ष रखेंगे. विपक्ष ने स्पीकर पर पक्षपातपूर्ण व्यवहार का आरोप लगाते हुए यह प्रस्ताव पेश किया है. यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने पेश किया था, जिसे 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिला. प्रस्ताव को सदन में पेश करने की अनुमति भाजपा सांसद जगदंबिका पाल, जो उस समय पीठासीन थे, ने दी. उन्होंने बताया कि इस प्रस्ताव पर चर्चा के लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया गया है और सांसदों से आग्रह किया कि वे चर्चा के दौरान प्रस्ताव के विषय तक ही सीमित रहें.
विपक्ष की ओर से कुल 118 सांसदों ने इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए हैं. उनका आरोप है कि लोकसभा स्पीकर ने अपने पद की निष्पक्षता बनाए रखने के बजाय कई मामलों में सत्तापक्ष के पक्ष में रुख अपनाया है. मंगलवार को इस प्रस्ताव पर चर्चा की शुरुआत होते ही सदन में प्रक्रिया को लेकर तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली. AIMIM के नेता असदुद्दीन ओवैसी और कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने आपत्ति जताते हुए कहा कि सदन को पहले किसी ऐसे सदस्य का चुनाव करना चाहिए था जो इस बहस की अध्यक्षता करे. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल में से पीठासीन सदस्य का चयन किस आधार पर किया गया. हालांकि, भाजपा नेताओं ने इन आपत्तियों को सिरे से खारिज कर दिया. पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद और भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने विपक्ष के तर्कों को “निराधार” करार दिया और कहा कि संसदीय प्रक्रिया के तहत ही कार्यवाही चल रही है.
व्यक्तिगत विरोध नहीं – विपक्ष
बहस की शुरुआत करते हुए कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं लाया गया है, बल्कि संसद की गरिमा की रक्षा के लिए लाया गया है. उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव ओम बिरला के खिलाफ व्यक्तिगत रूप से नहीं है, बल्कि सदन की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है. गोगोई ने अपने भाषण में संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसद की कार्यवाही पर शोध होगा, तो आंकड़े यह दिखाएंगे कि रिजिजू ऐसे संसदीय कार्य मंत्री रहे जिन्होंने विपक्षी सदस्यों को सबसे अधिक बार बीच में रोका. प्रस्ताव में कहा गया है कि लोकसभा स्पीकर ने वह निष्पक्ष रवैया बनाए रखना बंद कर दिया है जो सदन के सभी वर्गों का विश्वास बनाए रखने के लिए आवश्यक है. विपक्ष का आरोप है कि स्पीकर ने कई मामलों में विपक्ष के अधिकारों की अनदेखी की और विवादित मुद्दों पर सत्तापक्ष के पक्ष को समर्थन दिया.
Location :
New Delhi,Delhi
First Published :
March 11, 2026, 10:56 IST

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