Last Updated:March 01, 2026, 22:13 IST
नोएडा में हुई यह फूलों की होली भक्ति संस्कृति की जीवंत झलक बनी, जहां फूलों की तरह भक्ति खिली और लोगों के दिल दिव्य आनंद से भर गए. आयोजन का उद्देश्य लोगों को पारंपरिक उत्सवों से जोड़ना और आध्यात्मिक वातावरण में सामूहिक आनंद का अनुभव कराना रहा. उत्सव की शुरुआत भजन और संकीर्तन से हुई, जिसमें भक्तों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया. भगवान के नामों और भक्तिमय धुनों ने पूरे हॉल को भक्तिरस में डुबो दिया. इस दौरान फूलों की बरसात ने पूरे परिसर को रंगों और खुशबू से भर दिया, जिससे उपस्थित लोगों के लिए यह पल बेहद भावुक और यादगार बन गया.

नोएडा. दिल्ली से सटे नोएडा स्थित Vrindavan Chandrodaya Mandir में फूलों की होली का भव्य और आध्यात्मिक उत्सव आयोजित किया गया. नोएडा सेंटर में ओमाया बैंक्वेट हॉल हुए इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, परिवार और कई विशिष्ट अतिथि शामिल हुए. पूरे आयोजन में भक्ति, संस्कृति और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला. फूलों की खुशबू, भजनों की गूंज और भक्तों की उमंग ने माहौल को ऐसा बना दिया मानो वृंदावन की होली सजीव हो उठी हो. आयोजन का उद्देश्य लोगों को पारंपरिक उत्सवों से जोड़ना और आध्यात्मिक वातावरण में सामूहिक आनंद का अनुभव कराना रहा.
उत्सव की शुरुआत भजन और संकीर्तन से हुई, जिसमें भक्तों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया. भगवान के नामों और भक्तिमय धुनों ने पूरे हॉल को भक्तिरस में डुबो दिया. इसके बाद कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण राधा वृंदावन चंद्र और निताई गौरांग के विग्रहों का अभिषेक और पुष्पाभिषेक रहा. विग्रहों को पवित्र पदार्थों से स्नान कराया गया और फिर सुगंधित फूलों की वर्षा की गई. इस दौरान फूलों की बरसात ने पूरे परिसर को रंगों और खुशबू से भर दिया, जिससे उपस्थित लोगों के लिए यह पल बेहद भावुक और यादगार बन गया.
सिर्फ रंगों का त्योहार नहीं
मंदिर के अध्यक्ष Chanchalapathi Dasa ने कहा कि यह होली का त्योहार केवल रंगों का नहीं, बल्कि प्रेम, भक्ति और आपसी सौहार्द का प्रतीक है. ऐसे आयोजन आधुनिक समाज को भारत की प्राचीन आध्यात्मिक परंपराओं से जोड़ने का माध्यम बनते हैं. कार्यक्रम में सेवानिवृत्त मुख्य सचिव आरके तिवारी, संयुक्त आयुक्त राजीव नारायण मिश्रा और एसीपी शक्ति मोहन अवस्थी की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ाया.
कार्यक्रम के अंत में सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद स्वरूप भोजन वितरित किया गया, जिसे वैष्णव परंपरा में सामूहिक सद्भाव और सेवा का प्रतीक माना जाता है. मंदिर प्रतिनिधियों ने बताया कि इस तरह के उत्सवों का उद्देश्य वृंदावन की पवित्र संस्कृति को संरक्षित रखते हुए शहरी समाज तक पहुंचाना है. नोएडा में आयोजित यह फूलों की होली भक्ति संस्कृति की जीवंत झलक बनी, जहां फूलों की तरह भक्ति खिली और लोगों के दिल दिव्य आनंद से भर गए.
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Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu...और पढ़ें
Location :
Noida,Gautam Buddha Nagar,Uttar Pradesh
First Published :
March 01, 2026, 22:13 IST

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