Last Updated:February 01, 2026, 08:50 IST
UP Board Exam 2026 Guidelines: यूपी बोर्ड परीक्षा 2026 के लिए नई गाइडलाइंस जारी की गई हैं. इसके साथ ही उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने सोशल मीडिया पर रेड अलर्ट भी जारी किया है. इस साल यूपी बोर्ड परीक्षा में नकल रोकने के लिए सख्त इंतजाम किए जा रहे हैं.
UP Board Exam 2026: यूपी बोर्ड परीक्षा केंद्र में नकल रोकने के लिए सख्ती बरती जाएगीनई दिल्ली (UP Board Exam 2026 Guidelines). उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने साल 2026 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं के लिए नई और सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं. इस बार बोर्ड का पूरा फोकस न केवल नकल विहीन परीक्षा कराने पर है, बल्कि परीक्षार्थियों की गरिमा और मानसिक स्वास्थ्य का भी खास ध्यान रखा गया है. सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि ‘परीक्षा की शुचिता’ से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा.
यूपी बोर्ड परीक्षा 2026 के नए नियमों के तहत अब परीक्षा केंद्रों पर तकनीक का पहरा पहले से कहीं ज्यादा सख्त होगा. हर केंद्र पर वॉयस रिकॉर्डर युक्त सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछाया जा रहा है, जिसकी मॉनिटरिंग सीधे जिला और राज्य स्तर के कंट्रोल रूम से की जाएगी. इस सिस्टम को यूपी बोर्ड की तीसरी आंख कहा जा रहा है. साथ ही, जांच के नाम पर स्टूडेंट्स को होने वाली असुविधा को खत्म करने के लिए भी ऐतिहासिक बदलाव किए गए हैं.
जूते-मोजे उतारने का झंझट खत्म, सम्मान के साथ होगी एंट्री
यूपी बोर्ड की परीक्षाओं में अब तक तलाशी के दौरान परीक्षार्थियों के जूते-मोजे उतरवाने की शिकायतें आती रही हैं, जिससे स्टूडेंट्स को काफी असहजता होती थी. 2026 की परीक्षा के लिए जारी निर्देश में इसे पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है. अब छात्रों को जूते-मोजे पहनकर परीक्षा देने की अनुमति होगी. हालांकि, बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि सघन तलाशी की प्रक्रिया परीक्षा केंद्र के मेन गेट पर ही पूरी कर ली जाएगी. इससे क्लास के अंदर किसी भी छात्र को बार-बार डिस्टर्ब नहीं किया जाएगा और उनका समय भी बर्बाद नहीं होगा.
CCTV और वॉयस रिकॉर्डर की ‘अग्निपरीक्षा’
इस बार बहानेबाजी के लिए कोई जगह नहीं छोड़ी गई है. हर परीक्षा केंद्र के लिए वॉयस रिकॉर्डर युक्त सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य कर दिए गए हैं. केंद्र व्यवस्थापकों को हर दिन इन डिवाइस की जांच करनी होगी. अगर कोई कैमरा या रिकॉर्डर खराब पाया जाता है तो इसकी सूचना तुरंत DIOS और कंट्रोल रूम को देनी होगी. इन कैमरों की फुटेज और रिकॉर्डिंग को कम से कम 30 दिनों तक सुरक्षित रखना अनिवार्य होगा. इससे किसी भी विवाद की स्थिति में सबूत पेश किए जा सकेंगे.
AI और स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा
यूपी बोर्ड परीक्षा 2026 में पेपर लीक की घटनाएं रोकने के लिए बोर्ड इस बार AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित कैमरों का सहारा ले रहा है. प्रश्न पत्रों को रखने वाले स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर कम से कम तीन AI इंफ्रारेड कैमरे लगाए जाएंगे. ये कैमरे 24×7 निगरानी करेंगे और बिजली जाने की स्थिति में भी इनके पास अपना पावर बैकअप होगा. अगर स्ट्रांग रूम के आस-पास कोई भी संदिग्ध गतिविधि होती है तो सिस्टम तुरंत अलर्ट जेनरेट करेगा.
सोशल मीडिया पर रेड अलर्ट
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने अपने सोशल मीडिया एक्स अकाउंट पर यूपी बोर्ड परीक्षा 2026 से जुड़ा रेड अलर्ट जारी किया है. यूपी बोर्ड की तरफ से एक्स पर लिखा गया है- परीक्षा से संबंधित अपुष्ट और फर्जी सूचनाएं सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही हैं. स्पष्ट किया जाता है कि यूपी बोर्ड से संबंधित सभी आधिकारिक सूचनाएं केवल ऑफिशियल वेबसाइट https://upmsp.edu.in पर ही उपलब्ध हैं. इसलिए अन्य सोर्सेस से आने वाली खबरों पर यकीन न करें.
छात्राओं की तलाशी के लिए सख्त प्रोटोकॉल
छात्राओं की सुरक्षा और गरिमा का ध्यान रखते हुए बोर्ड ने अलग से सख्त निर्देश दिए हैं. किसी भी छात्रा की तलाशी पुरुष शिक्षक नहीं लेंगे. यह जिम्मेदारी केवल महिला शिक्षिकाओं की होगी. केंद्र व्यवस्थापकों को सख्त हिदायत दी गई है कि परीक्षार्थियों के साथ किसी भी तरह का अभद्र व्यवहार न किया जाए. अनुशासन के साथ-साथ परीक्षा के माहौल को तनावमुक्त रखने की कोशिश की जा रही है. इससे स्टूडेंट्स शांत मन से यूपी बोर्ड परीक्षा 2026 दे पाएंगे.
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First Published :
February 01, 2026, 08:50 IST

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