Last Updated:March 02, 2026, 21:34 IST
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब वैश्विक ऊर्जा बाजार पर साफ दिखने लगा है. कतर में एलएनजी उत्पादन रुकने से यूरोप में गैस की कीमतों में भारी उछाल आया है. एक ही दिन में दाम करीब 45 प्रतिशत तक बढ़ गए, जिससे बाजार में हलचल मच गई. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर तनाव जारी रहा तो ऊर्जा संकट और गहरा सकता है.

नई दिल्ली. यूरोप में प्राकृतिक गैस की कीमतों में अचानक बड़ा उछाल देखने को मिला है. खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच कतर में एलएनजी उत्पादन रुकने से बाजार में घबराहट फैल गई. इसका सीधा असर यूरोपीय गैस बाजार पर पड़ा, जहां कीमतें एक ही दिन में करीब 45 प्रतिशत तक चढ़ गईं. ऊर्जा आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता ने निवेशकों और सरकारों दोनों की चिंता बढ़ा दी है.
यूरोप का बेंचमार्क गैस दाम आसमान पर
यूरोप का प्रमुख गैस सूचकांक डच टीटीएफ कॉन्ट्रैक्ट सोमवार को तेजी से उछल गया. कीमतें 46 यूरो प्रति मेगावॉट घंटा से ऊपर पहुंच गईं, जो पहले से 20 प्रतिशत की बढ़त के बाद और ऊपर चली गईं. बाजार में यह तेजी इसलिए आई क्योंकि खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव ने गैस आपूर्ति को लेकर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. यूरोप पहले ही ऊर्जा संकट का सामना कर चुका है, ऐसे में नई बाधा से कीमतों में भारी अस्थिरता देखी जा रही है.
कतर में एलएनजी उत्पादन बंद, सप्लाई पर असर
कतर की सरकारी ऊर्जा कंपनी QatarEnergy ने पुष्टि की है कि उसने अपने एलएनजी उत्पादन को अस्थायी रूप से रोक दिया है. कंपनी के प्रमुख औद्योगिक केंद्र Ras Laffan Industrial City और Mesaieed Industrial City पर सैन्य हमलों के बाद यह फैसला लिया गया. कंपनी ने बयान में कहा कि हालात सामान्य होने तक उत्पादन और संबंधित गतिविधियां बंद रहेंगी. कतर दुनिया के बड़े एलएनजी निर्यातकों में शामिल है, इसलिए इस रुकावट का असर सीधे यूरोप और एशिया के बाजारों पर पड़ सकता है.
सऊदी अरब में भी रिफाइनरी ठप, संकट और गहराया
खाड़ी क्षेत्र में तनाव सिर्फ कतर तक सीमित नहीं है. सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी Saudi Aramco ने भी अपने अहम रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स Ras Tanura Refinery को बंद कर दिया है. बताया जा रहा है कि ड्रोन हमले के बाद एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया गया. यह रिफाइनरी प्रतिदिन करीब 5.5 लाख बैरल तेल प्रोसेस करने की क्षमता रखती है और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में अहम भूमिका निभाती है. इसके अलावा अबू धाबी, दुबई, दोहा, मनामा और ओमान के डुक्म पोर्ट इलाके में भी हमलों की खबरें सामने आई हैं.
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते संघर्ष ने ऊर्जा बाजार को अस्थिर कर दिया है. यदि हालात जल्द सामान्य नहीं हुए तो आने वाले दिनों में गैस और तेल की कीमतों में और उछाल देखने को मिल सकता है, जिसका असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर भी पड़ेगा.
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Rakesh Singh is a chief sub editor with 14 years of experience in media and publication. affairs, Politics and agriculture are area of Interest. Many articles written by Rakesh Singh published in ...और पढ़ें
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New Delhi,Delhi
First Published :
March 02, 2026, 21:34 IST

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