Last Updated:February 25, 2026, 16:57 IST
Rajasthan Panchayat Elections 2026: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों से जुड़ी दो से अधिक संतान की अनिवार्यता समाप्त करने का फैसला लिया गया. कैबिनेट ने राजस्थान पंचायतीराज संशोधन विधेयक और राजस्थान नगरपालिका संशोधन विधेयक 2026 को मंजूरी दे दी है. अब प्रदेश में दो से ज्यादा बच्चे होने के बावजूद व्यक्ति पंचायत, नगरपालिका और नगर निगम चुनाव लड़ सकेगा. भजनलाल शर्मा की कैबिनेट की ओर से लिए गए इस फैसले पर कांग्रेस के गोविंद सिंह डोटासरा और टीकाराम जूली ने आरोप लगाया कि यह फैसला आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री को खुश करने के लिए लिया गया है.

जयपुर: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की कैबिनेट ने पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों में दो से अधिक संतान की बाध्यता खत्म कर दी है. कैबिनेट ने राजस्थान पंचायतीराज संशोधन बिल और राजस्थान नगरपालिका संशोधन बिल 2026 को मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही राजस्थान में अब दो से ज्यादा बच्चे वाले लोग भी पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव में प्रत्याशी बन पाएंगे.
भजनलाल शर्मा की कैबिनेट के इस फैसले की विपक्षी कांग्रेस ने निंदा की है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने इस फैसले का विरोध करते हुए कहा कि ‘दो बच्चे ही अच्छे’ वाली बात राजस्थान में खत्म हो गई है.
भजनलाल शर्मा की सरकार ने बीजेपी के पूर्व मुख्यमंत्री भैरोसिंह शेखावत के समय लागू दो बच्चों की शर्त को बदलने की तरफ कदम बढ़ा दिए हैं. राजस्थान कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने फैसले पर सरकार को घेरा. डोटासरा ने कहा- ‘अब फैसले जनसंख्या नियंत्रण के आधार पर नहीं, बल्कि आरएसएस के दबाव में हो रहे हैं.’
उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को खुश करने के लिए भजनलाल शर्मा की सरकार ने पंचायत चुनाव के नियम बदले हैं. डोटासरा ने कहा राजस्थान में क्या कानून बनेगा, यह मोहन भागवत और धीरेंद्र शास्त्री जैसे लोग तय कर रहे हैं. एक समुदाय को जनसंख्या नियंत्रण की सलाह और दूसरी ओर दो बच्चों की बंदिश हटाने पर उठाए सवाल.
पीसीसी चीफ ने सरकार से स्पष्ट जनसंख्या नीति बताने की मांग की. डोटासरा ने पूछा क्या सरकार जनसंख्या नियंत्रण नीति पर काम कर रही है या राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के निर्देशों पर. भैरोसिंह शेखावत के फैसले को बदलने की आवश्यकता पर सवाल उठाया. डोटासरा ने आरोप लगाया कि पंचायत और निकाय चुनाव में हार के डर से बीजेपी ने यह फैसला लिया है. चुनाव टालने की मंशा से कानून में बदलाव की कोशिश का आरोप. जनसंख्या नियंत्रण के ठोस कदम उठाने के बजाय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को खुश करने में सरकार व्यस्त होने का आरोप.
जनसंख्या में हम चीन को पीछे छोड़ चुके हैं, फिर भजनलाल सरकार ऐसे फैसले क्यों ले रही: टीकाराम जूली
वहीं राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी सरकार को इस फैसले पर घेरा. जूली ने आरोप लगाया कि सरकार बिना योजना के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के एजेंटों को साधने के लिए ऐसे निर्णय ले रही है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को खुश करने के उद्देश्य से फैसला लेने का आरोप. जूली ने कहा भारत दुनिया का सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश बन चुका है और चीन को भी पीछे छोड़ दिया है. देश के सीमित संसाधनों और मौजूदा परिस्थितियों पर गंभीर मंथन की आवश्यकता है.
जूली ने कहा देश के सामने सबसे बड़ी समस्या जनसंख्या वृद्धि है. सरकार की नीतियां जनसंख्या के दबाव के कारण प्रभावी नहीं हो पा रही. जूली ने कहा आम जनता पहले से ही जागरूक है और एक या दो बच्चों तक सीमित रहने का निर्णय स्वयं ले रही है.
RSS के दबाव में फैसले लेने के आरोपों का राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने किया खंडन
कांग्रेस की तरफ से RSS और कथावाचक बाबा बागेश्वर के दबाव में पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव के नियम बदले जाने पर राज्य के उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने जवाब दिया है. राठौड़ ने कहा कि ये समय की जरूरत है, इसी का ख्याल रखते हुए यह फैसला लिया गया है. उन्होंने कहा कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत या कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री के बयानों से इस फैसले का कोई संबंध नहीं है. अगर हम उनके बयान को ध्यान में रखकर फैसला करते तो तीन बच्चे की भी बात कर सकते थे.
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अभिषेक कुमार News18 की डिजिटल टीम में बतौर एसोसिएट एडिटर काम कर रहे हैं. वे यहां बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तसीगढ़, उत्तराखंड की राजनीति, क्राइम समेत तमाम समसामयिक मुद्दों पर लिखते ...और पढ़ें
Location :
Jaipur,Rajasthan
First Published :
February 25, 2026, 16:57 IST

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