Physics Class: केले के छिलके पर पैर पड़ते ही फिसल क्यों जाते हैं? जानिए इसके पीछे की साइंस

1 hour ago

नई दिल्ली (Science of Friction). अगर पूरी दुनिया कांच की तरह एकदम चिकनी हो जाए और उस पर ढेर सारा तेल फैला हो? आप चलने की कोशिश करेंगे और धड़ाम! आप कार का ब्रेक मारेंगे, लेकिन वह रुकेगी नहीं. आप पेंसिल से लिखना चाहेंगे मगर वह कागज पर चलेगी ही नहीं. यह कोई जादू नहीं, बल्कि वह दुनिया है जहां से ‘घर्षण’ (Friction) गायब हो गया है. घर्षण वह ‘पकड़’ है जो दो चीजों को आपस में रगड़ने या फिसलने से रोकती है.

आज की फिजिक्स क्लास में हम इसी पकड़ के बारे में जानेंगे. जब बच्चे अपने आस-पास की चीजों को ‘कैसे और क्यों’ के नजरिए से देखते हैं तो वे फैक्ट्स को बेहतर तरीके से सीख पाते हैं. घर्षण यानी फ्रिक्शन वह ताकत है, जो आपको जमीन पर मजबूती से खड़े रहने में मदद करती है. लेकिन यही ताकत कभी-कभी आपको गिरा भी देती है. जानिए कि यह अदृश्य शक्ति कैसे काम करती है और केले का छिलका इस शक्ति को कैसे कमजोर कर देता है.

What is Friction: घर्षण क्या है?

सरल भाषा में कहें तो जब भी दो चीजें एक-दूसरे को छूती हैं तो वे एक-दूसरे को आगे बढ़ने से रोकती हैं. इसी रुकावट को घर्षण कहते हैं. भले ही कोई फर्श या मेज हमें ऊपर से एकदम चिकने लगें लेकिन अगर हम उन्हें बहुत बड़े माइक्रोस्कोप से देखेंगे तो वह ऊबड़-खाबड़ दिखाई देगी. जब आप एक चीज को दूसरी चीज पर चलाते हैं तो इन दोनों सतहों के छोटे-छोटे पहाड़ और गड्ढे एक-दूसरे में फंस जाते हैं. यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे आप अपने दोनों हाथों की उंगलियों को आपस में फंसा लें. इसे ‘इंटर-लॉकिंग’ कहते हैं.

हम जमीन पर फिसलते क्यों नहीं?

जब आप चलते हैं तो आपके जूतों का निचला हिस्सा जमीन को पकड़ता है. जूतों के नीचे जो खांचे बने होते हैं, वे जमीन की खुरदराहट में फंस जाते हैं. यह पकड़ आपको फिसलने नहीं देती. जितना खुरदरा फर्श होगा, उतनी ही अच्छी पकड़ होगी. यही वजह है कि खुरदरी सड़क पर दौड़ना आसान है, लेकिन एकदम गीले या चिकने फर्श पर हम डगमगाने लगते हैं.

केले के छिलके पर क्यों गिर जाते हैं?

केले का छिलका बहुत ही चिकना और थोड़ा गीला होता है. जैसे ही आपका पैर उस पर पड़ता है, वह आपके जूते और जमीन के बीच दीवार जैसा बन जाता है. छिलका इतना चिकना होता है कि वह जूतों को जमीन को पकड़ने ही नहीं देता.. यानी वहां घर्षण (Friction) बहुत कम हो जाता है. पकड़ न होने की वजह से पैर सीधे आगे निकल जाता है और आप पीछे की तरफ गिर जाते हैं.

घर्षण दोस्त भी और दुश्मन भी

दोस्त कैसे है? फ्रिक्शन के बिना हम माचिस नहीं जला सकते, कार नहीं रोक सकते और अपने हाथ से मोबाइल भी नहीं पकड़ सकते. सब कुछ हाथ से फिसल जाएगा! दुश्मन कैसे है? फ्रिक्शन मशीनों को गर्म कर देता है और उन्हें धीरे-धीरे घिस देता है. आपके जूते के तलवे भी इसी घर्षण की वजह से घिसकर सपाट हो जाते हैं.

घर्षण के मजेदार प्रकार

खड़े रहने वाला (Static): जब आप किसी भारी अलमारी को हिलाने की कोशिश करते हैं और वह नहीं हिलती. फिसलने वाला (Sliding): जब आप पार्क में स्लाइड (झूले) पर नीचे फिसलते हैं. लुढ़कने वाला (Rolling): जब आप अपनी साइकिल या स्केटिंग बोर्ड पर चलते हैं. पहियों की वजह से घर्षण सबसे कम हो जाता है, इसीलिए आप बहुत तेज भाग पाते हैं.

घर्षण वह अदृश्य हाथ है जो आपको दुनिया में हर चीज को पकड़ने और चलने में मदद करता है. अगली बार जब जूतों के तलवे देखें तो समझ जाना कि वे  फिसलने से बचाने के लिए ही डिजाइन किए गए हैं!

फ्रिक्शन से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले 5 सवाल (FAQs)

खिलाड़ियों के जूतों में कांटे (Spikes) क्यों होते हैं?

खिलाड़ियों के जूतों में लगे कांटे उन्हें घास या मैदान पर दौड़ते समय जमीन को मजबूती से पकड़ने में मदद करते हैं. ये कांटे फ्रिक्शन बढ़ा देते हैं, जिससे खिलाड़ी तेज मुड़ते समय फिसलते नहीं हैं.

कैरम बोर्ड पर पाउडर क्यों छिड़कते हैं?

पाउडर बोर्ड की खुरदराहट को भर देता है और सतह को एकदम चिकना बना देता है. इससे घर्षण कम हो जाता है और स्ट्राइकर बहुत तेजी से फिसलता है.

क्या बर्फ पर चलना मुश्किल है?

हां, बर्फ बहुत चिकनी होती है और उस पर घर्षण बहुत कम होता है. इसीलिए वहां फिसलने का डर ज्यादा रहता है.

मशीनों में तेल क्यों डालते हैं?

तेल पुर्जों के बीच की रगड़ (घर्षण) को कम करता है. इससे मशीन के हिस्से आपस में टकराकर घिसते नहीं हैं और मशीन स्मूथ चलती है.

घर्षण से गर्मी क्यों पैदा होती है?

जब आप सर्दी में अपनी हथेलियों को आपस में रगड़ते हैं तो अणुओं (Molecules) के बीच की रगड़ ऊर्जा पैदा करती है, जो गर्मी बन जाती है.

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