Last Updated:February 17, 2026, 13:08 IST
Supreme Court News: सुप्रीम कोर्ट में देवघर चारा घोटाला केस में लालू प्रसाद यादव की जमानत के खिलाफ CBI की अपील पर आज यानी मंगलवार को सुनवाई हुई. लालू प्रसाद यादव की तरफ से कपिल सिब्बल ने दलीलें रखीं. वहीं, सीबीआई की तरफ से एसवी राजू ने दलीलें दीं. जानिए सुप्रीम कोर्ट में क्या-क्या हुआ?

Supreme Court News: सुप्रीम कोर्ट में देवघर चारा घोटाला केस में आज यानी मंगलवार को सुनवाई हुई. सीबीआई लालू प्रसाद यादव की जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची है. सुप्रीम कोर्ट में लालू प्रसाद यादव की तरफ से सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने दलीलें रखीं. वहीं, सीबीआई की तरफ से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने दलीलें रखीं. लालू प्रसाद यादव की जमानत के खिलाफ CBI की अपील पर दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई अप्रैल तक टाल दी. इस दौरान कपिल सिब्बल ने कोर्ट में ऐसी दलील दी, जिस पर सुप्रीम कोर्ट के जज ने कहा कि आप आपना काम कीजिए और हम अपना काम करते हैं.
दरअसल, देवघर कोषागार का मामला चारा घोटाले से संबंधित है. सुप्रीम कोर्ट में देवघर चारा घोटाला मामले में पूर्व बिहार मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को मिली जमानत के खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई की अपील पर मंगलवार 17 फरवरी को सुनवाई हुई. सीबीआई की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने अदालत से कहा कि सजा निलंबित करने में कानून का गलत इस्तेमाल किया गया है. उन्होंने दलील दी कि, ‘यह कानून का प्रश्न है और इसे लागू किया जाना चाहिए. कानून के उल्लंघन में सजा को निलंबित किया गया है. ऐसा नहीं किया जा सकता. यह अवैध आदेश है.’
कपिल सिब्बल ने क्या दलीलें दीं?
इस पर लालू प्रसाद यादव की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिबल ने कहा कि मामले में एक से अधिक आरोपी हैं और कुछ आरोपियों को अभी नोटिस तक नहीं मिला है, जबकि कुछ ने CBI की अपील पर जवाब दाखिल नहीं किया है. वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि अन्य आरोपी भी हैं. कुछ को नोटिस नहीं मिला है, कुछ ने जवाब दाखिल नहीं किया है। इतनी उत्तेजना की जरूरत नहीं है.’
सुप्रीम कोर्ट ने देवघर चारा घोटाला केस में सुनवाई अप्रैल तक टाल दी.
कपिल सिब्बल को सुप्रीम कोर्ट की नसीहत
इस मामले में सुनवाई करने वाली पीठ ने टिप्पणी करते हुए कहा, ‘हम दोनों (न्यायाधीश) जानते हैं कि यह विशेष अनुमति याचिका क्या है. हमें लगता है कि आप दोनों भी परिणाम जानते हैं. आप अपना काम कीजिए, हम अपना काम करेंगे. हम अपील के निपटारे के लिए तारीख तय कर सकते हैं. हम सभी जानते हैं कि कानून का प्रश्न क्या है. आरोपी 60, 70 और 80 वर्ष की आयु के हैं.’
सीबीआई ने क्या दलील दी?
इसके बाद सीबीआई की ओर से पेश हुए एएसजी राजू ने यह भी कहा, ‘वे सभी अवैध रूप से बाहर हैं. यह जमानत सजा के बाद (पोस्ट-कन्विक्शन) की है.’ अंततः अदालत ने मामले की सुनवाई अप्रैल में तय करते हुए स्थगित कर दी. इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि फाइलें लंबित पड़ी हैं. हम अप्रैल में तारीख देंगे. जिन मामलों में प्रतिवादी की मृत्यु हो चुकी है, उन्हें बंद कर दिया जाएगा.
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First Published :
February 17, 2026, 13:08 IST

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